एजेंसी, वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच दुनिया भर के बाजारों में मची उथल-पुथल को शांत करने के लिए अमेरिका ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। अमेरिका ने ईरान को अस्थाई रूप से लगभग 14 करोड़ बैरल कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की विशेष अनुमति दे दी है। शुक्रवार देर रात मिली इस छूट के बाद तेहरान अपने टैंकरों में जमा किए गए तेल को निकाल सकेगा, जो पूरी दुनिया की करीब डेढ़ दिन की कुल मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। यह कदम मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए व्यवधान और तेल की सप्लाई को लेकर बनी चिंताओं को खत्म करने के लिए उठाया गया है।
— Treasury Secretary Scott Bessent (@SecScottBessent) March 20, 2026
एक तरफ जहां ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई को सीमित करने के संकेत दिए हैं, वहीं उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के बेहद करीब है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी हमलों ने ईरान की मिसाइल ताकत और रक्षा तंत्र को काफी हद तक पंगु बना दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना और अपने मित्र देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भरोसा जताया कि इजरायल और सऊदी अरब जैसे देशों की सुरक्षा स्थिति अब पहले से बेहतर है।
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दूसरी ओर, इस कूटनीतिक नरमी के बावजूद जमीनी स्तर पर सैन्य हलचल तेज है। अमेरिका हजारों की संख्या में अतिरिक्त मरीन और नौसैनिकों को क्षेत्र में तैनात कर रहा है। इसी बीच, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर मिसाइल दागने की कोशिश की, जिसे अमेरिकी सुरक्षा घेरे ने नाकाम कर दिया। होर्मुज समुद्री मार्ग को दोबारा सुचारू रूप से चलाने के लिए बहरीन के साथ-साथ जापान और यूरोपीय देशों ने भी अपनी सहमति जताई है। हालांकि, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात को कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि यदि उसके द्वीपों को निशाना बनाया गया, तो वह यूएई के बंदरगाह शहरों पर जवाबी हमला करेगा। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते हमलों ने इस पूरे इलाके में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।


