आगामी 31 मई को मध्य प्रदेश में सम्पन्न होने जा रहे महिला सम्मेलन पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। उसके कई कारण हैं, पहला ये कि उक्त कार्यक्रम में देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आने की संभावनाएं बन रही हैं। हालांकि उनके आगमन को लेकर जिस स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं, उन्हें देखकर तो यही लगता है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा प्रधान मंत्री को निमंत्रण दिया जाना केवल औपचारिकता भर का निर्वहन ही है। बताया तो ये जा रहा है कि अंदरखाने उनके मध्य प्रदेश आगमन की रजामंदी प्रदेश सरकार को मिल गई है। यदि ऐन वक्त पर कोई अपरिहार्य कारण पैदा न हुए तो ये मानकर चला जा रहा है कि श्री मोदी भोपाल के जम्बूरी मैदान में सम्पन्न होने जा रहे महिला सम्मेलन में शामिल होने के लिए आ ही रहे हैं। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो इसे प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव की बड़ी कामयाबी ही माना जाएगा। क्यों कि मध्य प्रदेश एक ऐसा सूबा बन गया है, जहां पर श्री मोदी किसी न किसी आयोजन में भाग लेने के लिए आते ही रहते हैं। इससे ये जाहिर होता है कि श्री यादव दिल्ली की मित्र सूची में असाधारण स्थान प्राप्त कर चुके हैं। जाहिर है इसका लाभ मध्य प्रदेश की जनता को ही मिलने वाला है। जैसे कि पुराने अनुभव बताते हैं, श्री मोदी जहां भी जाते हैं वहां पर पुराने कार्यों की पूर्णता तो सुनिश्चित करते ही हैं, नए विकास कार्यों के लिए आर्थिक सौगातों के ऐलान भी करते जाते हैं। मतलब साफ है , एक बार फिर जब देश के प्रधान मंत्री मध्य प्रदेश आ रहे हैं तो यहां की जनता को नए विकास कार्यों के लिए भारी भरकम आर्थिक पैकेल मिलने जा रहा है।दूसरी बात ये कि महिला सम्मेलन उन शाब्दिक गलत बयानियों का जवाब भी है जो सरकार के मंंत्रियों द्वारा की गईं, जिनका विपक्ष ने भरपूर लाभ उठाया और मोहन यादव सरकार के सामने अनेक परेशानियां पैदा करने के जी तोड़ प्रयास किए गए। ये बात और है कि डॉ मोहन यादव की कुशल कार्य प्रणाली के चलते विपक्ष को उतनी सफलता नहीं मिली जितनी वो सोच कर बैठा हुआ था। इस महिला सम्मेलन को मंत्रियों की गलत बयानी का जवाब इसलिए भी कहा जा रहा है, क्यों कि महिलाओं के सम्मान को लेकर भाजपा और उसकी सरकार की छवि को बिगाड़ने के जो सियासी प्रयास हुए, महिला सम्मेलन की कमान उन्हीं महिलाओं के हाथ में सौंपे जाने की तैयारियां सत्ता और संगठन द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। संभावनाएं दिखाई दे रही हैं कि उक्त कार्यक्रम की मंच व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, स्वागत व्यवस्था आदि दायित्व महिलाओं को ही सौंपे जाने के निर्णय लिए जा चुके हैं। ये एक प्रकार से प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अति महत्वाकांक्षी लक्ष्य ऑपरेशन सिंदूर को ताकत देने वाला आयोजन भी साबित होने जा रहा है। जैसी कि अपेक्षा है, कार्यक्रम की सफलता पर भाजपा और उसकी सरकार की छवि पर छाया आंशिक कोहरा तो साफ होगा ही श्री मोदी की प्रसन्नता भी मध्य प्रदेश के लिए वरदान साबित होने जा रही है। जैसा कि सर्व विदित ही है अभी जब ये लेख लि खा जा रहा है तब मुख्य मंत्री मोहन यादव दिल्ली में बने हुए हैं और वे प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी से अलग से भेंट करके उन्हें विधिवत मध्य प्रदेश आगमन का निमंत्रण भेंट कर रहे हैं। ज्ञात ही है कि श्री यादव उस बैठक का हिस्सा बने जो देश भर के राज्यों से आए मुख्य मंत्रियों के लिए आहूत की गई थी। सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि वहां रहकर भी प्रदेश के सीएम श्री यादव महिला सम्मेलन की तैयारियों के अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। यानि कि ये कार्यक्रम केवल औपचारिकता न होकर बेहद महत्वाकांक्षी आयोजन सिद्ध होने जा रहा है।यहां स्पष्ट कर दें कि मंत्री विजय शाह हमारे देश की एक महिला सैन्य अधिकारी को लेकर आपत्तिजनक बयानबाजी कर चुके हैं। जिसे लेकर विपक्ष तो हमलावर है ही देशवासियों के मन में भी आक्रोश बैठा हुआ है। उस पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की जुबान ने भी फिसलकर आंशिक परेशानियां तो पैदा की हैं। पूरी संभावना है कि भाजपा और उसकी सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महिला सम्मेलन के माध्यम से माहौल को अनुकूल बनाने में कामयाब होने जा रहे हैं।


