Road Accident

महाबलेश्वर के पहाड़ी घाट पर भीषण सड़क दुर्घटना, अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी कार, आठ लोगों की मौत

देश/प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय

एजेंसी, महाबलेश्वर। Road Accident : महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल महाबलेश्वर के पास स्थित पहाड़ी रास्तों पर रविवार की देर रात एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। इस भयानक दुर्घटना में एक तेज़ रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी अचानक अपना संतुलन खो बैठी और सीधे लगभग 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस दिल दहला देने वाले एक्सीडेंट की वजह से गाड़ी में सवार आठ युवा दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। अंधेरी रात, खाई की अत्यधिक गहराई और बेहद कठिन रास्तों के बीच राहत और बचाव दल को शवों को बाहर निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है।

देर रात के अंधेरे में हुआ भयावह हादसा

स्थानीय पुलिस प्रशासन से प्राप्त शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक सड़क दुर्घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे से 1:00 बजे के बीच पोलादपुर-आंबेनळी घाट मार्ग पर घटित हुई। पहाड़ी मोड़ पर वाहन के अचानक अनियंत्रित होने के बाद गाड़ी सीधे गहरी खाई के नीचे जा टकराई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे सभी लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। रात का घना अंधेरा होने और घाट क्षेत्र का रास्ता बेहद संकरा व दुर्गम होने के चलते शुरुआती समय में दुर्घटना की सटीक जगह का पता लगाने और नीचे उतरने में रेस्क्यू टीम को सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।

स्थानीय ट्रैकर्स और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना जैसे ही स्थानीय पुलिस को मिली, वैसे ही महाबलेश्वर ट्रैकर्स की विशेषज्ञ टीम, एम्बुलेंस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी राहत सामग्री के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए। पहाड़ी की भौगोलिक परिस्थितियां इतनी जटिल और खतरनाक थीं कि रेस्क्यू ऑपरेशन को शुरू करने के लिए बेहद सावधानी बरतनी पड़ी। रात के समय खाई में उतरना नामुमकिन होने के कारण सुबह की पहली किरण के साथ ही रेस्क्यू टीमों ने रस्सियों और आधुनिक उपकरणों की मदद से नीचे उतरना शुरू किया।

मृतकों की पहचान और गांव में पसरा मातम

इस भीषण हादसे का शिकार हुए सभी मृतक महाराष्ट्र के सातारा जिले के अंतर्गत आने वाली कोरेगांव तहसील के आसगांव गांव के रहने वाले थे। यह सभी दोस्त एक साथ घूमने के लिए निकले थे। मृतकों की पहचान 25 वर्षीय महेश अनिल पवार, 21 वर्षीय आदित्य अशोक सालुंखे, 25 वर्षीय रितेश राजेंद्र लोखंडे, 20 वर्षीय सुहास जितेंद्र लोखंडे, 18 वर्षीय अंश समीर चव्हाण, 21 वर्षीय उत्कर्ष आनंद शिंगटे, 25 वर्षीय अनिल अभिमन्यू शिंगटे और 35 वर्षीय नितिन किसन नायकोंडे के रूप में की गई है। एक ही गांव के आठ युवाओं की एक साथ मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले और हर आंख नम हो गई।

रस्सियों के सहारे शवों को निकालने का काम जारी

सोमवार की सुबह करीब 6:00 बजे से ही चार अलग-अलग विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमों को युद्धस्तर पर राहत कार्य के लिए खाई में उतारा गया। अत्यधिक गहराई होने के कारण स्ट्रेचर और मजबूत रस्सियों के सहारे शवों को एक-एक कर ऊपर खींचने की प्रक्रिया शुरू की गई। दोपहर तक दो युवकों के शवों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया था, जबकि बाकी बचे हुए शवों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी गाड़ी से निकालकर ऊपर लाने का काम लगातार जारी है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी खुद मौके पर डटे हुए हैं और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।

दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

फिलहाल इस दर्दनाक हादसे की मुख्य और असली वजह क्या थी, यह पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है। स्थानीय पुलिस हर तकनीकी और मानवीय पहलू को ध्यान में रखकर इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। शुरुआती कयासों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि घाट मार्ग पर मौजूद कोई खतरनाक अंधा मोड़, रात के समय ड्राइवर को नींद की झपकी आना या अचानक तेज रफ्तार के कारण वाहन से नियंत्रण खो जाना ही इस भीषण हादसे की मुख्य वजह रही होगी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी पूरी कर ली है।

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