इतिहास में पहली बार चांद के इतने करीब पहुंचे इंसान : आर्टेमिस-2 ने तोड़ा अपोलो-13 का सबसे लंबी दूरी का रिकॉर्ड

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एजेंसी, ह्यूस्टन। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के आर्टेमिस-2 अभियान ने अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। इस मिशन पर निकले यात्रियों ने चंद्रमा के उस पिछले हिस्से के बेहद करीब से दर्शन किए जो अब तक दुनिया की नजरों से ओझल था। सोमवार रात को चंद्रमा के पिछले हिस्से से गुजरते हुए इन यात्रियों ने इंसान द्वारा चांद से सबसे अधिक दूरी तय करने का पिछला रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। लगभग सात घंटों का यह रोमांचक सफर इस पूरे अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

नया कीर्तिमान और अपोलो का रिकॉर्ड

दशकों पुराने अपोलो प्रोग्राम के बाद यह पहली बार है जब नासा ने इंसानों को फिर से चंद्रमा की कक्षा में भेजा है। इस दल में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई यात्री शामिल हैं। इस मिशन की सफलता का बड़ा मकसद अगले दो सालों के भीतर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर मानव कदम रखना है। आर्टेमिस-2 ने साल 1970 के मशहूर अपोलो 13 मिशन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। उस समय अपोलो 13 ने 4,00,171 किलोमीटर की दूरी तय की थी, लेकिन अब आर्टेमिस-2 उससे भी आगे निकल गया है।

चाँद के गड्ढों को दिया नया नाम

कनाडाई यात्री जेरेमी हैनसेन ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बिना किसी मशीन की मदद के अपनी आँखों से चांद का ऐसा नजारा देखना रोंगटे खड़े कर देने वाला अहसास है। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने यात्रियों ने चांद पर दिखे दो नए गड्ढों के नामकरण की इच्छा भी जताई। उन्होंने एक गड्ढे का नाम अपने कैप्सूल के सम्मान में ‘इंटेग्रिटी’ और दूसरे का नाम कमांडर रीड वाइजमैन की दिवंगत पत्नी की याद में ‘कैरल’ रखने का सुझाव दिया। अपनी पत्नी को याद कर कमांडर वाइजमैन भावुक हो गए, जिसके बाद साथियों ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया।

एक ही फ्रेम में दिखी पृथ्वी और चांद की खूबसूरती

अंतरिक्ष यात्रियों ने बताया कि उन्होंने अपने कैमरों में एक ऐसा अद्भुत दृश्य कैद किया जिसमें पृथ्वी और चंद्रमा दोनों एक साथ नजर आ रहे थे। वे लगातार ह्यूस्टन स्थित कंट्रोल सेंटर को वहां की ताजा जानकारी भेज रहे थे। पायलट विक्टर ग्लोवर ने अनुभव साझा किया कि चांद की कुछ चोटियां इतनी ज्यादा चमक रही थीं जैसे वहां बर्फ की चादर बिछी हो। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित तरीके से पृथ्वी की ओर अपनी वापसी की यात्रा शुरू कर चुके हैं।

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