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पटना कोर्ट से खान सर को बड़ी राहत : गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक, रौशन आनंद को नहीं मिली जमानत

बिहार राष्ट्रीय

एजेंसी, पटना। Khan Sir Patna : बिहार की राजधानी पटना के बहुचर्चित फायरिंग मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर को अदालत से एक बहुत बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले की गंभीरता से सुनवाई करते हुए खान सर की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस पूरे विवाद से जुड़ी केस डायरी को जल्द से जल्द कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने अपने जारी आदेश में साफ तौर पर कहा है कि अगली सुनवाई या अगले किसी सरकारी आदेश तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ किसी भी प्रकार की कठोर या दंडात्मक कार्रवाई अमल में न लाई जाए। इस फैसले के बाद खान सर के समर्थकों और उनके संस्थान से जुड़े छात्रों ने चैन की सांस ली है। वहीं दूसरी ओर, इस पूरे विवाद की शुरुआत से जुड़े ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को तगड़ा झटका लगा है और अदालत ने उनकी जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है।

कोर्ट में वकीलों की दलीलें और आत्मरक्षा का दावा

इस महत्वपूर्ण मामले में खान सर का पक्ष अदालत के सामने रखते हुए उनके मुख्य वकील अरविंद कुमार महुआर ने न्यायाधीश के सामने कई अहम दलीलें पेश कीं। उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त करते हुए कहा कि घटना के दिन जो भी हवाई फायरिंग की गई थी, वह केवल और केवल अपनी जान बचाने और आत्मरक्षा के उद्देश्य से की गई थी। खान सर या उनके सुरक्षाकर्मियों का इरादा समाज में किसी भी तरह का डर, खौफ या दहशत फैलाना बिल्कुल नहीं था। वकील ने अदालत को बताया कि खान सर द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय में जो अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी, उस पर अब आगामी 20 जून को विस्तार से कानूनी बहस और सुनवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पुलिस ने खान सर के ऊपर जान से मारने का प्रयास करने और अवैध रूप से हथियारों का इस्तेमाल करने जैसी बेहद गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर रखा है।

सुरक्षा गार्डों की जमानत पर फैसला सुरक्षित और पुलिस से मांगे सबूत

इस पूरे हिंसक टकराव के मामले में सोमवार को भी कोर्ट के भीतर लंबी बहस देखने को मिली थी। जेल में बंद खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्डों, दीपक कुमार और तालेबर सिंह की रिहाई को लेकर उनके वकील अरविंद मउआर ने जज अनुराग वर्मा की अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा था। अदालत ने दोनों ही पक्षों की दलीलों को बहुत ध्यान से सुनने के बाद पुलिस विभाग से इस बात के पुख्ता सबूत मांगे हैं कि क्या वास्तव में इन सुरक्षाकर्मियों ने कानून का उल्लंघन किया था। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद इन दोनों सुरक्षा गार्ड्स की जमानत याचिका पर अपना अंतिम फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो कि बुधवार यानी 10 जून को सुनाया जा सकता है। आपको बता दें कि इन दोनों सुरक्षाकर्मियों को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बीते 4 जून को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से ही ये न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।

पुलिस केस की बारीकियां और छात्रों का उग्र प्रदर्शन

इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई की बात करें तो पुलिस ने खान सर के ही गार्ड्स के शुरुआती बयानों को आधार बनाकर खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की प्राथमिकी रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के समय खान सर ने अपने सुरक्षा गार्डों को कथित तौर पर उकसाते हुए कहा था कि तुम लोग बेझिझक गोली चलाओ, बाकी की कानूनी कार्रवाई मैं खुद संभाल लूंगा। दूसरी तरफ, जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के समर्थन में पटना की सड़कों पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने हाथों में मोमबत्ती लेकर एक बड़ा कैंडल मार्च निकाला और रौशन आनंद को पूरी तरह से निर्दोष बताते हुए उनकी तुरंत रिहाई की मांग की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों के हाथों में कई तरह के पोस्टर थे, जिन पर लिखा था कि झूठे मुकदमों में फंसाकर हमारा भविष्य और जीवन बर्बाद न किया जाए।

पुलिस की भूमिका पर खान सर का बदला बयान

इस पूरे विवाद के बीच सोशल मीडिया पर खान सर के दो अलग-अलग बयान और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। घटना के पहले दिन यानी 2 जून को खान सर ने मुस्तैदी दिखाने के लिए पटना पुलिस की जमकर तारीफों के पुल बांधे थे। लेकिन इसके ठीक अगले दिन यानी 3 जून को जब उनके सुरक्षा गार्डों द्वारा गोलियां चलाते हुए वीडियो इंटरनेट पर सामने आया, तो खान सर के सुर पूरी तरह बदल गए। उन्होंने अपने नए बयान में पुलिस पर ढीला रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब कोचिंग के बाहर भीषण मारपीट और उपद्रव हो रहा था, तब पुलिस मौके पर काफी देर से पहुंची। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस कोई उड़कर तो नहीं आ सकती थी, इसलिए जब तक पुलिस आई, तब तक आत्मरक्षा में गार्ड्स को कदम उठाना पड़ा। उन्होंने तर्क दिया कि सुरक्षा गार्ड इसीलिए रखे जाते हैं ताकि वे मुसीबत के समय लोगों की जान बचा सकें।

कोचिंग बंद होने पर फीस बढ़ने की चेतावनी और छात्रों से संवाद

अदालती कार्रवाई के बीच खान सर का एक और नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे अपने क्लासरूम के भीतर सैकड़ों छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए भावुक नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में वे बच्चों को अपनी कोचिंग पर हुए हमले के सीसीटीवी फुटेज दिखा रहे हैं और कह रहे हैं कि जो लोग उनके गार्ड को सड़क पर बेरहमी से पीट रहे थे, उन्हें पुलिस ने अब तक नहीं पकड़ा है और मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाया जा रहा है। खान सर ने विद्यार्थियों को सचेत करते हुए यह भी कहा कि यदि किन्हीं कारणों से उनका संस्थान बंद हो जाता है, तो आने वाले 6 महीनों के भीतर अन्य व्यावसायिक कोचिंग संस्थान अपनी फीस बढ़ाकर एक से डेढ़ लाख रुपये तक कर देंगे। उन्होंने हाथ में किताब लेकर कसम खाते हुए बच्चों से कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य पैसा कमाना नहीं बल्कि गरीब बच्चों को शिक्षा देना है और उस दिन उनके संस्थान पर सचमुच बहुत बड़ा हमला हुआ था।

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