एजेंसी, शाजापुर/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का औचक निरीक्षण : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन दिनों प्रदेश में चल रही गेहूं खरीदी प्रक्रिया की जमीनी हकीकत जानने के लिए पूरी तरह सक्रिय मोड में नजर आ रहे हैं। 30 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने शाजापुर और खरगोन जिलों के गेहूं उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। शाजापुर के मकोड़ी स्थित श्यामा वेयरहाउस में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री का एक अनूठा अंदाज देखने को मिला, जब वे सुरक्षा प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए सीधे गेहूं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़ गए। इस दौरान उन्होंने किसानों के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद किया और खरीदी केंद्र पर मिल रही सुविधाओं के संबंध में विस्तृत फीडबैक लिया।
किसान हित में सदैव तत्पर, संवेदनशील भाजपा सरकार…
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी ने आज खरगोन के कतरगांव में गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने केंद्र पर उपस्थित किसानों से… pic.twitter.com/xCcsssjzua
— BJP Madhya Pradesh (@BJP4MP) April 30, 2026
खरगोन और शाजापुर में व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह दौरा पूरी तरह औचक था, जिससे केंद्रों पर मौजूद अधिकारियों के बीच हड़कंप की स्थिति रही। शाजापुर से पूर्व, मुख्यमंत्री अचानक खरगोन जिले के कतरगांव उपार्जन केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने गेहूं की गुणवत्ता और तौल की प्रक्रिया को स्वयं देखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को अपनी बारी के लिए अधिक प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए तौल कांटों की संख्या में तत्काल वृद्धि की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए प्रत्येक केंद्र पर छाया, शीतल पेयजल और बैठने के पर्याप्त प्रबंध होने चाहिए।
किसानों के प्रति संवेदनशील रुख और प्रशासनिक चेतावनी
ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार अन्नदाताओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उपार्जन की संपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही अक्षम्य होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी किसान को अपनी उपज बेचने में असुविधा होती है या उनसे कोई अनुचित मांग की जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
पारदर्शिता और त्वरित भुगतान पर बल
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान उपार्जन केंद्रों पर मौजूद पंजीयन और स्लॉट बुकिंग के अभिलेखों की भी जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फसल की तौल के पश्चात किसानों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री के इस औचक दौरे का उद्देश्य प्रदेश के लाखों किसानों को यह विश्वास दिलाना है कि सरकार स्वयं उनकी उपज की खरीद प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। शाजापुर और खरगोन में मुख्यमंत्री के इस सहज व्यवहार और सक्रियता की किसानों के बीच काफी सराहना हो रही है।
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