Nana Patekar

नाना पाटेकर डेथ केस : फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नेचुरल डेथ की पुष्टि, मैसिव हार्ट अटैक बना वजह, गोवा पुलिस बंद करेगी केस

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एजेंसी, पणजी। Nana Patekar Natural Death : भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के असामयिक निधन की जांच कर रही गोवा पुलिस को मेडिकल बोर्ड की अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिल गई है, जिसमें उनकी मृत्यु प्राकृतिक कारणों से होने की आधिकारिक पुष्टि की गई है। गोवा मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) बाम्बोलिम के फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई फाइनल रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि अभिनेता की जान गंभीर कोरोनरी आर्टरी डिजीज के चलते आए मैसिव हार्ट अटैक की वजह से गई थी। गोवा पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने इस मेडिकल रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए बताया कि विस्तृत जांच परिणाम परिजनों के साथ साझा कर दिए गए हैं। परिवार की ओर से किसी भी प्रकार का संदेह या आपत्ति न जताए जाने के बाद पुलिस प्रशासन अब इस मामले में दर्ज अननैचुरल डेथ की कानूनी फाइल को औपचारिक रूप से बंद करने की प्रक्रिया में जुट गया है।

मेडिकल रिपोर्ट में सीएडी की पुष्टि और हार्ट अटैक की वजह

गोवा मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों के विशेष पैनल द्वारा जारी फाइनल रिपोर्ट में नाना पाटेकर के हृदय संबंधी स्वास्थ्य का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 75 वर्षीय अभिनेता लंबे समय से कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी सीएडी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। इस चिकित्सीय स्थिति में हृदय की मुख्य धमनियों में रक्त का थक्का जम जाता है, जिससे दिल की मांसपेशियों तक शुद्ध रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक पूरी तरह बाधित हो जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक, इसी रुकावट के चलते उन्हें अचानक प्रचंड दिल का दौरा पड़ा, जो जानलेवा साबित हुआ। मेडिकल बोर्ड ने अपने निष्कर्ष में साफ किया है कि शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट या किसी संदिग्ध गतिविधि के कोई निशान नहीं मिले हैं और यह पूरी तरह एक प्राकृतिक मौत का मामला है।

देर रात तबीयत बिगड़ने से लेकर अस्पताल पहुंचने का घटनाक्रम

पुलिस जांच में उस दुर्भाग्यपूर्ण रात के हर एक पहलू का विवरण सामने आया है। जांच के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2026 को गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर मौजूद नाना पाटेकर को रात करीब 2:30 बजे अपनी तबीयत में भारी असहजता और बेचैनी महसूस हुई थी। उन्होंने तुरंत अपने करीबी दोस्त अमेय नाईक को मोबाइल मैसेज भेजकर अपनी बिगड़ती हालत की जानकारी दी थी। हालांकि देर रात होने के कारण अमेय नाईक ने वह संदेश तड़के करीब 3:30 बजे देखा और बिना एक पल गंवाए वे सीधे नाना के आवास पर पहुंचे। घर के भीतर प्रवेश करने पर नाना पाटेकर सोफे पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। इसके बाद तुरंत आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को फोन किया गया और उन्हें गंभीर हालत में नजदीकी मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

डॉक्टरों की 45 मिनट की जद्दोजहद और मौत की पुष्टि

मणिपाल अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में तैनात डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने नाना पाटेकर को पुनर्जीवित करने के लिए लगभग 45 मिनट तक गहन सीपीआर और जीवन रक्षक उपाय किए। डॉक्टरों के तमाम भरसक प्रयासों के बावजूद उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई और उन्होंने होश नहीं संभाला। आखिरकार सुबह 5:20 बजे चिकित्सकों ने उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया। चूंकि अस्पताल में आगमन पर उन्हें मृत लाया गया था, इसलिए कानूनी प्रोटोकॉल के तहत अस्पताल प्रशासन ने पणजी पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को विस्तृत पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज, बाम्बोलिम भेजा और अभिनेता के परिजनों के प्राथमिक बयान दर्ज किए। परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा कोई शक जाहिर न किए जाने के बाद पुलिस ने सामान्य प्रक्रिया के तहत विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई।

पुणे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में सभी कानूनी व चिकित्सीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अभिनेता के पार्थिव शरीर को विशेष व्यवस्था के तहत महाराष्ट्र के पुणे स्थित उनके पैतृक फार्महाउस ले जाया गया। पुणे के डोंजे गांव में स्थित फार्महाउस पर कला जगत, राजनीतिक हस्तियों और हजारों प्रशंसकों की नम आंखों के बीच उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न किया गया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें अंतिम सलामी दी गई, जिसके बाद उनके सुपुत्र मल्हार पाटेकर ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार चिता को मुखाग्नि दी। फाइनल मेडिकल रिपोर्ट आने और किसी भी तरह की साजिश की संभावना खारिज होने के साथ ही अब इस कानूनी जांच का विधिवत समापन हो गया है।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: गोवा मेडिकल कॉलेज की फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नाना पाटेकर की मौत की क्या वजह बताई गई है?

उत्तर 1: फॉरेंसिक मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की मृत्यु कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) के कारण आए मैसिव हार्ट अटैक से हुई, जो पूरी तरह से एक प्राकृतिक मौत (नेचुरल डेथ) है।

प्रश्न 2: कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) क्या होती है जिसके कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है?

उत्तर 2: कोरोनरी आर्टरी डिजीज हृदय की प्रमुख धमनियों में प्लाक या रक्त का थक्का जमने की बीमारी है, जिससे हृदय की मांसपेशियों तक रक्त और ऑक्सीजन का संचार रुक जाता है और व्यक्ति को गंभीर दिल का दौरा पड़ता है।

प्रश्न 3: तबीयत बिगड़ने पर नाना पाटेकर को किस अस्पताल ले जाया गया था और डॉक्टरों ने क्या प्रयास किए?

उत्तर 3: डोना पाउला स्थित घर पर अचेत मिलने के बाद उन्हें गोवा के मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों की टीम ने लगभग 45 मिनट तक सीपीआर और जीवन रक्षक उपचार देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

प्रश्न 4: क्या गोवा पुलिस इस मामले में कोई आगे की जांच जारी रखेगी?

उत्तर 4: मेडिकल रिपोर्ट में प्राकृतिक मौत की पुष्टि होने और परिवार के सदस्यों द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संदेह से इनकार किए जाने के बाद गोवा पुलिस अननैचुरल डेथ के तहत दर्ज मामले की फाइल को औपचारिक रूप से बंद कर रही है।

प्रश्न 5: अभिनेता नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार कहां और किस प्रकार संपन्न हुआ?

उत्तर 5: उनका अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के पुणे स्थित डोंजे गांव में उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न किया गया, जहां उनके पुत्र मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी।

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