आदिवासी सम्मेलन में कमलनाथ बोले- अभी तो मैं जवान हूं

प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

इंदौर| इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में रविवार को आदिवासी युवा महापंचायत का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कमलनाथ के साथ राज्यसभा सदस्य व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार मौजूद रहे। कमलनाथ ने जय जोहार से अपने भाषण की शुरुआत की। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा कि अभी मैं बूढ़ा नहीं, जवान हूं। कन्‍हैया कुमार ने कहा कि दोनों गृहमंत्री आज इंदौर में हैं। अगर मैं गलत हूं तो हमें जेल में डालें। बिना मतलब के बयान देकर लोगों को गुमराह न करें। आदिवासी युवा महापंचायत को संबोधित करते हुए कलमनाथ ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैंने आदिवासियों के साथ काम करने का मुझे मौका मिला। शिवराज पर निशाना साधते हुए कमलनाथ ने कहा कि मैं उस जिले से आता हूं, जिसकी आदिवासी आबादी आपके (शिवराज) जिले से भी अधिक है। आप जाकर इंटरनेट में देखिए छिंदवाड़ा जिले के आदिवासियों की संख्या कितनी है।

कार्यक्रम में कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, कन्हैया कुमार और शोभा ओझा ने महिलाओं के सवाल के जवाब दिए। स्किल और ट्रेनिंग के सवाल पर जवाब देते हुए कमलनाथ ने कहा कि जब भी मौका मिले, हमारे छिंदवाड़ा के मॉडल को देखने आइएगा। वह देश में एक मॉडल है, जहां स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग पर सबसे अच्छा काम होता है। कमलनाथ ने कहा कि महिलाएं आगे आएं और अपने हित के लिए आवाज उठाएं। दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता सिंह ने कमलनाथ से पूछा कि अगर कांग्रेस सरकार आई तो महिलाओं के लिए क्या करेंगे, तो कमलनाथ ने कहा कि अगर मत लगाइए, सरकार तो आएगी ही। इतना सुनते ही कांग्रेसियों के साथ मौजूद महिलाएं भी ठहाके लगाने लगीं।

कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने कमलनाथ से मणिपुर की घटना को लेकर सवाल किया। इस पर कमलनाथ ने कहा कि आज आदिवासी और नॉन आदिवासी की लड़ाई कराई जा रही है। मणिपुर का सोर्स क्या है। हमारी संस्कृति जोड़ने की संस्कृति है, लेकिन वो खतरे में है। कार्यक्रम में कन्हैया कुमार ने चैलेंज देते हुए कहा कि हम सच बोलते हैं और सच के लिए लड़ते हैं। दोनों गृहमंत्री आज इंदौर में हैं। अगर मैं गलत हूं तो हमें जेल में डालें। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पर तंज कसते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि आपके राज्य में सबसे ज्यादा महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है। अपने राज्य को चला लीजिए फिर दूसरे पर बयान दीजिए। सच बोलिए डरिए नहीं।

कन्हैया कुमार ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी आदिवासी हैं, लेकिन बड़े जोर से कांग्रेस पार्टी पर कीचड़ उछाला गया। देश का इतिहास उठाकर देख लीजिए पंडित जवाहरलाल नेहरू पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने संविधान सभा में आदिवासि यों के लिए जल, जंगल और जमीन का अधिकार दिलाया। जल-जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ने वाले हमारे महामानव हैं। कन्‍हैया कुमार ने शिवराज सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपने बेटे को विदेश भेज सकता है तो हमारा भी अधिकार है कि हमारे बच्चों को अच्छी पढ़ाई अच्छी शिक्षा मिले। हम भी टैक्स देते हैं। आपके पैसे से हमने पीएचडी की है। हमने आपका नमक खाया है। इसका कर्ज अदा करेंगे, क्योंकि आपने हमको अपने टैक्स के पैसे से पीएचडी कराया है।

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