एजेंसी, सिलचर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को असम के सिलचर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वैश्विक संघर्षों और युद्धों के कारण आम जनता पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस देश में डर और दहशत का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रही है और उसका व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है।
प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आजादी के समय कांग्रेस ने ऐसी सीमा रेखाएं खिंचने दीं, जिससे बराक घाटी का समुद्री मार्ग से संपर्क कट गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास न तो असम के विकास के लिए कोई विजन है और न ही राष्ट्र के लिए कोई स्पष्ट सोच। कांग्रेस नेताओं का एकमात्र काम प्रधानमंत्री को अपशब्द कहना, झूठ बोलना और जनता को गुमराह करना रह गया है। मोदी ने याद दिलाया कि बराक घाटी कभी व्यापार और कारोबार का एक बहुत बड़ा केंद्र हुआ करती थी, लेकिन कांग्रेस की नीतियों ने इसे कमजोर करने का काम किया।
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संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जो क्षेत्र कभी अपनी औद्योगिक ताकत के लिए जाना जाता था, उसने कांग्रेस के शासनकाल में अपनी पहचान खो दी। आजादी के बाद कई दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने इस इलाके में विकास की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस पुरानी स्थिति को बदलने और क्षेत्र के कायाकल्प के लिए दिन-रात काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य के नौजवानों को हिंसा और उग्रवाद की आग में झोंक दिया था। इसके विपरीत, भाजपा सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि असम के युवाओं के लिए प्रगति के नए द्वार खुलें और उन्हें असीमित अवसर मिलें। उन्होंने अंत में कहा कि जहां कांग्रेस की सोच खत्म हो जाती है, वहां से भाजपा का काम शुरू होता है। हमारी सरकार का मुख्य मंत्र विकास की दौड़ में पिछड़ गए लोगों को प्राथमिकता देना है।


