Virat Kohli

प्रेमानंद जी के दर्शन के लिए 5 करोड़ रुपये लेने का दावा पूरी तरह फर्जी : विराट कोहली की टीम ने आरोपों को सिरे से नकारा, बताया गहरी आस्था का प्रतीक

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एजेंसी, मथुरा। Virat Kohli Premanand Ji : वृंदावन के प्रसिद्ध संत पूज्य प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के दर्शन और केलीकुंज आश्रम जाने को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर आखिरकार विराम लग गया है। पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली के आधिकारिक प्रवक्ता ने सामने आकर स्पष्ट किया है कि दर्शन के बदले 5 करोड़ रुपये की भारी रकम लेने का दावा पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और सत्य से कोसों दूर है। प्रवक्ता ने कहा कि यह पूरी कहानी मनगढ़ंत है और इसका वास्तविक धरातल से कोई लेना-देना नहीं है।

व्यावसायिक लेन-देन नहीं बल्कि संतों के प्रति अटूट आस्था

विराट कोहली के प्रवक्ता ने स्थिति को पूरी तरह साफ करते हुए बताया कि विराट और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा किसी व्यावसायिक अनुबंध, विज्ञापन या किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन के तहत वृंदावन नहीं जाते हैं। दोनों की संत प्रेमानंद जी महाराज के प्रति वर्षों से बेहद गहरी श्रद्धा, समर्पण और व्यक्तिगत आस्था है। वे दोनों एक सामान्य श्रद्धालु की तरह संतों की शरण में आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने के उद्देश्य से पहुंचते हैं। ऐसे पवित्र आध्यात्मिक जुड़ाव को पैसे के लेन-देन से जोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है।

मीडिया से जिम्मेदार रवैये की अपील

प्रवक्ता ने मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों, डिजिटल पोर्टल्स और सोशल मीडिया मंचों से इस संवेदनशील मामले में जिम्मेदारी भरा रुख अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सार्वजनिक व्यक्तित्व या पूजनीय संत पर बिना किसी पुख्ता प्रमाण के इतने गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाना पत्रकारिता की नैतिकता के खिलाफ है। उन्होंने सभी समाचार माध्यमों से आग्रह किया कि वे इस तरह की आधारहीन चर्चाओं और अफवाहों को प्रसारित करने से पहले तथ्यों की गहनता और निष्पक्षता से जांच-पड़ताल जरूर करें।

फलाहारी महाराज का विवादित बयान और पृष्ठभूमि

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर सनसनी मचा दी। उन्होंने दावा किया था कि केलीकुंज आश्रम और प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने के लिए राजस्थान की एक निजी कॉर्पोरेट कंपनी ने रणनीतिक रूप से विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया था ताकि वे आश्रम में हाजिरी लगाएं। फलाहारी महाराज ने यह भी आरोप लगाया था कि उक्त कॉर्पोरेट कंपनी से जुड़े एजेंट अब संतों का चोला ओढ़कर आश्रम व्यवस्था में काबिज हो चुके हैं और आश्रम की संपत्तियों से जुड़े मामलों को नियंत्रित कर रहे हैं।

बेबुनियाद दावों के बाद खंडन से थमीं अफवाहें

केलीकुंज आश्रम से जुड़े विवादों के बीच लगाए गए इन आरोपों के बाद खेल और आध्यात्मिक जगत में हलचल मच गई थी। हालांकि अब भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज की ओर से आधिकारिक खंडन आने के बाद यह साफ हो चुका है कि विराट-अनुष्का का आश्रम दौरा पूरी तरह से उनका निजी और आध्यात्मिक फैसला था, जिसे बदनाम करने के लिए तथ्यहीन बयानों का सहारा लिया गया था।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: विराट कोहली पर प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) के दर्शन को लेकर क्या विवादित आरोप लगा था?

उत्तर 1: श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया था कि एक निजी कंपनी ने प्रेमानंद जी के केलीकुंज आश्रम (Kelikunj Ashram) को लोकप्रिय बनाने के लिए विराट कोहली को दर्शन के लिए 5 करोड़ रुपये दिए थे।

प्रश्न 2: क्या विराट कोहली (Virat Kohli Fake News) ने सच में दर्शन के लिए पैसे लिए थे?

उत्तर 2: नहीं, यह दावा पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत है। विराट कोहली की टीम और उनके आधिकारिक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि दर्शन के बदले पैसे लेने की बात पूरी तरह निराधार है और इसका धरातल से कोई लेना-देना नहीं है।

प्रश्न 3: विराट कोहली और अनुष्का शर्मा (Virat Anushka Vrindavan Visit) वृंदावन आश्रम क्यों जाते हैं?

उत्तर 3: विराट कोहली की पीआर टीम के अनुसार, विराट और अनुष्का शर्मा किसी व्यावसायिक डील के लिए नहीं, बल्कि संत प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के प्रति अपनी गहरी व्यक्तिगत श्रद्धा, अटूट आस्था और आध्यात्मिक शांति के लिए उनके आश्रम जाते हैं।

प्रश्न 4: विराट कोहली के प्रवक्ता ने मीडिया से क्या अपील की है?

उत्तर 4: प्रवक्ता ने मीडिया संस्थानों और डिजिटल पोर्टल्स (Media Guidelines) से अपील की है कि वे किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति और पूजनीय संत पर ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाने से बचें और कोई भी खबर चलाने से पहले तथ्यों की गहन जांच-पड़ताल जरूर करें।

प्रश्न 5: फलाहारी महाराज (Falahari Maharaj) ने निजी कॉर्पोरेट कंपनी पर क्या आरोप लगाए थे?

उत्तर 5: फलाहारी महाराज का आरोप था कि विराट कोहली को पैसे देने वाली राजस्थान की उसी निजी कॉर्पोरेट कंपनी के लोग अब संतों का चोला पहनकर आश्रम की व्यवस्था और संपत्ति से जुड़े कामों पर अवैध रूप से नियंत्रण कर रहे हैं।

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