एजेंसी, भोपाल। कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत : मध्य प्रदेश की राजधानी में पुलिस द्वारा प्रदेश कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने इस कार्रवाई को पूरी तरह गैरकानूनी करार दिया है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो वे मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर बेंच में इस गिरफ्तारी को चुनौती देंगे।
एमपी हाई कोर्ट जबलपुर के माननीय चीफ जस्टिस के समक्ष इस गेर कानूनी गिरिफ्तारी और प्रक्रिया को चुनौती देगें। राजस्थान पुलिस के नाम से एमपी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को इस तरह से डिटेन करना आपत्ति जनक है। @jitupatwari @UmangSinghar @Barmer_Harish @RahulGandhi @IYC @mitendradsingh ३/३
— Vivek Tankha (@VTankha) April 21, 2026
फर्जी पत्र साझा करने का है आरोप
पूरा मामला भारतीय जनता पार्टी की एक वरिष्ठ नेता के नाम से वायरल हुए एक पत्र से जुड़ा है। आरोप है कि कांग्रेस आईटी सेल के कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर इस पत्र को साझा किया था, जिसे भाजपा ने ‘फर्जी’ करार दिया है। हालांकि, पुलिस ने अब तक इन कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। विवेक तन्खा का दावा है कि साइबर पुलिस ने पिछले 27 घंटों से इन युवाओं को बिना किसी ठोस कारण के बैठा रखा है।
विवेक तन्खा ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
तन्खा ने सोशल मीडिया पर तर्क दिया कि जिस पोस्ट या ट्वीट को आधार बनाया जा रहा है, वह 15-16 अप्रैल से ही लाखों लोगों के बीच चर्चा में था। भाजपा नेता ने इसे 18 अप्रैल को फर्जी बताया, जबकि लोग इसे पहले ही सार्वजनिक रूप से देख चुके थे। उन्होंने सवाल उठाया कि राजस्थान पुलिस के नाम पर मध्य प्रदेश के कार्यकर्ताओं को इस तरह उठाना नियमों का उल्लंघन है। तन्खा ने कहा कि वे इस ‘अवैध’ प्रक्रिया के खिलाफ मुख्य न्यायाधीश के समक्ष मामला ले जाएंगे।
भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल को ‘झूठ का अड्डा’ बताया है। भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि पार्टी नेताओं के नाम पर फर्जी और कूट रचित पत्र फैलाना कांग्रेस की गिरती हुई राजनीति का प्रमाण है। उन्होंने इसे एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए कहा कि कांग्रेस ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने मांग की है कि कांग्रेस इस फर्जी पोस्ट को तुरंत हटाए और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगे।
कानूनी मोर्चे पर बढ़ी हलचल
इस घटना के बाद भोपाल से लेकर जबलपुर तक कानूनी और राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बता रही है, वहीं सत्ता पक्ष इसे फेक न्यूज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करार दे रहा है। अब सभी की निगाहें 14 मई को होने वाली संभावित अदालती कार्रवाई और पुलिस के अगले कदम पर टिकी हैं।
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