एजेंसी, इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीले पानी से हो रही मौतों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को दूषित जल के कारण 21वीं मौत दर्ज की गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ताज़ा मामले में ‘फर्जी वाली गली’ की रहने वाली 49 वर्षीय सुनीता वर्मा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
किडनी डैमेज बनी मौत की वजह
सुनीता वर्मा को पिछले 7 जनवरी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, दूषित पानी पीने के कारण उनकी किडनी गंभीर रूप से डैमेज हो गई थी। लगातार गिरते स्वास्थ्य के बाद शनिवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को महिला के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट सामने आएगी।
45 मरीज अब भी भर्ती
हालांकि प्रशासन का दावा है कि नए मरीजों की संख्या में कमी आई है, लेकिन अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। अब तक 414 मरीज अस्पताल पहुँच चुके हैं। 369 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है।
4 वेंटिलेटर पर
वर्तमान में 45 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 11 मरीज आईसीयू में जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। 4 मरीज पिछले एक हफ्ते से वेंटिलेटर पर हैं। ये सभी बुजुर्ग हैं और ‘मल्टी ऑर्गन फेल्योर’ जैसी जटिलताओं से जूझ रहे हैं।
क्या संक्रमण कम हो रहा है?
शुक्रवार को डायरिया के 15 नए मरीज ओपीडी में पहुंचे, जिनमें से केवल 2 को भर्ती करने की आवश्यकता पड़ी। डॉक्टरों की एक विशेष टीम गंभीर मरीजों की 24 घंटे निगरानी कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो मरीज पहले से ही अन्य बीमारियों से ग्रसित थे, उन पर इस संक्रमण का असर सबसे ज्यादा और जानलेवा देखा गया है।
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