एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में दावा किया कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम् के टुकड़े कर दिए गए। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘कांग्रेस वंदे मातरम् के बंटवारे पर झुकी, इसलिए उसे एक दिन भारत के बंटवारे के लिए झुकना पड़ा।’’ मोदी ने सदन में ‘‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चर्चा’’ की शुरुआत करते हुए 1975 में देश में लगाए गए आपातकाल का हवाला दिया और कहा कि जब राष्ट्रीय गीत के 100 वर्ष पूरे हुए, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था और संविधान का गला घोंट दिया गया था। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘‘जब आजादी को कुचलने की कोशिश हुई, संविधान की पीठ पर छुरा घोंप दिया गया और देश पर आपातकाल थोप दिया गया, तब इसी वंदे मातरम ने देश को खड़ा कर दिया।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि जब मोहम्मद अली जिन्ना ने वंदे मातरम् के विरोध का नारा बुंलद किया तो तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखा और उसमें जिन्ना की भावना से सहमति जताते हुए कहा कि ‘‘वंदे मातरम की आनंद मठ की पृष्ठभूमि मुसलमानों को इरिटेट (क्षुब्ध) कर सकती है।’’ उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् पर समझौता कर लिया और इसके टुकड़े कर दिए और इसके लिए सामाजिक सद्भाव का हवाला दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘वंदे मातरम के टुकड़े करने के फैसले में नकाब यह पहना गया कि यह तो सामाजिक सद्भाव का काम है। लेकिन, इतिहास इस बात का गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए और मुस्लिम लीग के दबाव में यह किया गया।

यह कांग्रेस का तुष्टीकरण की राजनीति को साधने का एक तरीका था।’’ मोदी ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से कांग्रेस की नीतियां आज वैसी की वैसी ही हैं और आज आईएनसी चलते-चलते एमएमसी हो गया है।’’ प्रधानमंत्री ने गत 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राजग की जीत के बाद अपने भाषण में कांग्रेस के लिए एमएमसी (मुस्लिम-लीगी माओवादी कांग्रेस) शब्द का इस्तेमाल किया था। मोदी ने कहा, ‘‘वंदे मातरम्, सिर्फ राजनीतिक लड़ाई का मंत्र नहीं था। सिर्फ अंग्रेज जाएं और हम अपनी राह पर खड़े हो जाएं, वंदे मातरम् सिर्फ यहां तक सीमित नहीं था। यह आजादी की लड़ाई थी, इस मातृभूमि को मुक्त कराने की जंग थी। मां भारती को उन बेड़ियों से मुक्त कराने की एक पवित्र जंग थी।’’ उनका कहना था, ‘‘अंग्रेज समझ चुके थे कि 1857 के बाद भारत में लंबे समय तक टिक पाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। जिस प्रकार के सपने लेकर वे आए थे, उन्हें यह साफ दिखने लगा कि जब तक भारत को बांटा नहीं जाएगा, लोगों को आपस में लड़ाया नहीं जाएगा, तब तक यहां राज करना कठिन है। तब अंग्रेज़ों ने ‘बांटो और राज करो’ का रास्ता चुना, और उन्होंने बंगाल को इसकी प्रयोगशाला बनाया।’’ मोदी ने कहा, ‘‘जिस मंत्र ने, जिस जयघोष ने देश की आजादी के आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी थी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया था, उस वंदे मातरम् का पुण्य स्मरण करना इस सदन में हम सबका बहुत बड़ा सौभाग्य है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम सभी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वंदे मातरम् की 150 वर्ष की यात्रा अनेक पड़ावों से गुजरी है, लेकिन जब वंदे मातरम् के 50 वर्ष हुए थे, तब देश गुलामी में जीने के लिए मजबूर था। जब वंदे मातरम् के 100 वर्ष हुए, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था और जब वंदे मातरम् का अत्यंत उत्तम पर्व होना चाहिए था, तब भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वंदे मातरम् के 100 वर्ष हुए, तब देशभक्ति के लिए जीने-मरने वाले लोगों को जेल की सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘जिस वंदे मातरम् गीत ने देश को आजादी की ऊर्जा दी थी, उसके 100 वर्ष पूरे होने पर हमारे इतिहास का एक काला कालखंड दुर्भाग्य से उजागर हो गया।’’ मोदी ने सदन में उपस्थित सदस्यों से कहा, ‘‘हम लोगों पर तो कर्ज है वंदे मातरम का। उसी ने यहां (संसद में) पहुंचाने का रास्ता बनाया। अब हम आत्मनिर्भर भारत का सपना लेकर चल रहे हैं और वंदे मातरम हमारी प्रेरणा है। स्वदेशी आंदोलन की भावना आज भी मौजूद है और वंदे मातरम हमें जोड़ता है।’’ उन्होंने कहा कि आजादी से पहले महापुरुषों का सपना स्वतंत्र भारत का था और आज की पीढ़ी का सपना समृद्ध भारत का है। मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् की इस यात्रा की शुरुआत बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1875 में बंगाल की धरती से की थी। उन्होंने कहा कि यह गीत ऐसे समय लिखा गया था, जब 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेज सल्तनत बौखलाई हुई थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा सपना है कि 2047 में देश विकसित भारत बनकर रहे। अगर आजादी के 50 साल पहले कोई देश की आजादी का सपना देख सकता था तो 25 साल पहले हम भी समृद्ध, विकसित भारत का सपना देख सकते हैं।’’
गौरव गोगोई ने इंडिगो का मुद्दा लोकसभा में उठाया, बिरला ने दिया मंत्री के जवाब का आश्वासन
लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने इंडिगो एयरलाइन से जुड़े संकट का विषय सोमवार को लोकसभा में उठाया और सरकार से जवाब मांग की, जिस पर अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू आज या मंगलवार को इस संबंध में विस्तृत वक्तव्य देंगे। गोगोई ने यह विषय उठाते हुए कहा कि नागरिक उड्यन मंत्री बताएं कि हर हवाई अड्डे पर इतनी अव्यवस्था क्यों हैं? उनका कहना था, ‘‘कहा गया था कि हवाई चप्पल वाले हवाई यात्रा करेंगे, लेकिन आज उड़ानों का किराया 20 हजार रुपये है, कॉफी के दाम ढाई सौ रुपये हैं।’’ इस पर बिरला ने कहा, ‘‘मंत्री जी (राममोहन नायडू) आज राज्यसभा में हैं। वह आज बयान देंगे या आप लोग चाहेंगे तो कल विस्तृत बयान देंगे।’’ पिछले कई दिन से इंडिगो एयरलाइन की कई घरेलू उड़ानें निरस्त होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गौरव गोगोई का प्रधानमंत्री मोदी पर पलटावर, कहा- आप नेहरू के योगदान पर दाग नहीं लगा सकते
लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर वंदे मातरम् पर चर्चा को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोग जितनी भी कोशिश कर लें, पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान पर दाग नहीं लगा सकते। उन्होंने सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा, ‘‘भाजपा के राजनीतिक पूर्वजों का आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं रहा।’’ गोगोई ने दावा किया कि कांग्रेस ने सबसे पहले वंदे मातरम् का उद्घोष किया था। कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री के भाषण को गौर से सुना। उनके दो उद्देश्य थे। उनका पहला उद्देश्य यह बताने का प्रयास करने का था कि आपके (सत्तापक्ष) राजनीतिक पूर्वज अंग्रेजों के खिलाफ लड़ रहे थे। उनका दूसरा उद्देश्य इस चर्चा को राजनीतिक रंग देने का था।’’ गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने हर वक्तव्य में कांग्रेस और नेहरू का बार-बार उल्लेख करते हैं। गोगोई का कहना था कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान नेहरू का नाम 14 बार लिया और कांग्रेस का नाम 50 बार लिया। उन्होंने कहा, ‘‘आप जितनी कोशिश कर लें, आप उनके योगदान पर एक भी काला दाग लगाने में सफल नहीं होंगे।’’ कांग्रेस नेता ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘मुस्लिम लीग यह कहना चाहती थी कि पूरे वंदे मातरम् का बहिष्कार करना चाहिए और उस समय मौलाना अबुल कलाम आजाद ने स्वयं कहा था कि उन्हें वंदे मातरम् में कोई आपत्ति नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने अपने एक अधिवेशन में यह फैसला किया कि जहां भी कोई आयोजन होगा हम वंदे मातरम् गाएंगे।’’ गोगोई का कहना था, ‘‘इसका विरोध मुस्लिम लीग और हिंदू महासभा ने किया था तथा कांग्रेस की आलोचना की थी।’’ उन्होंने दावा किया कि भाजपा न तो बंगाल को समझ पाई और न ही इस राष्ट्र को समझ पाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को लोकसभा में दावा किया कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम् के टुकड़े कर दिए गए। मोदी ने यह भी कहा, ‘‘कांग्रेस वंदे मातरम् के बंटवारे पर झुकी, इसलिए उसे एक दिन भारत के बंटवारे के लिए झुकना पड़ा।’’ मोदी ने सदन में ‘‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चर्चा’’ की शुरुआत करते हुए 1975 में देश में लगाए गए आपातकाल का हवाला दिया और कहा कि जब राष्ट्रीय गीत के 100 वर्ष पूरे हुए, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था और संविधान का गला घोंट दिया गया था।

अनुराग ठाकुर बोले- हमें वंदे मातरम् से ‘एनर्जी’ मिलती है, कांग्रेस को इससे ‘एलर्जी’ होती है
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम से ‘‘हमें एनर्जी’’ मिलती है, वहीं विपक्षी दल को इससे ‘‘एलर्जी’’ होती है। लोकसभा में, ‘‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चर्चा’’ में भाग लेते हुए ठाकुर ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने वंदे मातरम् के शताब्दी वर्ष पर आपातकाल लगाकर देश को अंधेरे में पहुंचाया। यह काम उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया और आज स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वंदे मातरम् के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को देश के सामने रखा।’’ उन्होंने चर्चा की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के दौरान, सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी के अनुपस्थित रहने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘वंदे मातरम् गीत नहीं राष्ट्रीय प्रीत है इसलिए कांग्रेस इससे भयभीत है। जब चर्चा शुरू हुई तो उस परिवार के दो सदस्य सदन में ही उपस्थित नहीं थे जिसे दशकों तक नेतृत्व का मौका मिला।’’

इंडिगो के खिलाफ जांच जारी : एयरलाइन पर करेंगे कड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में बोले नागर विमानन मंत्री नायडू
राज्यसभा में सोमवार को नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार ने इंडिगो की बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द किए जाने के संबंध में जांच शुरू कर दी है और एयरलाइन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि अन्य एयरलाइनों के लिए उदाहरण पेश किया जा सके। उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए नायडू ने इंडिगो एयरलाइंस को उसके दिन-प्रतिदिन के संचालन के दौरान चालक दल और ड्यूटी रोस्टर को प्रबंधित करने में विफल करार दिया। उन्होंने कहा, “हम इस स्थिति को हल्के में नहीं ले रहे हैं। हम एक जांच कर रहे हैं। हम न केवल इस मामले में बल्कि एक मिसाल पेश करने के लिए भी बहुत, बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे।”

टोल जाम, सर्वाइकल कैंसर और धरोहर स्थलों की बदहाली पर सांसदों ने घेरा सरकार को
टोल प्लाजा पर जाम, सर्वाइकल कैंसर, यूनेस्को धरोहर स्थलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी सहित विभिन्न मुद्दे शून्यकाल के दौरान उठाते हुए राज्यसभा में सोमवार को विभिन्न सदस्यों ने सरकार से इनके समाधान की मांग की। टोल प्लाजा का मुद्दा उठाते हुए शून्यकाल के दौरान आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि अलग अलग तरीके से कई बार टैक्स देने के बाद भी राजमार्ग पर गाड़ी चलाने पर टोल टैक्स देना पड़ता है और सड़कों की हालत इतनी खराब होती है कि हजारों लोग हर साल दुर्घटनाओं के शिकार होते हैं। उन्होंने कहा कि केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में एनएचएआई को फटकार लगाई थी। चड्ढा ने कहा कि इतना पैसा दे कर भी टोल प्लाजा पर जाम के कारण तीस से चालीस मिनट तक लाइन में लगना पड़ता है। ‘‘इसकी वजह से भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कहीं परीक्षा देने जाना है तो देर होती है। अगर किसी को अस्पताल जाना है तो देर होती है। इंटरव्यू है तो देर होती है। इस जाम की वजह से और भी समस्याएं होती हैं।’’

समस्याओं से घिरा देश… संसद में प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा, वंदे मातरम पर चर्चा को बताया मुद्दे से भटकाने वाला
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि जो लोग संविधान का विरोध करते रहे वही आज देश के महान नेताओं के निर्णयों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वाड्रा ने वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के मौके सदन में चर्चा में शामिल होते हुए कहा कि आजादी के बाद वंदेमातरम् को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर आदि महापुरुषों ने राष्ट्र गीत के रूप में मान्यता देने पर सहमति दी थी। उन्होंने कहा कि ‘संविधान विरोधी’ लोग आज उनके निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं, क्या ये लोग उन महान शख्सियतों से बड़े हो गये। वाड्रा ने कहा कि देश इस समय तमाम समस्याओं से घिरा हुआ है लेकिन सत्तारूढ़ दल उन पर चर्चा कराने की बजाय ऐसे मुद्दों पर चर्चा करा रहा है जिन पर ऐसा करने की जरूरत ही नहीं है। सत्तारूढ़ दल की नीतियां देश को नुकसान पहुंचा रही हैं।


