एजेंसी, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के गेहूं किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बोनस देने का बड़ा फैसला किया है। सरकार ने घोषणा की है कि गेहूं के निर्धारित समर्थन मूल्य दो हजार पांच सौ पचासी रुपये प्रति क्विंटल के साथ अब चालीस रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा। इस निर्णय के बाद अब किसानों से गेहूं की खरीदी कुल दो हजार छह सौ पच्चीस रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।
पंजीयन की अंतिम तिथि में हुआ विस्तार
किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गेहूं उपार्जन के लिए होने वाले पंजीयन की आखिरी तारीख को भी आगे बढ़ा दिया है। पहले पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि सात मार्च तय की गई थी जिसे अब बढ़ाकर दस मार्च कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीदी के लिए सात फरवरी से ही आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। धुलेंडी से लेकर रंगपंचमी तक त्योहारों का समय होने के कारण विभिन्न किसान संगठनों ने समय-सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
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इन स्थानों पर जाकर करा सकते हैं पंजीकरण
इच्छुक किसान अपनी ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या तहसील कार्यालयों में स्थापित किए गए सुविधा केंद्रों पर जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर भी यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
निशुल्क और सशुल्क आवेदन के विकल्प मौजूद
प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए पंजीकरण की निशुल्क और सशुल्क दोनों तरह की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। सहकारी सोसायटियों में जाकर किसान बिना किसी शुल्क के अपना पंजीयन करा सकते हैं। वहीं कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी पर निर्धारित शुल्क का भुगतान कर पंजीकरण कराया जा सकता है। इसके अलावा जो किसान तकनीकी रूप से सक्षम हैं वे मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं।
सर्वर की तकनीकी समस्या से किसान परेशान
हालांकि प्रदेश के कई ग्रामीण अंचलों से यह शिकायतें भी मिल रही हैं कि इंटरनेट सर्वर की धीमी गति के कारण पंजीयन प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है। इस तकनीकी बाधा की वजह से कई किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है जिससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।


