एजेंसी, नई दिल्ली। Salman Khan Case : भारतीय सिनेमा जगत के शीर्ष अभिनेता सलमान खान ने अपने जीवन के सबसे विवादित कानूनी मामले पर बन रही एक नई फिल्म को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अभिनेता शुक्रवार को फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के निर्माताओं के खिलाफ देश की राजधानी स्थित दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंच गए हैं। न्यायालय से जुड़े कानूनी समाचार माध्यमों के अनुसार, अभिनेता ने अदालत में एक विशेष रिट याचिका दायर की है। इस याचिका में उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि फिल्म के निर्माताओं ने उनके जीवन और कानूनी लड़ाइयों पर आधारित इस पूरी फिल्म का निर्माण उनकी लिखित या मौखिक अनुमति के बिना ही कर लिया है। इसके साथ ही, अभिनेता ने एक और बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि फिल्म की कहानी में जानबूझकर उनके तार आपराधिक दुनिया और अंडरवर्ल्ड से जुड़े होने का गलत संकेत दिया गया है।
Delhi High Court issues notice on Salman Khan’s plea against film ‘Kala Hiran: The Battle for Legacy’.
Khan alleges violation of his personality rights, citing posters showing a character resembling him and wearing his signature bracelet. Court also took note of submissions that…
— ANI (@ANI) June 12, 2026
फिल्म के पहले लुक में दिखा सलमान खान जैसा हूबहू हुलिया
यह पूरा विवाद उस समय और ज्यादा गहरा गया जब शुक्रवार के दिन ही इस विवादित फिल्म का पहला आधिकारिक रूप (फर्स्ट लुक) और वीडियो सार्वजनिक किया गया था। इस जारी किए गए वीडियो में मुख्य रूप से साल एक हजार नौ सौ नब्बे के दशक के अंत में हुए वन्यजीव शिकार मामले और उसके बाद चली लंबी अदालती प्रक्रियाओं को फिल्माया गया है। हालांकि, कानूनी पचड़ों से बचने के लिए निर्माताओं ने फिल्म में सीधे तौर पर असली नामों का प्रयोग नहीं किया है। कहानी में सलमान खान से प्रेरित मुख्य किरदार का नाम ‘अयान खान’ रखा गया है, जिसे अभिनेता काशिफ इकबाल खान निभा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, अभिनेता को धमकियां देने वाले कुख्यात अपराधी लॉरेंस का नाम बदलकर ‘लॉयन’ किया गया है। वीडियो में मुख्य किरदार को हूबहू सलमान खान की तरह चलते, उनके जैसा पहनावा रखते और उनके हाथ में हमेशा दिखने वाला विशेष धातु का ब्रेसलेट पहने हुए दिखाया गया है।
कानूनी नोटिस फाड़ने वाले निर्माता ने लगाए गंभीर आरोप
इस फिल्म का निर्देशन भारत एस. श्रीनाथ द्वारा किया जा रहा है, जबकि इसके लेखक और मुख्य निर्माता अमित जानी हैं। फिल्म के मुख्य कलाकारों में बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता मुकेश तिवारी और गोविंद नामदेव भी शामिल हैं। इस अदालती कार्रवाई से पहले, सलमान खान की मुख्य कानूनी फर्म ‘डीएसके लीगल’ ने फिल्म के प्रचार और निर्माण को तुरंत रोकने के लिए एक कड़ा कानूनी नोटिस भेजा था। इस पर पलटवार करते हुए फिल्म के निर्माता अमित जानी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर उस कानूनी नोटिस को सरेआम फाड़ दिया था। निर्माता ने आरोप लगाया कि नोटिस मिलने के बाद से ही उन्हें इंटरनेट पर देश के अलग-अलग कोनों से जान से मारने और सिर कलम करने की हजारों धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अंडरवर्ल्ड के नाम से भी धमकियां दी जा रही हैं कि वे इस फिल्म का निर्माण बंद कर दें।
बिश्नोई समाज के संघर्ष पर आधारित है फिल्म की कहानी
फिल्म निर्माता अमित जानी, जो इससे पहले साल दो हजार पच्चीस में ‘उदयपुर फाइल्स’ नामक फिल्म बना चुके हैं, ने इस विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उनकी यह नई फिल्म पूरी तरह से सलमान खान के जीवन पर आधारित कोई पारंपरिक बायोपिक नहीं है। उन्होंने समाचार माध्यमों से बातचीत में स्पष्ट किया कि इस फिल्म की मुख्य कहानी बिश्नोई समाज के ऐतिहासिक संघर्ष, उनकी सांस्कृतिक विरासत और मूक वन्यजीवों की रक्षा के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाती है। निर्माता के अनुसार, अभिनेता सलमान खान का कानूनी मामला इस बड़ी कहानी का केवल एक छोटा सा हिस्सा मात्र है। इस बीच, फिल्म का मुख्य टीज़र आगामी बीस जून को जारी करने की घोषणा की गई है, जिसके कारण यह कानूनी विवाद आने वाले दिनों में और ज्यादा बढ़ने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
साल एक हजार नौ सौ नब्बे के दशक का पुराना शिकार मामला
यदि इस पूरे विवाद की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें, तो सलमान खान से जुड़ा यह वन्यजीव शिकार मामला साल एक हजार नौ सौ नब्बे के दशक में उस समय सामने आया था जब वे राजस्थान के जोधपुर शहर में अपनी एक बड़ी पारिवारिक फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग कर रहे थे। उस दौरान उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कुल चार अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें चिंकारा के शिकार और अवैध हथियार रखने के आरोप शामिल थे। स्थानीय बिश्नोई समुदाय की मुख्य शिकायत पर दर्ज हुए इस मामले में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम जैसे सह-कलाकारों को भी आरोपी बनाया गया था।
सालों चली अदालती कार्रवाई और उच्च न्यायालय में लंबित मामला
इस लंबे चले कानूनी मामले में साल दो हजार छह में सलमान खान को पहली बार चिंकारा मामले में सजा सुनाई गई थी, जबकि साल दो हजार सत्रह में उन्हें आर्म्स एक्ट के मामले से पूरी तरह बरी कर दिया गया था। इसके बाद, पांच अप्रैल साल दो हजार अठारह को जोधपुर की निचली अदालत ने काला हिरण शिकार मामले में मुख्य फैसला सुनाते हुए सलमान खान को दोषी करार दिया था और उन्हें पांच साल के कड़े कारावास के साथ दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। उसी फैसले में बाकी सभी सह-कलाकारों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था। इसके बाद अभिनेता को ऊपरी अदालत से जमानत मिल गई थी। वर्तमान समय में यह पूरा मामला राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है, जिसकी अगली महत्वपूर्ण सुनवाई आगामी तेरह जुलाई दो हजार छब्बीस को होना तय पाई गई है और अभिनेता अभी जमानत पर जेल से बाहर चल रहे हैं।
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