भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को प्रदेश के कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणाएं कीं। प्रदेश के साढ़े सात लाख नियमित कर्मचारियों को अब 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। इसे जनवरी से ही लागू माना जाएगा। जनवरी से जून, 2023 तक महंगाई भत्ते का एरियर तीन समान किस्तों में दिया जाएगा। जुलाई के वेतन में बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जुड़कर मिलेगा। एक अन्य बड़ा निर्णय करते हुए सरकार ने एक जुलाई, 2023 को सेवा में 35 वर्ष पूरे करने वाले कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने का निर्णय लिया है।
प्रदेश में कर्मचारियों को अभी 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था। जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को जनवरी से ही 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने 23 जून को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी लेकिन यह निर्णय नहीं हो पाया था कि इसका लाभ कब से देना है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को निर्धारित कर दिया कि जनवरी, 2023 से ही कर्मचारियों को बढ़ा हुई महंगाई भत्ता दिया जाएगा। जुलाई का वेतन, जो अगस्त में मिलेगा, उसमें बढ़ा हुआ चार प्रतिशत महंगाई भत्ता जुड़कर मिलेगा। छठवां वेतनमान प्राप्त कर रहे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी चार प्रतिशत के हिसाब से समानुपातिक रूप से बढ़ाया जाएगा। एक जुलाई, 2023 या उसके बाद जिन कर्मचारियों ने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें चतुर्थ समयमान वेतनमान दिए जाने का निर्णय भी कर्मचारियों के आर्थिक लाभ का है।
दरअसल, पदोन्नति पर रोक लगी होने से सेवा में 35 वर्ष पूरे कर चुके कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा था। जबकि, राज्य सेवा और वित्त सेवा में इस तरह की व्यवस्था है। कर्मचारी संगठन राज्य सेवा व वित्त सेवा संवर्ग की तरह ही अन्य कर्मचारियों को समयमान वेतनमान देने की मांग कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि इसके पहले सरकार कर्मचारी हित में कई निर्णय ले चुकी है। संविदा कर्मचारियों को भी हाल ही में सौ प्रतिशत वेतन के साथ नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश और ग्रेच्युटी का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। ग्राम रोजगार सहायकों का मानदेय नौ से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि की गई है।


