एजेंसी, विक्टोरिया। PM Modi Seychelles Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ऐतिहासिक तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे हैं, जहां उनका भव्य और शाही स्वागत किया गया तथा उन्हें सेशेल्स की सेना द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया। अपनी इस विशेष यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए वैश्विक मंच पर पर्यावरण और समानता का एक बहुत बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने पूरी दृढ़ता के साथ कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक और घातक असर ‘ग्लोबल साउथ’, विशेषकर छोटे द्वीपीय देशों पर पड़ रहा है। उन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में न्याय, समानता और सामूहिक जिम्मेदारी पर आधारित वैश्विक कार्रवाई की पुरजोर वकालत करते हुए दुनिया के अमीर और विकसित देशों को उनकी वास्तविक जिम्मेदारी समझने की नसीहत दी।
Mon annan gratitid anver lepep ek gouvernman Sesel osi byen ki Prezidan Herminie pour donn mwan tit ‘Gardyen Lorizon Ble.’
Mon enbleman aksepte sa tit avek loner e dedye li a tou lezot pei ki pe lager kont bann defi sanzman klima e ki konsider proteksyon lanvironnman zot… pic.twitter.com/aHZVPOe9cF
— Narendra Modi (@narendramodi) June 28, 2026
जलवायु परिवर्तन का खामियाजा भुगत रहे ग्लोबल साउथ के द्वीप राष्ट्र
सेशेल्स की संसद के ऐतिहासिक सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यायसंगत जलवायु कार्रवाई की आवश्यकता को पुरजोर तरीके से रेखांकित किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि कैसे जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव पहले से ही समुद्र तटों, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र, मौसम के बदलते चक्र और तटीय समुदायों के जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दुनिया को याद दिलाते हुए दोहराया कि जिन गरीब या कम विकसित देशों ने वैश्विक स्तर पर प्रदूषण फैलाने या जलवायु परिवर्तन में सबसे कम योगदान दिया है, उन पर इसके विनाशकारी परिणामों का सबसे बड़ा आर्थिक और सामाजिक बोझ बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए।
निष्पक्षता और समता के सिद्धांतों पर आधारित हो वैश्विक पर्यावरण नीति
आर्थिक रूप से कम विकसित और विकासशील देशों के समूह, जिन्हें आमतौर पर ‘ग्लोबल साउथ’ के रूप में संदर्भित किया जाता है, के हितों की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री ने आवाज उठाई। उन्होंने इस बात पर गहरा जोर दिया कि भविष्य की सभी वैश्विक जलवायु कार्रवाइयों को निष्पक्षता, जिम्मेदारी और समता के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। भारत और सेशेल्स एक ऐसी दुनिया का दृष्टिकोण साझा करते हैं, जहां आर्थिक विकास अधिक समावेशी और पर्यावरण के अनुकूल हो। प्रधानमंत्री ने ‘ग्लोबल साउथ’ के हितों को वैश्विक मंचों पर लगातार आगे बढ़ाने के लिए भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यही वह भावना है जो ग्लोबल साउथ को आपस में एकजुट करती है।
हिंद महासागर को बताया साझा घर, द्विपक्षीय सहयोग विस्तार का बड़ा प्रस्ताव
हिंद महासागर के रणनीतिक महत्व पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लिए सेशेल्स का स्थान अत्यंत विशिष्ट और महत्वपूर्ण है। उन्होंने दोनों देशों के गहरे संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को एक-दूसरे से अलग नहीं करता, बल्कि यह सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों के माध्यम से हमें आपस में जोड़ता है। प्रधानमंत्री मोदी ने भविष्य की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए मत्स्य पालन, समुद्री विज्ञान, तटीय प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन के क्षेत्रों में आपसी द्विपक्षीय सहयोग को व्यापक रूप से विस्तार देने का एक बड़ा और ठोस प्रस्ताव सेशेल्स की सरकार के सामने रखा।
स्वतंत्रता के 50वें साल और राजनयिक संबंधों की स्वर्ण जयंती का ऐतिहासिक अवसर
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ अत्यंत उच्च स्तरीय और सफल द्विपक्षीय वार्ता संपन्न करने के बाद एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी यह यात्रा एक ऐसे ऐतिहासिक मील के पत्थर पर हो रही है, जब सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता का 50वां वर्ष मना रहा है और साथ ही भारत-सेशेल्स के बीच स्थापित हुए राजनयिक संबंधों की भी यह गौरवशाली स्वर्ण जयंती का वर्ष है। पिछले 5 दशकों में दोनों देशों ने अपनी पारंपरिक दोस्ती को गहरे विश्वास में बदला है और इस विश्वास को धरातल पर उतारते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं में परिवर्तित किया है।
हिंद महासागर को ‘अवसरों का महासागर’ बनाने पर भारत का विशेष जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का ‘महासागर विजन’ मूल रूप से हिंद महासागर को सुरक्षा के साथ-साथ ‘अवसरों का महासागर’ बनाने की नीति पर आधारित है। भारत एक ऐसी मजबूत और सुरक्षित क्षेत्रीय व्यवस्था की कामना करता है जहां समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ सभी सदस्य देशों की आर्थिक समृद्धि भी लगातार बढ़े। उन्होंने साफ किया कि यह अंतरराष्ट्रीय साझेदारी किसी भी देश के भौगोलिक आकार से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और भरोसे से तय होनी चाहिए। हिंद महासागर हम दोनों देशों का एक साझा घर है और इसकी सुरक्षा तथा सतत विकास सुनिश्चित करना हमारी एक समान जिम्मेदारी है।
सेशेल्स में लागू होगा यूपीआई, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए जन औषधि योजना पर समझौता
भारत और सेशेल्स के बीच हुई इस उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक समझौता ज्ञापनों पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों में सबसे प्रमुख कदम सेशेल्स में भारत की सफल डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई को लागू करना रहा, जिससे वहां बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन को नई रफ्तार मिलेगी। इसके साथ ही, भारत की अत्यंत लोकप्रिय ‘जन औषधि योजना’ को सेशेल्स में शुरू करने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाने से जुड़े कई बड़े समझौतों पर मुहर लगाई गई, जो सीधे तौर पर सेशेल्स के आम नागरिकों को सस्ती दवाइयां और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मददगार साबित होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’
इस यात्रा का सबसे गौरवशाली क्षण तब आया जब रविवार को सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और छोटे द्वीपीय विकासशील देशों की आकांक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से आगे बढ़ाने में उनके अप्रतिम योगदान के लिए सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मानों में से एक ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया। यह किसी भी विदेशी देश द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है, जो वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते हुए कूटनीतिक प्रभाव को प्रदर्शित करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई, विश्व मंच पर बढ़ा भारत का गौरव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स गणराज्य का यह प्रतिष्ठित ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान मिलने पर पूरे राज्य की तरफ से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी पोस्ट में इसे भारत के वैश्विक नेतृत्व और पर्यावरण स्थिरता के प्रति देश की प्रतिबद्धता की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दूरदर्शी नेतृत्व विश्व मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को निरंतर नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है और दुनिया को एक समृद्ध तथा हरित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।
पीएम मोदी ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से जूझ रहे देशों को समर्पित किया पुरस्कार
इस सर्वोच्च और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान को सहर्ष स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स सरकार और वहां की जनता के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर बड़े दिल का परिचय देते हुए घोषणा की कि वह इस सम्मान को अपने तक सीमित न रखकर, दुनिया के उन सभी छोटे और द्वीपीय देशों को पूरी तरह समर्पित करते हैं जो वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन की सबसे कठिन भौगोलिक और आर्थिक चुनौतियों का डटकर सामना कर रहे हैं।
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