एजेंसी, असम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को असम विधानसभा चुनाव के ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के जरिए भारतीय जनता पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि असम ने बहुत लंबे समय तक अस्थिरता और हिंसा का दौर झेला है, लेकिन पिछले दस सालों में हालात पूरी तरह बदल गए हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा की डबल-इंजन सरकार ने राज्य में अमन-चैन कायम करने के लिए हर मुमकिन कोशिश की है।
प्रधानमंत्री ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के अलग-अलग संगठनों के साथ मिलकर अब तक 12 शांति समझौते किए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता को याद दिलाएं कि कांग्रेस के समय में समझौते सिर्फ कागजों तक सीमित रहते थे और उनका मकसद केवल सुर्खियां बटोरना या लोगों को गुमराह करना होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में असम हिंसा की आग में जल रहा था, लेकिन आज राज्य में एक नया आत्मविश्वास दिखाई देता है।
अमित शाह ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बोडो मुद्दे के साथ बड़ा विश्वासघात किया, जिसकी वजह से युवाओं को भारी परेशानियां उठानी पड़ीं और वे गलत रास्तों पर चले गए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने शांति समझौतों को पूरी ईमानदारी से जमीन पर उतारा है ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे असम में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने खुद को भी एक कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ का संकल्प ही जीत का आधार है।
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प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को आगाह करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि नए मतदाताओं को कांग्रेस के पुराने ‘कुशासन’ के बारे में बताना जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी चूक भी राज्य को विकास की दौड़ में पीछे धकेल सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रदेश की तरक्की के लिए शांति पहली शर्त है। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के जरिए बनाए जा रहे फर्जी वीडियो से भी सावधान रहने और लोगों को जागरूक करने की सलाह दी। असम की 126 सीटों वाली विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। गौरतलब है कि राज्य में साल 2016 से ही भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है।


