एजेंसी, मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश में जारी एसआईआर कार्य की धीमी गति को लेकर 7 ज़िलों के कलेक्टरों को कड़ी फटकार मिली है। रविवार को दिल्ली से चुनाव आयोग की मध्यप्रदेश प्रभारी तथा निदेशक शुभ्रा सक्सेना और सचिव विनोद कुमार ने वर्चुअल बैठक आयोजित की जिसमें प्रदेश के सभी ज़िलों के कलेक्टर जुड़े। इस बैठक में भोपाल सहित 7 ज़िलों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टरों को निर्देश दिया गया कि डिजिटाइजेशन का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
भोपाल सहित इन ज़िलों के कलेक्टरों को लगी फटकार
जानकारी मिली है कि एसआईआर प्रगति की वर्चुअल समीक्षा के दौरान सबसे पहले शहडोल ज़िले की कमजोर कार्यप्रदर्शन को देखते हुए कलेक्टर केदार सिंह को डांट सुननी पड़ी। इसके बाद भोपाल, इंदौर, गुना, भिंड, उमरिया और अनूपपुर ज़िलों के कलेक्टरों को भी धीमी प्रगति रिपोर्ट के चलते चुनाव आयोग की प्रभारी निदेशक शुभ्रा सक्सेना और सचिव विनोद कुमार की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
डिजिटाइजेशन कार्य समय पर पूरा करने का लक्ष्य
आयोग की ओर से अधिकारियों ने इन ज़िलों के कलेक्टरों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि ट्राइबल और अर्बन क्षेत्र का बहाना बनाकर कार्य में देरी करना उचित नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी। डिजिटाइजेशन का काम तय अवधि के भीतर पूरा होना चाहिए। जो भी यह कह रहे हैं कि ट्राइबल इलाकों या अन्य कारणों से कार्य प्रभावित हो रहा है, वे यह ध्यान रखें कि समय–सीमा क्या है और उसी निर्धारित सीमा में कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है।


