आम आदमी पार्टी के सीनियर किसान नेता राजू करपड़ा ने सभी पदों से दिया इस्तीफा : सोशल मीडिया पर अपने फैसले की घोषणा की

आम आदमी पार्टी के सीनियर किसान नेता राजू करपड़ा ने सभी पदों से दिया इस्तीफा : सोशल मीडिया पर अपने फैसले की घोषणा की

गुजरात देश/प्रदेश राष्ट्रीय

एजेंसी, अहमदाबाद। गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। सीनियर किसान नेता राजू करपड़ा ने गुजरात में आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, जो राज्य में पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। पार्टी नेताओं ने राज्य सरकार के राजनीतिक दबाव का हवाला दिया क्योंकि किसान नेता ने हद्दाद आंदोलन के दौरान 100 से ज़्यादा दिन जेल में बिताए थे। आप के किसान मोर्चा का नेतृत्व करने वाले और गुजरात किसान सेल के अध्यक्ष रहे करपड़ा ने सोशल मीडिया पर अपने फैसले की घोषणा की, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें लगने लगीं।

सभी पदों से दिया इस्तीफा
बुधवार को जारी अपने बयान में करपड़ा ने लिखा कि मैं आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं। मेरा फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है। मैंने अपने परिवार के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करने के लिए खास प्राथमिकता और समय दिया, लेकिन किस्मत ने मेरा साथ सिर्फ इसी समय तक के लिए लिखा था।

दिल से मांगी माफी
उन्होंने आगे लिखा, ‘अगर मैंने जाने-अनजाने में किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, तो मैं दिल से माफी मांगता हूं। मैं आम आदमी पार्टी के नेशनल और स्टेट लीडरशिप के साथ-साथ अपने सभी साथियों और किसान दोस्तों का उनके प्यार और सपोर्ट के लिए दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।

जानें कौन है राजू करपड़ा
करपड़ा 2021-22 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे और उन्होंने 2022 का गुजरात विधानसभा चुनाव चोटिला सीट से लड़ा था। वे सुरेंद्रनगर, बोटाद और आस-पास के जिलों में किसानों की एक अहम आवाज बनकर उभरे, और किसानों के अधिकारों और खेती-बाड़ी में सुधारों के लिए समर्थन जुटाने में अहम भूमिका निभाई।

ये भी पढ़े : नेपाल के रामेछाप में तामाकोशी नदी में गिरी बस : 12 यात्रियों की मौत, आठ घायल

किसानों के लिए उठाई थी आवाज
उनका इस्तीफा पिछले साल अक्टूबर में हुए आंदोलन के बाद आया है, जिसके दौरान हजारों किसान बोटाद जिले के हदादाद गाँव में इकट्ठा हुए थे और उन्होंने लोकल एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटियों में कपास व्यापारियों द्वारा कथित तौर पर गलत तौल के तरीकों का विरोध किया था।

अनशन की तैया​री के बीच पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने दावा किया कि यह जमावड़ा बिना इजाजत के किया गया था और तनाव बढ़ गया। इसके कारण करपड़ा और आम आदमी पार्टी के साथी नेता प्रवीण राम समेत 85 लोगों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गईं। दोनों को 16 अक्टूबर को किसानों के लिए न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन की तैयारी करते समय गिरफ़्तार किया गया था और लगभग चार महीने बाद, 29 जनवरी को जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply