भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बयान : आम लोंगो के लिए समझौते में क्या है खास, जानें मुख्य बातें

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बयान : आम लोंगो के लिए समझौते में क्या है खास, जानें मुख्य बातें

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एजेंसी, दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौता किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर खोलकर ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत करेगा तथा महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार पैदा करेगा। प्रधानमंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद भी दिया।

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”भारत और अमेरिका के लिए बहुत अच्छी खबर। हमने दोनों महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर सहमति जताई है।” उन्होंने कहा कि यह रूपरेखा भारत-अमेरिका साझेदारी की बढ़ती गहराई, भरोसे और गतिशीलता को दिखाता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ”यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों, स्टार्टअप नवोन्मेषकों, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत करता है। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे।” मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा यह रूपरेखा दोनों देशों के बीच निवेश और प्रौद्योगिकी साझेदारी को और गहरा करेगी। उन्होंने कहा कि यह रूपरेखा मजबूत और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूत करेगी और वैश्विक वृद्धि में योगदान देगी। प्रधानमंत्री ने कहा, ”जैसे-जैसे भारत विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हम ऐसी वैश्विक साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य पर आधारित हों, हमारे लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा पर सहमति बन गयी है। दोनों देशों ने इस संबंध में एक संयुक्त बयान जारी किया है। इसकी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं…
– अमेरिका, भारतीय सामान पर जवाबी शुल्क को पहले के 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा।
– इससे भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30,0000 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा बाजार खुलेगा।
– निर्यात में वृद्धि से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
– यह रूपरेखा वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबड़ उत्पाद, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वृहद रूप से बाजार अवसर प्रदान करेगा।
– जेनेरिक दवाइयों, रत्नों और हीरों तथा विमान के कल-पुर्जों सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर शुल्क शून्य हो जाएगा।
– भारत को विमान के कल-पुर्जों पर धारा 232 के तहत छूट, वाहन कल-पुर्जों पर शुल्क दर कोटा और जेनेरिक दवाइयों पर बातचीत के माध्यम से तय किए गए लाभ मिलेंगे।
– भारत मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, एथनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस सहित संवेदनशील कृषि और दुग्ध उत्पादों को पूर्ण रूप से संरक्षित करेगा।
– भारत, अमेरिका की सभी औद्योगिक वस्तुओं और सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट तथा अन्य उत्पादों सहित कई प्रकार के अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा।
– दोनों देश अपने-अपने हित वाले क्षेत्रों में एक-दूसरे को तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
– दोनों देश वस्तुओं की उत्पत्ति के ऐसे नियम स्थापित करेंगे जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को मिले।
– अमेरिका और भारत द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-शुल्क बाधाओं का समाधान करेंगे।
– भारत और अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने और उन प्रतिबंधित आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को समाप्त करने पर सहमत हैं जो अमेरिकी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच में देरी करती हैं या उन पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगाती हैं।
– अमेरिका और भारत का पारस्परिक रूप से सहमत क्षेत्रों के लिए अपने-अपने मानकों और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं पर चर्चा करने का इरादा है।
– दोनों देश के सहमति वाले शुल्क में किसी भी बदलाव की स्थिति में, दूसरा देश अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन कर सकता है।
– दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बातचीत के माध्यम से बाजार पहुंच के अवसरों को और बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे।
– अमेरिका और भारत तीसरे पक्ष की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए पूरक कार्यों के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और नवोन्मेष को बढ़ाने के लिए आर्थिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं।
– भारत का अगले पांच साल में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के कल-पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा है।
– भारत और अमेरिका ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट और डेटा केंद्रों में उपयोग होने वाली अन्य वस्तुओं सहित प्रौद्योगिकी से जुड़े उत्पादों में व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग का विस्तार करेंगे।
– अमेरिका और भारत डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल चीजों और अन्य बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
– अमेरिका और भारत इस रूपरेखा को शीघ्रता से लागू करेंगे और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर संयुक्त बयान जारी: रूपरेखा तय… जानें कौन क्या बेचेगा और क्या खरीदेगा
अमेरिका और भारत ने शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने की घोषणा की। इसके तहत अमेरिका भारत पर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। भारत-अमेरिका ने संयुक्त बयान में यह कहा। बयान के अनुसार यह रूपरेखा 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को बताता है। इस रूपरेखा में अतिरिक्त बाजार पहुंच संबंधी प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और यह अधिक मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन प्रदान करेगी। बयान में कहा गया है, “अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम समझौता हमारे देशों की साझेदारी में मील का पत्थर साबित होगा। यह पारस्परिक हितों और ठोस परिणामों पर आधारित द्विपक्षीय और संतुलित व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” समझौते की प्रमुख शर्तों में भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा।

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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर सहमति से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30,000 अरब डॉलर का बाजार खुलेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ निर्यात में वृद्धि से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अमेरिका और भारत ने शनिवार को संयुक्त बयान में अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने की घोषणा की। इसके तहत अमेरिका भारत पर जवाबी शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। वहीं भारत, अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा। गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है। इससे भारतीय निर्यातकों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30,000 अरब डॉलर का बाजार खुल जाएगा।

निर्यात में वृद्धि से हमारी महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।” उन्होंने कहा कि इस रूपरेखा के तहत, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (अमेरिका) में वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं जूते, प्लास्टिक एवं रबड़ उत्पाद, जैविक रसायन, घरों में सजवाट के सामान, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में काफी अवसर प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, जेनेरिक दवाइयां, रत्न एवं हीरा तथा विमान के कल-पुर्जे सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर शुल्क शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धी क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ को और बढ़ावा मिलेगा। गोयल ने कहा, ”भारत को विमान के कल-पुर्जों पर धारा 232 के तहत छूट, वाहन कल- पुर्जों पर शुल्क दर कोटा से लाभ भी मिलेगा, जिससे इन क्षेत्रों में निर्यात में मजबूत वृद्धि होगी।” उन्होंने कहा, ”साथ ही, यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा करने और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, एथनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां, मांस आदि जैसे संवेदनशील कृषि और दुग्ध उत्पादों को पूर्ण रूप से संरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा, ”यह समझौता भारत और अमेरिका को आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा, जो हमारे लोगों और कंपनियों के लिए सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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