ऑपरेशन सिंदूर : प्रधानमत्री मोदी ने की मंत्रिमंडल की बैठक में सशस्त्र बलों की तारीफ, कहा- देश के लिए गर्व की बात

नई दिल्ली राष्ट्रीय राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों पर लक्षित हमले करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाए जाने के कुछ घंटे बाद बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। सूत्रों का कहना है कि जैसे ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में कैबिनेट को जानकारी दी, पूरे मंत्रिमंडल ने मेजें थपथपाकर इस कार्रवाई और प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की। समझा जाता है कि मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी अलग से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार एवं बुधवार की दरमियानी रात पाकिस्तान एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ये सैन्य हमले किए गए। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 भारतीय नागरिकों की जान गई थी। मंत्रिमंडल की बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री मोदी को स्थिति से अवगत कराया।

प्रधानमंत्री मोदी ने चुना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम… फिर चूर किया पाकिस्तान का गूरूर
पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर भारतीय सशस्त्र बलों के हमले का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुना। सूत्रों ने कहा कि आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी जिनमें सभी पुरुष थे और अनेक मृतकों की पीड़ित पत्नियों को ध्यान में रखते हुए जवाबी अभियान के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम सबसे मुफ़ीद समझा गया। गत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 26 नागरिकों के नरसंहार के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ये सैन्य हमले किए गए।

चकनाचूर हुआ पाकिस्तान का गुरूर

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद बिहार की एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। हमले के बाद से भारत सरकार और सेनाएं लगातार तैयारी में जुटी थीं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई दौर की बैठकें हुईं। पीएम मोदी ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ चर्चा की। अब भारत की तीनों सेनाओं ने संयुक्त ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी शिविरों पर हवाई हमले किए, जिससे पाकिस्तान का घमंड पूरी तरह चकनाचूर हो गया है।

बिहार की धरती से प्रधानमंत्री ने किया था ऐलान

पीएम मोदी ने बिहार की धरती से कहा था कि इस आतंकी हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई, किसी ने अपना जीवनसाथी। उनमें कोई बांग्ला बोलता था, कोई कन्नड़, कोई मराठी, कोई उड़िया, कोई गुजराती, तो कोई बिहार का लाल था। आज उनकी मृत्यु पर करगिल से कन्याकुमारी तक हमारा दुख एक समान है, हमारा आक्रोश एक समान है। यह हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं, बल्कि देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने की हिमाकत की है।

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