अस्सी तरह की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा के लिए 24 घंटे मिलेगी एयर एंबुलेंस की सुविधा

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

भोपाल। प्रदेश में 80 तरह की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस सुविधा मिलेगी। दुर्घटना या आपदा के प्रकरण में संभाग के अंदर पीड़ित को निशुल्क परिवहन के लिए जिले के सीएमएचओ की अनुशंसा पर कलेक्टर संभाग के अंदर स्वीकृति प्रदान कर सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मंगलवार को पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा की समीक्षा की। शुक्ला ने कहा कि अधिक से अधिक आमजन तक इस सुविधा की जानकारी पहुंचाएं। राज्य सरकार ने यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक निजी कंपनी से अनुबंध किया है। कंपनी की दो एयर एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। एक सुबह 6:30 बजे से शाम 3:30 बजे तक और दूसरी 24 घंटे।

सड़क एवं औद्योगिक दुर्घटना से पीड़ित लोग
सड़क एवं औद्योगिक दुर्घटना अथवा प्राकृतिक आपदा में पीड़ित को राज्य के अंदर एवं बाहर शासकीय अथवा निजी चिकित्सालय में निशुल्क परिवहन किया जाएगा। आयुष्मान कार्ड धारक के उपचार के लिए राज्य के अंदर एवं बाहर सभी शासकीय एवं आयुष्मान संबद्ध अस्पतालों में उपचार हेतु निशुल्क परिवहन किया जाएगा। अन्य हितग्राही जो कि आयुष्मान कार्डधारी नहीं हैं, उनके उपचार के लिए राज्य के अंदर स्थित शासकीय अस्पतालों में निशुल्क, जबकि राज्य के बाहर के किसी भी अस्पताल में अनुबंधित दर पर सशुल्क परिवहन किया जाएगा। सशुल्क सेवा की स्थिति में सेवाप्रदाता एजेंसी को हेलीकाप्टर के लिए एक लाख 94 हजार 500 रुपये प्रति घंटे (फ्लाइंग आवर) के मान से और फिक्स्ड विंग कनवर्टेड फ्लाइंग एंबुलेंस के लिए एक लाख 78 हजार 900 रुपये प्रति घंटे (फ्लाइंग आवर) के मान से भुगतान करना होगा।

मेडिकल कॉलेज वाले जिलों में चार-चार और बाकी में दो-दो शव वाहन चलेंगे
मंत्रिपरिषद की उप समिति की बैठक उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में मंगलवार को हर जिले में शव वाहन उपलब्ध कराने के संबंध में मंत्रिपरिषद की उप समिति की बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के समस्त चिकित्सा महाविद्यालय वाले 13 जिलों में चार-चार, शेष 42 जिलों में दो-दो शव वाहन मिलाकर कुल 136 वाहन चलाने का प्रस्ताव है। शव वाहन से शासकीय अस्पताल से मृतक के आवास, शमशान घाट तक परिवहन के लिए केंद्र शासन, राज्यशान अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा संचालित शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं और आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत संबद्ध निजी अस्पतालों में उपचार के लिए लाए गए आयुष्मान हितग्राही की उपचार के दौरान मृत्यु पर मिलेगी। सड़क दुर्घटना अथवा अन्य आपदा में पीड़ित की मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम के लिए शासकीय स्वास्थ्य संस्था में परिवहन एवं पोस्टमार्टम के बाद शासकीय अस्पताल से मृतक के आवास स्थल या शमशान घाट तक परिवहन की सुविधा देने की तैयारी है। बैठक में उप समिति के सदस्य के तौर पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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