कजरी तीज का व्रत कब रखा जाएगा? तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री लिस्ट

धर्म-आस्था

प्रत्येक भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को कजरी तीज मनाया जाता है। इसे कज्जली तीज के नाम से भी जाना जाता है। कजली या कजरी का अर्थ काले रंग से है। इस दौरान आसमान में काली घटाएं छायी रहती हैं, इसीलिए भाद्रपद महीने की तृतीया को कज्जली तीज के रूप में मनाया जाता है। इस दिन श्री विष्णु की पूजा की जाती है। मान्यताओं में इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के भवानी स्वरूप की भी पूजा की जाती है। साथ ही कजरी तीज केदिन व्रत करने का भी विधान है। इस दिन महिलाएं अपने सुहाग के लिए व्रत करती हैं, जबकि कन्याएं मनाचाहा वर पाने के लिए कजरी तीज के दिन उपवास रखती हैं। कजरी तीजे के दिन सारे दिन व्रत रहकर कर शाम को चंद्रोदय होने पर ही इस व्रत का पारण किया जाता है।

कजरी तीज व्रत 2024 पूजा शुभ मुहूर्त और तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 21 अगस्त 2024 को शाम 5 बजकर 6 मिनट से होगा। तृतीया तिथि समाप्त 22 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 46 पर होगी। इस साल कजरी तीज का व्रत 22 अगस्त 2024, गुरुवार को रखा जाएगा। 22 अगस्त को चंद्रोदय रात 8 बजकर 20 मिनट पर होगा।

कजरी तीज पूजा सामग्री लिस्ट
दीपक, घी, तेल, कपूर, अगरबत्ती, पीला वस्त्र, हल्दी, चंदन, श्रीफल,गाय का दूध, गंगाजल, दही, मिश्री, शहद, पंचामृत, कच्चा सूता, नए वस्त्र, केला के पत्ते, बेलपत्र, शमी के पत्ते, जनेऊ, जटा नारियल, सुपारी, कलश, भांग, धतूरा, दूर्वा घास आदि पूजा सामग्रियां। माता पार्वती के लिए हरे रंग की साड़ी, चुनरी, बिंदी, चूडियां, कुमकुम, कंघी, बिछुआ, सिंदूर और मेहंदी आदि सुहाग की चीजें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। stpv.live एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।

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