एजेंसी, भोपाल। इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है। मध्य प्रदेश के भोपाल के रहने वाले एक आतंकी अदनान के खिलाफ दर्ज एफआईआर में यह खुलासा हुआ है कि उसने सोशल मीडिया के जरिए ज्ञानवापी मस्जिद के मामले में फैसला सुनाने वाले जज रवि कुमार दिवाकर को जान से मारने की धमकी दी।
इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी थी धमकी
पुलिस की दर्ज एफआईआर के मुताबिक, भोपाल निवासी अदनान इंस्टाग्राम पर ‘@आधारित.खिलजी’ नाम से सोशल मीडिया पर अकाउंट चला रहा था। इसी अकाउंट से उसने जज रवि कुमार दिवाकर की तस्वीर पोस्ट की। इसमें उनकी आंखों के ऊपर लाल रंग से ‘काफिर’ लिखा। पोस्ट में खौफनाक धमकी देते हुए इंग्लिश में लिखा गया था, “काफिर का खून हलाल है… उन लोगों के लिए जो दीन के लिए लड़ रहे हैं “।
जज की हत्या के लिए उकसाया
में इस बात का स्पष्ट किया गया है कि इस पोस्ट के जरिए अदनान ने अपनी चरमपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों को ज्ञानवापी मामले की सुनवाई कर रहे जज की हत्या के लिए उकसाया था और साथ ही इस पोस्ट को कई लोगों ने देखा था। दर्ज एफआईआर में आगे कहा गया है कि अदनान ने न सिर्फ धमकी दी, बल्कि अपनी इंस्टा पोस्ट के जरिए दूसरे धर्मों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने, अलग-अलग वर्गों के बीच वैमनस्यता- विद्वेष फैलाने और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया है।
संवैधानिक व्यवस्था पर हमले करने की कोशिश
पुलिस का कहना है कि अदनान भारत के लोकतांत्रिक राष्ट्र और इसकी संवैधानिक व्यवस्था के मुख्य अंग न्यायपालिका के प्रति धार्मिक आधार पर अविश्वास और द्वेष की भावना उत्पन्न कर रहा था। अदनान को एफआईआर में चेतावनी दी गई है कि अगर उसने अपने इन कृत्यों पर जल्द अंकुश नहीं लगाया, तो कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है।
आईएसआईएस से कैसे जुड़ा
दिल्ली के मोहम्मद अदनान ने पुलिस को बताया कि 2023 में सादिक नगर के सरकारी फ्लैट्स में शिफ्ट होने के बाद उसने इंस्टाग्राम पर कट्टरपंथी पेज फॉलो करना शुरू किया और एक ग्रुप जॉइन कर लिया। शुरू में ग्रुप में 25-30 सदस्य थे। सीरिया से संचालित हैंडलर अबू इब्राहिम अल-कुरैशी ने आईएसआईएस से जुड़े वीडियो, फोटो और PDF शेयर किए। इन सामग्रियों व संपर्कों से प्रभावित होकर अदनान ने ISIS खलीफा के प्रति वफादारी की शपथ ली और इसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया।


