नई दिल्ली। एनसीपी को लेकर चल रही अजीत पवार और शरद पवार के बीच की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। अजीत पवार गुट को चुनाव आयोग ने असली एनसीपी का दर्जा दिया था। शरद पवार ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर अजीत पवार गुट को भी तलब किया है।
चुनाव आयोग का आदेश जारी रहेगा- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग ने 7 फरवरी को जो आदेश दिया है, वह अभी जारी रहेगा। शरद पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार के नाम का इस्तेमाल कर सकते हैं। चुनाव आयोग के पास शरद पवार पार्टी के नए चिह्न के आवंटन के लिए जा सकते हैं।
शरद परवार की राजनीति खत्म करना चाहता है अजीत गुट
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी- शरदचंद्र पवार प्रमुख शरद पवार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर पार्टी नेता जीतेंद्र अव्हाड़ ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट बिल्कुल स्पष्ट था कि वे इस देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना चाहते थे। दसवीं अनुसूची स्पष्ट रूप से कहती है कि जब तक आप किसी राजनीतिक दल में विलय नहीं कर लेते, तब तक आपकी स्वतंत्र पहचान नहीं हो सकती। मेरे अनुसार अजीत पवार का खेमा शरद पवार को नष्ट और ध्वस्त करना चाहता है। वे शरद पवार को महाराष्ट्र की राजनीति से उखाड़ फेंकना चाहते हैं।


