एजेंसी, जम्मू/नई दिल्ली। जम्मू पुल हादसा : जम्मू के बाहरी इलाके बनतालाब के ठठर क्षेत्र में एक पुराने पुल के पुनर्निर्माण के दौरान हुए भीषण हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई। शुक्रवार को पुल का एक हिस्सा गिरने के बाद लगभग 12 घंटे तक चले सघन बचाव अभियान के उपरांत शनिवार सुबह तीन शव मलबे से निकाले गए। इस घटना पर त्वरित कड़ा संज्ञान लेते हुए जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने दो अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
#WATCH बनतालाब(जम्मू): एडिशनल डिप्टी कमिश्नर जम्मू उत्तर शमशेर सिंह ने बताया, “4-5 लोगों के दबने की जानकारी मिली थी। एक शव बरामद हुआ है, एक व्यक्ति को जिंदा बचाया गया है। 2-3 लोग अभी भी दबे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।” https://t.co/jUnEcYifsa pic.twitter.com/Y2YEejJ82L
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 1, 2026
संयुक्त बचाव अभियान और हताहतों का विवरण
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सेना, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला।
रेस्क्यू: मलबे से सबसे पहले तरसेम लाल नामक मजदूर को घायल अवस्था में निकाला गया।
शव बरामदगी: शनिवार सुबह अभियान समाप्त होने तक तीन अन्य मजदूरों के शव बरामद किए गए।
घायल: इस चुनौतीपूर्ण अभियान के दौरान बचाव कार्य में जुटे संभागीय अग्निशमन अधिकारी मोहम्मद जाफर भी एक चट्टान की चपेट में आने से घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है।
प्रशासनिक कार्रवाई और निलंबन
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने आधी रात को घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाते हुए निम्नलिखित आदेश जारी किए:
निलंबन: सहायक कार्यकारी अभियंता (AEE) साहिल वर्मा और कनिष्ठ अभियंता (JE) सज्जाद मीर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
संबद्धीकरण: मुख्य अभियंता को निर्देश दिए गए कि कार्यकारी अभियंता (EE) को भी इस मामले की जांच पूरी होने तक कार्यालय से संबद्ध किया जाए।
जांच समिति: लोक निर्माण विभाग के तकनीकी सचिव पुरुषोत्तम कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो 5 दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
हादसे की पृष्ठभूमि
अधिकारियों के अनुसार, यह पुल पिछले वर्ष आई अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके जीर्णोद्धार और मजबूतीकरण का कार्य चल रहा था, इसी दौरान संरचना का एक हिस्सा ढह गया और वहां कार्य कर रहे मजदूर मलबे के नीचे दब गए। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने पुराने बुनियादी ढांचों के रखरखाव और निर्माण के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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