एजेंसी, पेशावर। Peshawar School Roof Collapse : पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में गुरुवार दोपहर को एक रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया, जहां दीर कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल की जर्जर छत भरभराकर सीधे कक्षा में बैठे बच्चों पर गिर गई। मलबे के नीचे दबने से 34 मासूम स्कूली छात्रों और एक महिला शिक्षिका समेत 35 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। काल के गाल में समाए सभी बच्चों की उम्र 13 वर्ष या उससे भी कम बताई जा रही है। इस भयावह दुर्घटना में 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिनमें कई की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के वक्त स्कूल में नियमित कक्षाएं चल रही थीं और किसी को भी खतरे का जरा सा भी आभास नहीं था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैर-जिम्मेदार निजी स्कूल के मालिक को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
Look at the site of the collapsed school building in Peshawar, where all three floors have crumbled into rubble. Authorities say substandard construction materials were the main cause of the collapse. #PeshawarTragedy #SchoolTragedy #Pakistan https://t.co/IK5De81joV
— Sajjad Tarakzai (@SajjadTarakzai) October 15, 2026
मलबे में दबी मासूम जिंदगियां और युद्धस्तर पर बचाव अभियान
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ कंक्रीट और गिट्टी से बनी पुरानी छत नीचे आ गिरी। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई और पूरा इलाका धूल के गुबार से घिर गया। हादसे की खबर फैलते ही आपातकालीन बचाव दल, पाकिस्तानी सेना की रेस्क्यू टुकड़ियां और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर पहुंचे। राहत कर्मियों ने मलबे के भारी पत्थरों और लोहे के गर्डरों को काटकर दबे हुए बच्चों और शिक्षकों को बाहर निकालने का सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। मलबे में और लोगों के फंसे होने के अंदेशे को देखते हुए क्रेन और कटर मशीनों की मदद से तलाशी अभियान को देर शाम तक जारी रखा गया।
अस्पतालों में हेल्थ इमरजेंसी और परिजनों का विलाप
दुर्घटना में लहूलुहान बच्चों और घायल स्टाफ को तुरंत नजदीकी बड़े अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल मेडिकल इमरजेंसी लागू कर दी। अस्पतालों के ट्रॉमा सेंटर और आईसीयू वार्डों में अतिरिक्त सर्जनों, नर्सों और आपातकालीन मेडिकल कर्मियों को तैनात किया गया है। अस्पताल परिसरों में अपने जिगर के टुकड़ों की तलाश में बदहवास पहुंचे माता-पिता और परिजनों की चीखों से पूरा माहौल गमगीन हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक कई बच्चों के सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते मौतों का आंकड़ा और भी बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
प्रधानमंत्री और प्रांतीय गवर्नर ने जताया शोक, जांच के सख्त आदेश
इस बड़े मानवीय संकट पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना जताते हुए स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि घायलों के बेहतर से बेहतर मुफ्त इलाज में कोई भी कोताही न बरती जाए। दूसरी तरफ खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी इसे आपराधिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए शिक्षा और प्रशासनिक महकमे से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और स्कूल की फिटनेस मंजूरी देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़तीं मासूम जानें
पाकिस्तान में स्कूल भवनों के गिरने की यह कोई पहली त्रासदी नहीं है, बल्कि पिछले 6 महीनों के भीतर शिक्षण संस्थानों में हुआ यह चौथा बड़ा हादसा है। विशेषज्ञों का मानना है कि घटिया निर्माण सामग्री, भारी भ्रष्टाचार, नियमों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों की शून्य निगरानी मासूम बच्चों के लिए मौत का फंदा साबित हो रही है। इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में कई भीषण घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: पेशावर स्कूल हादसे (Peshawar school roof collapse) में कितने लोगों की जान गई?
उत्तर 1: इस दर्दनाक School building collapse में 34 मासूम बच्चों और एक महिला शिक्षिका सहित कुल 35 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हैं।
प्रश्न 2: यह हादसा पेशावर के किस इलाके (Peshawar news updates) में हुआ?
उत्तर 2: यह भयानक दुर्घटना पेशावर के दीर कॉलोनी (Dir Colony Peshawar) इलाके में स्थित एक निजी स्कूल में हुई जब अचानक जर्जर छत बच्चों पर गिर गई।
प्रश्न 3: पाकिस्तान में स्कूल हादसों (Pakistan school infrastructure safety) का क्या रिकॉर्ड रहा है?
उत्तर 3: पिछले छह महीनों के भीतर पाकिस्तान में स्कूल की छत या दीवार गिरने (Building collapse incidents) की यह चौथी बड़ी घटना है, जो सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी को दर्शाती है।
प्रश्न 4: प्रशासन ने इस हादसे के बाद क्या कार्रवाई (Rescue operation Peshawar) की है?
उत्तर 4: रेस्क्यू टीमों ने मलबे से घायलों को निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया है, जहाँ Medical emergency घोषित है, और गैर-जिम्मेदार स्कूल मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्रश्न 5: क्या सरकार ने इस त्रासदी पर कोई जांच (Government inquiry Pakistan) बैठाई है?
उत्तर 5: हाँ, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और प्रांतीय गवर्नर ने गहरा शोक जताते हुए इस आपराधिक लापरवाही की विस्तृत जांच (Investigation order) के सख्त निर्देश दिए हैं।
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