एजेंसी, नई दिल्ली। New CDS of India : भारतीय सैन्य ढांचे में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बदलाव के तहत केंद्र सरकार ने शनिवार की सुबह रक्षा क्षेत्र की शीर्ष कमान में नई नियुक्तियों की घोषणा की है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का नया प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) नियुक्त किया गया है। उनके साथ ही, वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का नया प्रमुख बनाया गया है। यह फैसला भारतीय सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए लिया गया है।
Government of India appoints Lt Gen NS Raja Subramani PVSM, AVSM, SM, VSM (Retd.) as the next Chief of Defence Staff, who will also serve as Secretary, Department of Military Affairs. He will assume office after Gen Anil Chauhan completes his tenure on 30 May 2026.
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— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) May 9, 2026
शीर्ष पदों पर उत्तराधिकार की प्रक्रिया
वर्तमान प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई 2026 को पूरा होने जा रहा है। उनके स्थान पर लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि इस सर्वोच्च पद की कमान संभालेंगे। इसके अतिरिक्त, वह सैन्य कार्य विभाग के सचिव के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। उनकी यह नियुक्ति उस दिन से प्रभावी होगी जिस दिन वह कार्यभार ग्रहण करेंगे और वे अगले सरकारी आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। नौसेना के मोर्चे पर भी बदलाव तय है, जहाँ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद वाइस एडमिरल स्वामीनाथन नौसेना के नए मुखिया के रूप में अपनी सेवाएं देना शुरू करेंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि का शानदार सैन्य सफर
नवनियुक्त सीडीएस लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि के पास भारतीय सेना का एक लंबा और गौरवशाली अनुभव है। उन्होंने 1 सितंबर 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में देश की सुरक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभाई है। इससे पूर्व, उन्होंने 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक सेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नेतृत्व कौशल का प्रमाण तब भी दिखा जब उन्होंने मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में सैन्य टुकड़ियों का मार्गदर्शन किया।
नौसेना की कमान संभालेंगे वाइस एडमिरल स्वामीनाथन
वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन, जो अब नौसेना प्रमुख का पदभार संभालने जा रहे हैं, का करियर भी उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने 31 जुलाई 2025 को पश्चिमी नौसेना कमान के 34वें फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर पदभार ग्रहण किया था। पश्चिमी कमान, जिसे नौसेना की सबसे महत्वपूर्ण कमान माना जाता है, वहां उनके नेतृत्व ने भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया है। अब पूरे देश की नौसैनिक शक्ति के विस्तार और आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।
देश की रक्षा रणनीति में इन नियुक्तियों का महत्व
रक्षा मंत्रालय के विशेषज्ञों का मानना है कि इन अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से भारतीय सशस्त्र बलों के एकीकरण (थिएटर कमान) की प्रक्रिया को और गति मिलेगी। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि और वाइस एडमिरल स्वामीनाथन दोनों ही अपनी रणनीतिक सूझबूझ के लिए जाने जाते हैं। ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां बदल रही हैं, इन वरिष्ठ नेतृत्वकर्ताओं की भूमिका भारत की सैन्य ताकत को और अधिक सशक्त बनाने और आधुनिक युद्ध कौशल में सेना को निपुण करने में निर्णायक साबित होगी।
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