इंटेलिजेंस एजेंसियों की जांच में बड़ा खुलासा, पहलगाम हमले में 2 लोकल और 3 पाकिस्तानी आतंकी शामिल

जम्मू-कश्मीर नई दिल्ली राष्ट्रीय राष्ट्रीय

एजेन्सी, नई दिल्ली/श्रीनगर| जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हमले में पांच आतंकी शामिल थे, जिनमें दो स्थानीय और तीन विदेशी (पाकिस्तानी) नागरिक बताए जा रहे हैं. हमले की ज़िम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली है. शुरुआती जांच में पता चला है कि हमले में 5 आतंकी शामिल थे. इनमें से दो लोकल और 3 पाकिस्तानी आतंकी थे.

हमले की जाँच में तेजी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच में सहयोग के लिए स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाया है. इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सैकड़ों संदिग्धों से पूछताछ की है और कई को हिरासत में भी लिया गया है. इंटेलिजेंस एजेंसियों ने जिन संदिग्ध आतंकियों के नाम सामने लाए हैं, उनमें आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबु तल्हा प्रमुख हैं. इनके स्केच भी सार्वजनिक किए गए हैं.

हमले के मास्टरमाइंड का नाम आया सामने

सूत्रों के मुताबिक, इस हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह खालिद है, जो लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ माना जाता है. वह पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में रावलकोट से संगठन का संचालन करता है. खुफिया एजेंसियों का कहना है कि वह काफी समय से सक्रिय है और पहले भी ऐसे हमलों की धमकी दे चुका है.

हमले में अब तक 27 लोगों की मौत

इस हमले में अब तक 27 लोगों की जान चली गई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं. मृतकों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा से आए पर्यटक शामिल हैं. इसके अलावा नेपाल और यूएई के नागरिकों के भी मारे जाने की पुष्टि हुई है.

दिल्ली और श्रीनगर में उच्च स्तरीय बैठकें

हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक की, वहीं श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कैबिनेट के साथ सुरक्षा पर समीक्षा की. दोनों स्तरों पर इस घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई गई और सुरक्षा रणनीति को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए.

पड़ोसी देश की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस हमले में पाकिस्तान के शामिल होने से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि यह हमला “भारत के आंतरिक हालात” का परिणाम है. हालांकि, भारत की खुफिया एजेंसियां इस बयान को नकारते हुए कह रही हैं कि यह स्पष्ट रूप से सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधि है.

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