‘आतंक के सामने चुप नहीं बैठेंगे’, शशि थरूर के नेतृत्व वाला डेलीगेशन अमेरिका के लिए रवाना

नई दिल्ली राष्ट्रीय राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए सात प्रतिनिधिमंडलों को विभिन्न देशों में भेजा है। इस अभियान के तहत अमेरिका सहित पांच देशों की यात्रा से पहले, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 23 मई को कहा कि भारत आतंकवाद के सामने चुप नहीं रहेगा। थरूर ने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, “हम विश्व को बताएंगे कि भारत आतंकवाद से नहीं डरता। हम चुप नहीं रहेंगे और सच्चाई को सामने लाएंगे। यह मिशन शांति का है। इसके जरिए हम दुनिया को भरोसा दिलाएंगे कि भारत शांति के रास्ते पर चल रहा है और आतंकवाद का कड़ा जवाब देता है।” जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा, “हम पिछले तीन दिनों से जापान में हैं। इस टीम में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्य हैं। हमारे बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश के लिए हम एकजुट हैं। पहलगाम आतंकी हमला सामान्य घटना नहीं है। भारत दशकों से आतंकवाद का सामना कर रहा है। आतंकियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर निशाना बनाया। मैं श्रीनगर गया था, जहां पर्यटन चरम पर था। जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर निर्भर है।”

ऑपरेशन सिंदूर पर झा ने कहा, “यह हमला 22 अप्रैल को हुआ था। पीएम मोदी ने 24 अप्रैल को बिहार में इस मुद्दे पर बात की और साफ संदेश दिया कि हम जवाबी कार्रवाई करेंगे। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया।” डीएमके सांसद कनिमोझी ने मॉस्को में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा, “हम भारत की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट करने आए हैं। रूस में हमारा होना बहुत महत्वपूर्ण है। रूस हमेशा से भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार रहा है। पिछले 80 सालों से हमारे मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं। पहलगाम हमले में हमने 26 निर्दोष लोगों को खोया। हमें रूस से संपर्क कर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी थी और इस कठिन समय में उनका समर्थन मांगना जरूरी था।” उन्होंने आगे कहा, “यह पहली बार नहीं है। पहले भी हमारे नागरिकों और सैन्य ठिकानों पर हमले हुए हैं। भारत ने हमेशा शांति की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान के आतंकवाद के रवैये के कारण हम सफल नहीं हो सके। आज हम भारत सरकार और लोगों के संदेश के साथ रूस आए हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दुनिया आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में साथ देगी। विश्व को आतंकी हमलों को रोकने के लिए एकजुट होना होगा।”

Leave a Reply