एजेंसी, इंफाल। मणिपुर के उखरुल जिले के व्यावसायिक कस्बे लितान में तनाव बना हुआ है। हालांकि भारी सुरक्षा तैनाती के बीच फिलहाल माहौल शांत है। पुलिस के अनुसार, तांगखुल नागा और कुकी समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद लितान और उससे सटे मंगकोट गांव में बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन जारी है।
रविवार देर रात करीब 11:30 बजे लितान बाजार में हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान उपद्रवियों ने स्वचालित हथियारों और राइफलों से गोलीबारी भी की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। हिंसा में 25 घर और चार सरकारी क्वार्टर जलकर खाक हो गए हैं। हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी की शाम लितान सरेइखोंग में हुए एक शराब के नशे में झगड़े से हुई, जिसमें तांगखुल नगा समुदाय के स्टर्लिंग नामक व्यक्ति के साथ कथित रूप से मारपीट हुई थी। बाद में उसे इलाज के लिए इंफाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। उखरुल के जिला मजिस्ट्रेट ने लितान में कर्फ्यू लगा दिया है।
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तनाव बढ़ने की आशंका के बीच लोगों ने बिना किसी संगठित पुलिस निकासी के अपने स्तर पर ही घर छोड़ना शुरू कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि लितान थाना पुलिस ने लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की और कानून-व्यवस्था बनाए रखी। प्रभावित क्षेत्रों में बीएसएफ, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है, जबकि अतिरिक्त सुरक्षा बल भी भेजे गए हैं। इंफाल से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित लितान एक छोटा व्यावसायिक कस्बा है, जहां तांगखुल नागा और कुकी दोनों समुदाय रहते हैं और यह आसपास के गांवों के लिए व्यापारिक केंद्र के रूप में काम करता है। मिश्रित आबादी और बाजार व आवासीय क्षेत्रों की नजदीकी के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है। सुरक्षा बल तैनात हैं और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
डिप्टी सीएम लोसी डिखो पहुंचे लितान
मणिपुर के उप-मुख्यमंत्री लोसी डिखो, जो एक नगा नेता भी हैं, रविवार से ही अशांत इलाके में डेरा डाले हुए हैं और तनाव को कम करने में मदद के लिए स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर रहे हैं। लोसी डिखो ने वरिष्ठ भाजपा नेता एल न्यूमई की मौजूदगी में अपने लैम्फेल घर पर फुटहिल्स नगा कोऑर्डिनेटिंग कमेटी और जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल के नेताओं के साथ बैठक भी की.


