एजेंसी, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को 71 पुराने और अनुपयोगी कानूनों को निरस्त करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी। अधिकारियों के अनुसार, इन 71 कानूनों में से 65 कानूनों में संशोधन शामिल है और 6 कानून पूरी तरह से निरस्त किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कम से कम एक कानून ब्रिटिश शासन के समय का है। हालांकि, मंत्रिमंडल का उद्देश्य औपनिवेशिक कानूनों को हटाना नहीं, बल्कि उन अधिनियमों को हटाना है जिनकी वर्तमान में कोई उपयोगिता नहीं रह गई है। एक अधिकारी ने कहा, “संसद द्वारा संशोधन पारित हो जाने के बाद संशोधित प्रावधान मूल कानून में समाहित हो जाता है। ऐसे कानून केवल किताबों में अनावश्यक बोझ डालते हैं।” अब तक 1,562 पुराने अप्रचलित कानूनों को निरस्त किया जा चुका है। इस कदम से कानूनी प्रणाली को सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।
ये भी पढ़ें : चुनाव आयोग का बड़ा फैसला : यूपी समेत 6 राज्यों में बढ़ाई एसआईआर की समय सीमा, अब इस दिन तक भरे जाएंगे फॉर्म


