एजेंसी, मध्य प्रदेश। चुनाव आयोग ने मंगलवार को मध्य प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी। आयोग द्वारा जारी की गई एसआईआर मतदाता सूची में 42.74 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 निर्वाचकों में से 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 निर्वाचकों ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए हैं।
बता दें कि आज केरल और छत्तीसगढ़ की भी एसआईआर मतदाता सूची जारी की जाएंगीं। मसौदा सूची से जो 42 लाख से अधिक नाम काटे गए हैं। उसमें 31.51 लाख मतदाता शिफ्ट हो गए या अनुपस्थित मिले। वहीं 8.46 लाख मतदाता मृत पाए गए। इसके अलावा 2.77 लाख मतदाताओं के एक से अधिक जगहों पर नाम पाए गए। मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि कुछ निर्वाचक ऐसे रहे, जिनसे गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके। इसके पीछे कई कारण रहे। निर्वाचक का अन्य राज्य में पंजीकरण, व्यक्ति का अस्तित्व में न होना, समय सीमा तक प्रपत्र जमा न करना अथवा स्वयं मतदाता का पंजीकरण में रुचि न लेना। इसके अलावा, एक से अधिक स्थानों पर नामांकित पाए गए निर्वाचकों का नाम केवल एक स्थान पर ही रखा जाएगा।
तमिलनाडु-गुजरात में हटाए गए डेढ़ करोड़ से अधिक मतदाता
चुनाव आयोग की तरफ से पिछले सप्ताह जारी की गई ड्राफ्ट सूची में तमिलनाडु और गुजरात के 1.5 करोड से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए। आयोग द्वारा जारी यह सूची राज्यों में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी की गई थी। एक तरफ जहां तमिलनाडु मतदाता सूची से 97.37 लाख नाम हटाए गए है। वहीं दूसरी ओर गुजरात में 73.73 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए है।
कैसा है गुजरात का हाल?
चुनाव आयोग द्वारा गुजरात में जारी ड्राफ्ट सूची में 5.08 करोड़ मतदाताओं में से केवल 4.34 करोड़ को वैध माना गया है। वहीं तमिलनाडु में 6.41 करोड़ मतदाताओं में से केवल 5.43 करोड़ मतदाताओं को वैध्य माना गया है। तमिलनाडु जिला चुनाव कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया में कई जिलों से लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसके तहत कोयंबटूर में करीब 6.50 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए। वहीं डिंडीगुल जिले में 2.34 लाख वोटर हटे, जिससे कुल मतदाता संख्या 19.35 लाख से घटकर 16.09 लाख रह गई।
चेन्नई में हुई सबसे ज्यादा कटौती
बता दें कि चुनाव आयोग के द्वारा जारी ड्राफ्ट सूची का सबसे ज्यादा असर राजधानी चेन्नई में देखने को मिला। यहां यहां 14.25 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए। इसके बाद कुल मतदाता संख्या 40.04 लाख से घटकर 25.79 लाख रह गई। करूर जिले में 79,690 मतदाताओं के नाम हटाए गए। यहां मतदाता संख्या 8.79 लाख से घटकर 8.18 लाख हो गई। साथ ही कांचीपुरम जिले में 2.74 लाख वोटरों के नाम काटे गए।
आयोग ने दो बार डेडलाइन बढ़ाई
बता दें कि इससे पहले निर्वाचन आयोग दो बार मतदाता सूची की डेडलाइन बढ़ा चुका है। विगत 30 नवंबर को चुनाव आयोग ने 12 राज्यों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की डेडलाइन बढ़ाने का एलान किया था। इसके मुताबिक 11 दिसंबर तक पुनरीक्षण चलना था। इसके बाद फिर से डेडलाइन बढ़ाई गई।
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