एजेंसी, पटना। Tej Pratap Yadav FIR : बिहार की सियासत में उस समय अचानक हड़कंप मच गया जब एक अदालत के निर्देश पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के विरुद्ध राजधानी पटना के पाटलिपुत्र थाने में एक फौजदारी मुकदमा दर्ज किया गया। यह कानूनी कार्रवाई अनुष्का यादव के सगे भाई आकाश यादव द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। गौरतलब है कि अनुष्का यादव का नाम अक्सर सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में तेज प्रताप यादव के साथ जोड़कर देखा जाता रहा है। पुलिस प्रशासन ने मामला दर्ज होते ही इस पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी है और साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा रहा है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक, धमकीपूर्ण एवं असामाजिक व्यवहार के संबंध में विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया, उसने अपनी गलती स्वीकार करने या खेद व्यक्त करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर मेरे विरुद्ध एक झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथमिकी (FIR)… pic.twitter.com/Mlo5O0zysa
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) June 18, 2026
विदेश के नंबर से जान से मारने की धमकी और सबूत में ऑडियो रिकॉर्डिंग
इस पूरे मामले पर कानून व्यवस्था की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिव्यांजलि जायसवाल ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता ने अपनी जान को गंभीर खतरा होने की बात कही है। पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को सबूत के तौर पर एक ध्वनि मुद्रण यानी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़ित को डराने और धमकाने के लिए कथित रूप से अमेरिका के एक फोन नंबर का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस इस तकनीकी पहलू और अंतरराष्ट्रीय नंबर से आए फोन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सच सामने आ सके। दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार यह पूरी घटना इस साल 6 जून की बताई जा रही है, जब तेज प्रताप यादव अपने एक करीबी साथी मोतीलाल यादव के साथ पाटलिपुत्र स्थित आकाश यादव के निवास स्थान पर पहुंचे थे। उस वक्त शिकायतकर्ता खुद घर पर मौजूद नहीं थे और वे खाटू श्याम जी की धार्मिक यात्रा पर गए हुए थे।
घर में घुसने का प्रयास और आपराधिक गिरोह के नाम पर डराने का आरोप
शिकायतकर्ता आकाश यादव ने अपने आवेदन में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि तेज प्रताप यादव और उनके साथियों ने उनके घर की सीमा में जबरन दाखिल होने की कोशिश की। जब उन्हें रोका गया तो वहां मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को डराया और धमकाया गया। आरोपों का सिलसिला यहीं नहीं थमा, शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस घटना के बाद आकाश यादव के पास मोतीलाल यादव और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के फोन आए। फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने खुद को एक बड़े आपराधिक गिरोह का सदस्य बताते हुए सीधे शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ सामाजिक रूप से या मीडिया में कुछ भी बोलने का साहस किया, तो इसके परिणाम उनके और उनके परिवार के लिए बेहद भयानक होंगे।
आरोपों पर तेज प्रताप यादव की सफाई और कानूनी लड़ाई का ऐलान
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है और खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इस पूरे विवाद को राजनीति से प्रेरित और पूरी तरह से काल्पनिक कहानी करार दिया है। उन्होंने अपने सामाजिक डिजिटल मंच पर एक संदेश साझा करते हुए लिखा कि शिकायतकर्ता के गलत व्यवहार के खिलाफ उन्होंने पहले ही एक कानूनी नोटिस भेजा था, जिससे बौखलाकर और निजी दुश्मनी निकालने के लिए यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।
तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि इस साजिश का एकमात्र उद्देश्य उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और राजनीतिक छवि को समाज की नजरों में गिराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हमेशा से देश के कानून, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं का आदर करते आए हैं। उन्होंने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग उनका चरित्र हनन करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे कानूनी तरीके से इस झूठ का पर्दाफाश करेंगे तथा अपनी प्रतिष्ठा धूमिल करने वालों के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई करेंगे।
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