एजेंसी, कालियाबोर (असम)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के काजीरंगा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कालियाबोर–नुमालीगढ़ सेक्शन की 4-लेनिंग परियोजना, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने काजीरंगा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए असम की सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और भाजपा सरकार की नीतियों पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दो वर्ष पहले काजीरंगा में बिताए गए पल उनके जीवन के सबसे खास अनुभवों में शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम और अगली सुबह एलिफेंट सफारी के दौरान उन्होंने इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को बेहद करीब से महसूस किया। उन्होंने कहा कि असम आकर उन्हें हमेशा एक अलग तरह की खुशी मिलती है। यह धरती वीरों की धरती है और हर क्षेत्र में प्रतिभा दिखाने वाले बेटे-बेटियों की भूमि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष वे झुमोइर महोत्सव में शामिल हुए थे और इस बार माघ बिहू के अवसर पर असम आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए लगातार यहां आने से भाजपा सरकार के ‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र को और मजबूती मिली है। राजनीतिक संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भाजपा पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। बीते एक-डेढ़ वर्षों में पार्टी पर देश का भरोसा लगातार बढ़ा है। उन्होंने बिहार चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 वर्षों बाद भी वहां जनता ने भाजपा को रिकॉर्ड वोट और सीटें दी हैं।
इसके साथ ही महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे देश के सबसे बड़े नगर निगम में पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश मिला है। उन्होंने कहा, “जीत मुंबई में हो रही है और जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के सभी चुनाव परिणामों का संदेश साफ है-देश का मतदाता आज गुड गवर्नेंस और विकास चाहता है। वह विकास के साथ-साथ विरासत पर भी फोकस करता है, इसलिए भाजपा को चुनता है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को लगातार नकार रहा है। जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ, वहां आज वह चौथे या पांचवें नंबर की पार्टी बनकर रह गई है। पर्यावरण संरक्षण पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब प्रकृति सुरक्षित होती है, तो उसके साथ अवसर भी पैदा होते हैं। काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है, जिससे होम स्टे, गाइड सेवाओं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को नए रोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने असम सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक समय काजीरंगा में राइनो के शिकार की घटनाएं बड़ी चिंता थीं।
2013-14 में दर्जनों एक सींग वाले राइनो मारे गए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया, वन विभाग को आधुनिक संसाधन दिए और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई। इसका परिणाम यह रहा कि 2025 में राइनो के शिकार की एक भी घटना सामने नहीं आई। नॉर्थ ईस्ट के विकास पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पीड़ा दूरी की रही है-दिलों की दूरी और स्थानों की दूरी। दशकों तक यहां के लोगों को लगता रहा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने इस भावना को बदला और नॉर्थ ईस्ट के विकास को प्राथमिकता दी। रोडवेज, रेलवे, एयरवेज और वाटरवेज के जरिए असम को देश से जोड़ने का काम तेज़ी से किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में असम को जहां लगभग 2000 करोड़ रुपये का रेल बजट मिलता था, वहीं भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देंगी।
ये भी पड़े : एआर रहमान का सांप्रदायिक भेदभाव वाले बयान पर यू-टर्न…. इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं
प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगूर को दी बड़ी सौगात : कहा- सभी केंद्रीय परियोजनाएं बंगाल के विकास में लाएंगी तेजी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल में 830 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया और कोलकाता को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली तीन अमृत भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हुगली जिले के सिंगूर में आयोजित समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने जयरामबती-बारोगोपीनाथपुर-मयनापुर रेल लाइन का भी उद्घाटन किया और मयनापुर और जयरामबती के बीच चलने वाली एक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सभी केंद्रीय परियोजनाएं पश्चिम बंगाल के विकास में तेजी लाएंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वी भारत के विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मोदी ने हुगली जिले के बालागढ़ में अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्ल्यूटी) टर्मिनल और एक रोड ओवरब्रिज समेत विस्तारित ‘पोर्ट गेट सिस्टम’ की आधारशिला रखी। लगभग 900 एकड़ भूमि में फैला बालागढ़ एक आधुनिक माल ढुलाई टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित क्षमता लगभग 2.7 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है। बालागढ़ परियोजना का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले गलियारों से जहाजों की आवाजाही का मार्ग परिवर्तित कर माल निकासी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार करना है।
मोदी ने कोलकाता को नयी दिल्ली, वाराणसी और चेन्नई से जोड़ने वाली तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये ट्रेन हावड़ा-आनंद विहार टर्मिनल, सियालदह-बनारस और संतरागाछी-तांबरम मार्गों पर चलेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “केंद्र सरकार द्वारा बीते 11 वर्षों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की कैपेसिटी एक्सपेंशन पर बहुत बड़ा निवेश किया गया है। इस पोर्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सागर माला स्कीम के तहत भी सड़क बनाई गई हैं। इसका परिणाम हम सब देख सकते हैं। बीते वर्ष कोलकाता पोर्ट ने कार्गो हैंडलिंग के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। बालागढ़ में बनने वाला एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम हुगली और आसपास के इलाकों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। इससे कोलकाता शहर में ट्रैफिक और लॉजिस्टिक का दबाव कम होगा। गंगा जी पर जो जलमार्ग बना है, उससे कार्गो मूवमेंट और बढ़ेगा। आज भारत में हम मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी पर बहुत बल दे रहे हैं। बाधारहित ट्रांसपोर्टेशन संभव हो सके। इसके लिए पोर्ट, नदी जलमार्ग, हाइवे और एयरपोर्ट इन सभी को आपस में कनेक्ट किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि हाइब्रिड इलेक्ट्रिक नौकाएं नदी परिवहन और हरित परिवहन को मजबूत करेंगी, जिससे हुगली नदी पर यात्रा आसान होगी, प्रदूषण कम होगा और नदी आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। भारत मत्स्य पालन और समुद्री खाद्य उत्पादन एवं निर्यात में तेजी से प्रगति कर रहा है।


