अयोध्या : रामधुन में झूमे लोग… 30 लाख श्रद्धालुओं ने की पंचकोसी परिक्रमा

धर्म-आस्था

एजेंसी, अयोध्या| भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में देवोत्थान एकादशी के पावन अवसर पर पंचकोसी परिक्रमा में करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था के पग पूर्ण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। साधु-संतों ने शनिवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में 4:04 बजे सरयू स्नान के बाद परिक्रमा की शुरुआत की, जो लगभग 15 किलोमीटर लंबे पथ पर भक्ति और उत्साह का अनोखा संगम बन गई। रामधुन व जय श्रीराम के जयकारों से पूरा परिक्रमा पथ गुंजायमान रहा, तो वहीं महिलाएं और युवा पारंपरिक भजनों पर झूमकर नांचे। सरयू मैया के तट पर स्नान करते ही श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। नंगे पांव, भगवा अंगवस्त्र ओढ़े साधु और आम भक्तों ने एक साथ कदम बढ़ाए। मार्ग पर श्रद्धा से ओतप्रोत महिला व पुरुष परिक्रमार्थियों ने ‘चढ़ गया भगवा रंग’ और ‘राम आएंगे’ जैसे भजनों पर नांचते-गाते आगे बढ़ते रहे। जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। महिलाओं के समूहों ने ढोल-नगाड़ों के साथ नृत्य किया। अयोध्या के आसपास के जिलों के साथ राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार समेत अन्य राज्यों से आए श्रद्धालु इस आस्था के सैलाब का हिस्सा बने। रविवार भोर में 2:57 बजे परिक्रमा का समापन हुआ।

कोई बच्चे को कंधे पर तो किसी ने सहारा देकर बुजुर्ग माता-पिता को कराई परिक्रमा
-परिक्रमा मेले के अलग अलग रंग भी दिखे। कोई अपने बच्चे को अपने कंधे पर बैठाकर परिक्रमा कराई तो किसी ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को सहारा देकर परिक्रमा कराई। वहीं, कुछ ने पुण्य भूमि पर साक्षात दंडवत होकर परिक्रमा की। इस मेले में शहर के लोगों की संख्या भी लाखों में रही। परिवार के साथ लोग परिक्रमा करते दिखे। वहीं, गुरुकुल के छात्रों व हनुमानगढ़ी के युवा साधुओं ने बिना रुके दौड़कर एक घंटे में ही परिक्रमा पूर्ण की। मेले में लगी दुकानों पर भी खूब रौनक रही, समोसा-जलेबी के साथ चाय खूब बिकी। व्रती परिक्रमार्थियों ने रामदाना व फल का सेवन किया। बारिश के आसार को देखते हुए पन्नी की भी दुकानें खूब लगी लेकिन सूर्य निकलने के कारण उन्हें निराश होना पड़ा।

बोले परिक्रमार्थी, हरि कीर्तन करते कब परिक्रमा पूरी हुई पता ही नहीं चला
-पंचकोसी परिक्रमा अयोध्या धाम के पवित्रतम हिस्से को समेटती है, जिसमें राम मंदिर, कनक भवन, हनुमान गढ़ी, दशरथ महल समेत करीब छह हजार से अधिक मंदिर शामिल हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस परिक्रमा से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। परिक्रमार्थी अश्वनी गुप्ता ने बताया कि परिक्रमा के दौरान बहुत ही सुंदर वातावरण रहा, हरि नाम का कीर्तन करते हुए कब परिक्रमा खत्म हुई पता ही नहीं चला। बताया कि प्रशासन ने बेहतर इंतजाम किए थे। वंदना श्रीवास्तव ने बताया कि यह परिक्रमा अयोध्या में विराजमान भगवान श्री रामलला के जन्म स्थान की परिक्रमा माना जाता है। और बड़े ही धार्मिक माहौल में इस परिक्रमा को पूरा किया गया है।

पुण्य अर्जित करने में नहीं पीछे रहे जनप्रतिनिधि व नेता
पंचकोसीय परिक्रमा में पुण्य लाभ अर्जित करने में जनप्रतिनिधि व नेता भी पीछे नहीं रहे। नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्त ने भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, अमल गुप्ता समेत अन्य के साथ परिक्रमा की। गोसाईगंज विधायक अभय सिंह ने अपनी पत्नी डॉ. सरिता सिंह व समर्थकों के साथ पुण्य अर्जित किया। अवध विवि के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने भी परिक्रमा पूरी की। बड़ी देवकाल मंदिर के महंत व बसपा नेता सुनील पाठक, सपा नेता दान बहादुर सिंह ने सपरिवार परिक्रमा की।

तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने राम मंदिर में किया दर्शन-पूजन
कार्तिक परिक्रमा मेला में शामिल होने अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने पंचकोसी परिक्रमा कर मंदिरों में दर्शन किया। राम मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार रही। भीड़ को देखते हुए हनुमान गढ़ी मंदिर में सुबह पांच बजे से ही दर्शन प्रारंभ हो गया। शाम तक मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने राम मंदिर में दर्शन पूजन किया। हनुमानगढ़ी मंदिर में यह संख्या दोगुनी से ज्यादा बताई गई।

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