एजेंसी, तेहरान। ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहा संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार सुबह हुए एक बड़े हमले में ईरान की बेहद शक्तिशाली सैन्य इकाई ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ (आईआरजीसी) के खुफिया विभाग के मुखिया मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत हो गई है। आईआरजीसी ने खुद एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है कि उनके खुफिया प्रमुख की मौत अमेरिकी और इजराइली सुरक्षा बलों द्वारा किए गए हमले में हुई है।
🔴 ELIMINATED: Majid Khademi, the Head of Intelligence of the IRGC.
Khademi was one of the IRGC’s most senior commanders and had accumulated extensive experience over many years.
Khademi worked to advance terrorist attacks worldwide, and was responsible for monitoring Iranian… pic.twitter.com/iASwqdOmoe
— Israel Defense Forces (@IDF) April 6, 2026
ईरान में जारी है भीषण बमबारी और तबाही
पिछले कुछ दिनों से जारी इन हमलों ने ईरान के भीतर भारी तबाही मचाई है। खबरों के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए इन हमलों में अब तक 1,300 से ज्यादा आम नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि घायलों की संख्या 20,000 के पार पहुंच गई है। तनाव की शुरुआत में ही दक्षिणी ईरान के एक स्कूल को निशाना बनाया गया था और देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरें भी सामने आई थीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान भी पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी ठिकानों और इजराइली इलाकों पर हमले कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।
#WATCH | Footage shows the aftermath of the US-Israeli airstrike on Sharif University of Technology in Tehran, Iran.
(Source: IRIB via ANI) pic.twitter.com/sDtYj9FEUy
— ANI (@ANI) April 6, 2026
तेहरान के रिहायशी इलाकों और यूनिवर्सिटी पर हमला
राजधानी तेहरान के पास स्थित इस्लामशहर में एक रिहायशी इमारत पर हुए हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि इस रिहायशी इमारत को निशाना क्यों बनाया गया। इसके अलावा, तेहरान की मशहूर शरीफ टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी पर भी सोमवार तड़के कई मिसाइलें दागी गईं, जिससे वहां की इमारतों और पास मौजूद गैस वितरण केंद्र को काफी नुकसान पहुंचा है। इस यूनिवर्सिटी पर पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हुए हैं, क्योंकि इसका संबंध ईरान के मिसाइल प्रोग्राम से माना जाता है। फिलहाल पढ़ाई ऑनलाइन होने के कारण कैंपस खाली था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
दुनियाभर में गहराया ईंधन संकट
इस भीषण युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल और एलपीजी सप्लाई का सबसे मुख्य रास्ता है, वहां जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह बंद हो गई है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि उसे इस समुद्री रास्ते को हर हाल में खोलना होगा।
दक्षिण तेहरान और कोम शहर में भी बरसे गोले
हमलों का सिलसिला तेहरान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि धार्मिक शहर कोम के रिहायशी इलाकों में भी बमबारी हुई है, जिसमें 5 लोगों के मारे जाने की खबर है। पूरी रात तेहरान और आसपास के इलाकों में धमाकों की गूंज सुनाई देती रही और आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना से लोग दहशत में रहे। फिलहाल आईआरजीसी के सुरक्षा बल अपने ठिकानों को बचाने के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक जगहों की तलाश कर रहे हैं।
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