Pune Ketan Murder Case

लोहगढ़ किले की दीवार से डमी गिराकर पुणे पुलिस ने रीक्रिएट किया केतन मर्डर का पूरा सीन, आरोपियों की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री से हुए कई सनसनीखेज खुलासे

देश/प्रदेश महाराष्ट्र

एजेंसी, पुणे। Pune Ketan Murder Case : महाराष्ट्र के चर्चित पुणे हत्याकांड में पुलिस जांच दल ने रविवार को एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मृतक केतन को लोहगढ़ किले की ऊंची दीवार से नीचे खाई में गिराए जाने के खौफनाक घटनाक्रम का सीन रीक्रिएशन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए सामने आई जानकारी के अनुसार, इस संवेदनशील मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस टीम रविवार की सुबह ठीक 6.30 बजे दोनों मुख्य आरोपियों, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे लोहगढ़ किले के वारदात वाले स्थान पर लेकर पहुंची। पुलिस की यह विशेष जांच टीम करीब 2.30 घंटे तक किले के दुर्गम रास्तों और उस दीवार के पास मौजूद रही, जहां से इस पूरी जघन्य हत्या को अंजाम दिया गया था।

केतन के वजन की डमी को खाई में फेंककर पुलिस ने परखा पूरा घटनाक्रम

इस पूरे मामले की वैज्ञानिक और कानूनी तफ्तीश को मजबूती देने के लिए पुलिस ने एक विशेष योजना बनाई थी। मामले की कमान संभाल रहे पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) गजानन टोंपे ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि रविवार की सुबह मुख्य महिला आरोपी सिया गोयल को ठीक उसी जगह पर ले जाया गया था, जहां यह वारदात हुई थी। सिया द्वारा पुलिस पूछताछ में कुबूले गए बयानों के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम का लाइव सीन रीक्रिएशन संपन्न किया गया। इस प्रक्रिया के लिए पुलिस ने मृतक केतन के बिल्कुल समान वजन और कद-काठी का एक कृत्रिम पुतला यानी डमी तैयार किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के सामने ही उस डमी को किले की दीवार से नीचे गहरी खाई में गिराकर देखा, ताकि अदालत में अपराध की कड़ियों को वैज्ञानिक तरीके से साबित किया जा सके।

मर्डर से पहले इंटरनेट पर सर्च किए थे डेथ पॉइंट और बिना शक जहर देने के तरीके

इस सनसनीखेज हत्याकांड की परतों को खोलते हुए पुणे पुलिस ने एक और बेहद चौंकाने वाला तथा बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की सायबर विंग द्वारा की गई शुरुआती तकनीकी जांच में यह बात पूरी तरह साफ हो गई है कि आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने इस वारदात को अंजाम देने से पहले बाकायदा पूरी प्लानिंग की थी। इन दोनों ने इंटरनेट और गूगल सर्च इंजन पर लोहगढ़ किले के खतरनाक ‘डेथ पॉइंट’ के बारे में विस्तार से खोजबीन की थी। इसके साथ ही उन्होंने किले तक आसानी से पहुंचने का गुप्त रास्ता और वहां स्थित गहरी खाइयों की भौगोलिक स्थिति की भी पूरी डिजिटल जानकारी पहले से ही जुटा रखी थी।

पकड़े जाने पर पुलिस को क्या जवाब देना है, यह भी गूगल पर किया था सर्च

पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दोनों शातिर आरोपियों ने अपराध करने से पूर्व इंटरनेट पर बेहद खौफनाक सवाल खोजे थे। उन्होंने गूगल पर सर्च किया था कि ‘किसी को जहर देकर कैसे मारें, ताकि पुलिस को इसकी भनक न लगे और कोई शक भी न हो’। इतना ही नहीं, अपनी चालाकी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इंटरनेट पर यह भी सर्च किया था कि यदि वे भविष्य में पुलिस द्वारा पकड़े जाते हैं, तो उन्हें पुलिस के तीखे सवालों के क्या-क्या मनगढ़ंत जवाब देने हैं ताकि वे बच सकें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कानून के हाथों से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन से कौन-कौन से संवेदनशील वॉट्सएप मैसेजेस को पूरी तरह से डिलीट करना है, इसकी सूची भी इंटरनेट पर तलाशी थी।

पहचान छिपाने के लिए मोबाइल बदला, डिलीटेड चैट्स की हो रही फॉरेंसिक जांच

पुलिस तफ्तीश में यह बात भी प्रमाणित हुई है कि आरोपी चेतन चौधरी ने कानून और पुलिस की सर्विलांस टीम को चकमा देने के लिए मर्डर वाले दिन एक शातिर चाल चली थी। उसने अपनी लोकेशन और वास्तविक पहचान को पूरी तरह छिपाने के उद्देश्य से मर्डर वाले दिन अपना मुख्य मोबाइल फोन एक दुकान पर ही छोड़ दिया था। इसके बाद उसने इस पूरी खौफनाक साजिश को अंजाम देने के लिए एक दूसरे गुप्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा साक्ष्यों को मिटाने के उद्देश्य से डिलीट किए गए सभी वॉट्सएप चैट्स और मैसेजेस को रिकवर करने के लिए मोबाइल फोन को उच्च स्तरीय फॉरेंसिक जांच प्रयोगशाला में भेज दिया गया है।

कार और बाइक से पहुंचे थे किले, आरोपियों का सामान और वाहन जब्त

भौगोलिक दूरी की बात करें तो महाराष्ट्र के मुख्य शहर पुणे से ऐतिहासिक लोहगढ़ किले की कुल दूरी लगभग 64 किलोमीटर है। वारदात के दिन मुख्य आरोपी सिया गोयल और मृतक केतन एक साथ कार में सवार होकर इस किले तक पहुंचे थे, जबकि दूसरी तरफ इस पूरी वारदात में सिया का साथ देने वाला उसका प्रेमी और सह-आरोपी चेतन चौधरी अपनी स्पोर्ट्स बाइक से अलग रास्ते से वहां पहुंचा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चेतन की वह बाइक जब्त कर ली है जिसका इस्तेमाल उसने वारदात के दिन किया था। इसके साथ ही पुलिस ने चेतन की हुडी, हेडफोन और अन्य व्यक्तिगत डिजिटल सामान को भी अपने कब्जे में ले लिया है और इन सभी वस्तुओं की गहन फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

सिया के माता-पिता और भाई से पुलिस स्टेशन में घंटों हुई कड़ाई से पूछताछ

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के सभी पहलुओं और संभावित मददगारों का पता लगाने के लिए लोणावला पुलिस स्टेशन की टीम लगातार संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। इसी सिलसिले में पुलिस ने शनिवार को मुख्य आरोपी सिया गोयल के माता-पिता को पुलिस स्टेशन तलब किया था, जहां अलग-अलग कमरों में बैठाकर उनसे करीब 12 घंटे तक बेहद कड़ाई से पूछताछ की गई। इससे पहले, मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस टीम ने गुरुवार के दिन सिया के सगे भाई को भी जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था और उससे भी लगातार 10 घंटे तक गहन पूछताछ की गई थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या परिवार के किसी अन्य सदस्य को भी इस साजिश की भनक थी।

हत्या के 6 दिनों के भीतर दोनों गिरफ्तार, खुद को बेकसूर बताने की होड़

गौरतलब है कि 18 जून को हुई केतन की इस दर्दनाक हत्या के मामले में पुणे पुलिस ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए महज 6 दिनों के भीतर ही दोनों मुख्य आरोपियों, सिया गोयल और चेतन चौधरी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था। वर्तमान में दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और रिमांड पर चल रहे हैं। पुलिस कस्टडी में जांच के दौरान एक बेहद दिलचस्प मोड़ यह आया है कि दोनों ही आरोपी खुद को पूरी तरह बेकसूर साबित करने में जुटे हैं और एक-दूसरे पर इस पूरी मर्डर प्लानिंग का मुख्य मास्टरमाइंड होने का आरोप लगा रहे हैं। इस विरोधाभास को दूर करने के लिए पुलिस इन दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी लंबी पूछताछ पूरी कर चुकी है।

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