MP Textile Sector

मध्य प्रदेश में कपड़ा उद्योग को पंख : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से की अहम बैठक, भारी निवेश और रोजगार पर मंथन

देश/प्रदेश नई दिल्ली प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, नई दिल्ली। MP Textile Sector Investment : मध्य प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपने प्रयासों को और अधिक तेज कर दिया है। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से एक उच्च स्तरीय औपचारिक मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु मध्य प्रदेश के भीतर टेक्सटाइल और परिधान निर्माण क्षेत्र का सर्वांगीण विस्तार करना, नए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पूंजी निवेश को आकर्षित करना और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना रहा। दोनों नेताओं के बीच प्रदेश में औद्योगिक ढांचे को सुदृढ़ करने से संबंधित तमाम नीतिगत और व्यावहारिक विषयों पर बेहद सकारात्मक और विस्तृत चर्चा हुई।

मध्य प्रदेश की अपार संभावनाओं और सरकारी नीतियों का खाका पेश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री को विस्तार से जानकारी दी कि मध्य प्रदेश किस प्रकार देश के वस्त्र उद्योग के लिए एक आदर्श गंतव्य बनकर उभर रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य में कच्चे माल के रूप में उच्च गुणवत्ता वाली कपास की प्रचुर उपलब्धता, पर्याप्त जल और बिजली आपूर्ति, बेहतर कानून-व्यवस्था तथा विशाल भू-बैंक मौजूद हैं, जो बड़े वस्त्र विनिर्माताओं के लिए बेहद अनुकूल माहौल तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपनी विशेष औद्योगिक संवर्धन नीतियों, त्वरित स्वीकृतियों और आकर्षक वित्तीय रियायतों के माध्यम से कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठा रही है।

नए निवेश को आकर्षित करने और रोजगार सृजन की साझा रणनीति

विमर्श के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किस तरह मध्य प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति और आधुनिक रूप दे सकते हैं। दोनों नेताओं ने राज्य के विभिन्न संभागों में नए टेक्सटाइल पार्कों, अत्याधुनिक कताई और बुनाई इकाइयों और रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर्स की स्थापना की संभावनाओं का गहराई से विश्लेषण किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यदि केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रोत्साहनों का पूरा सहयोग राज्य को मिलता है, तो मध्य प्रदेश न केवल देश की घरेलू मांग को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर कपड़ा निर्यात का एक प्रमुख पावरहाउस बनकर उभरेगा। इससे स्थानीय कारीगरों, कुशल श्रमिकों और विशेषकर महिला कामगारों को अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक आजीविका और रोजगार के व्यापक साधन उपलब्ध होंगे।

शीर्ष नौकरशाहों की मौजूदगी में तैयार हुआ क्रियान्वयन का ढांचा

इस उच्च स्तरीय कूटनीतिक और प्रशासनिक बैठक में केवल नीतिगत बातों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए जरूरी प्रशासनिक तंत्र भी सक्रिय नजर आया। बैठक में केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव और मध्य प्रदेश सरकार की आवासीय आयुक्त रश्मि अरुण शमी सहित केंद्र और राज्य के कई वरिष्ठ नौकरशाह प्रमुखता से उपस्थित रहे। बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर वस्त्र उद्योग से जुड़े प्रस्तावों, मंजूरियों और बजटीय आवंटन की प्रक्रिया को बिना किसी देरी के आगे बढ़ाएं, ताकि प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को जमीन पर तेजी से उतारा जा सके।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बीच बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था?

उत्तर 1: बैठक का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में टेक्सटाइल और परिधान निर्माण उद्योग का विस्तार करना, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर से नया औद्योगिक निवेश आकर्षित करना और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करना था।

प्रश्न 2: मध्य प्रदेश वस्त्र और टेक्सटाइल उद्योग के लिए एक आदर्श केंद्र क्यों माना जाता है?

उत्तर 2: मध्य प्रदेश देश के प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में शामिल है। इसके अलावा पर्याप्त बिजली-पानी, बड़ा लैंड बैंक, विकसित औद्योगिक गलियारे और अनुकूल श्रम नीतियां इसे टेक्सटाइल सेक्टर के लिए मुफीद बनाती हैं।

प्रश्न 3: इस उच्च स्तरीय बैठक में किन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया?

उत्तर 3: बैठक में केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव, मध्य प्रदेश सरकार की आवासीय आयुक्त रश्मि अरुण शमी तथा केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रश्न 4: टेक्सटाइल सेक्टर के विस्तार से राज्य के किस वर्ग को सबसे अधिक आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है?

उत्तर 4: गारमेंट और टेक्सटाइल सेक्टर श्रम-प्रधान उद्योग है, जिससे राज्य के ग्रामीण व अर्ध-शहरी युवाओं, कुशल बुनकरों और विशेषकर महिला कामगारों को सीधे रोजगार और वित्तीय स्वतंत्रता का लाभ मिलेगा।

प्रश्न 5: केंद्र और राज्य के बीच तालमेल से किन विशिष्ट परियोजनाओं को रफ्तार मिलने की उम्मीद है?

उत्तर 5: इस समन्वय से राज्य में नए पीएम मित्र पार्क, आधुनिक कताई-बुनाई क्लस्टर और रेडीमेड गारमेंट इकाइयों की स्थापना को तेज गति से बजटीय व तकनीकी मंजूरी मिल सकेगी।

ये भी पढ़े : मध्यप्रदेश में कनेक्टिविटी क्रांति : पीथमपुर से मुंबई 8 लेन एक्सप्रेसवे तैयार, सीएम मोहन यादव ने की 6 नए एक्सप्रेसवे की घोषणा

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply