एजेंसी, देहरादून। Kedarnath Snowfall Update : देश के मौसम चक्र में तेजी से आए बदलाव ने पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी और तटीय राज्यों तक जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तर भारत के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में समय से पहले शुरू हुई जबरदस्त बर्फबारी ने कड़ाके की ठंड की दस्तक दे दी है, वहीं पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी तंत्र के सक्रिय होने से देश के 8 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का दोहरा संकट खड़ा हो गया है। उत्तराखंड के चारधाम क्षेत्र में पारा शून्य से कई डिग्री नीचे लुढ़क चुका है, जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत के कई हिस्से जलभराव और मूसलाधार बारिश से जूझ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के पानी ने धान की पकी फसलों को जलमग्न कर दिया है, तो तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में लगातार 15 घंटे से हो रही बारिश ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है।
#WATCH | Uttarakhand: Weather conditions continue to fluctuate at Shri Kedarnath Dham. Snowfall began here this afternoon, leading to a drop in temperature. The sudden change in weather has intensified the cold, leaving pilgrims visiting the shrine to brave harsh conditions. The changing weather patterns are clearly evident in the high-altitude region.
— ANI (@ANI) October 17, 2026
हिमालयी चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर, केदारनाथ में तापमान माइनस 6 डिग्री
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में शनिवार से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का दौर रविवार को और तेज हो गया। प्रसिद्ध तीर्थस्थल केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी के बाद तापमान लुढ़क कर करीब -6°C पर पहुंच गया है, जिससे समूची केदारघाटी भीषण शीतलहर की चपेट में आ गई है। बद्रीनाथ धाम और गंगोत्री में भी पारा गिरकर -5°C दर्ज किया गया, जबकि यमुनोत्री धाम में तापमान 1°C के आसपास बना हुआ है। लगातार गिरती बर्फ के कारण तीर्थयात्रियों और स्थानीय दुकानदारों को भारी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी इलाकों में हुई इस बर्फबारी का सीधा असर निचले पर्यटन स्थलों पर भी दिखने लगा है। नैनीताल और मसूरी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में पारा गिरकर 12°C से नीचे आ गया है, जिससे सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंडक महसूस की जा रही है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर, राजस्थान से लेकर दक्षिण भारत के 8 राज्यों में अलर्ट
उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने राजस्थान के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। राजधानी जयपुर समेत कई संभागों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने राजस्थान के 6 संवेदनशील जिलों में रविवार को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए यलो अलर्ट घोषित किया है। इसके साथ ही देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में चक्रवाती हवाओं के दबाव के चलते महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, गोवा और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सैटेलाइट से प्राप्त ताजा तस्वीरों में पूरे प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर घने बादलों का बड़ा घेरा देखा जा रहा है, जिससे अगले 48 घंटों तक कई तटीय इलाकों में समुद्र अशांत रहने और भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
यूपी में किसानों पर बाढ़ की दोहरी मार, कमर तक पानी में डूबी धान की फसलें
उत्तर प्रदेश के मध्य और तराई इलाकों में नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घटने के बावजूद जलभराव ने विकराल रूप ले लिया है। राजधानी लखनऊ और सीतापुर के सैकड़ों गांवों में बाढ़ का गंदा पानी बस्तियों और खेतों में भर गया है। सीतापुर जिले में हालात बेहद चिंताजनक हैं, जहां सैकड़ों बीघा में लहलहाती धान की तैयार फसल गहरे पानी में डूब चुकी है। अपनी महीनों की गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए लाचार किसान कमर तक भरे पानी के बीच खड़े होकर धान की बालियां काटने को मजबूर हैं। वहीं मथुरा जनपद की अनाज मंडी में भारी बारिश का पानी घुस जाने से खुले में रखी अनाज की सैकड़ों बोरियां भीगकर नष्ट हो गई हैं, जिससे आढ़तियों और किसानों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
चेन्नई में 15 घंटे से लगातार बारिश, कई इलाकों में सड़कों पर सैलाब
दक्षिण भारत के महानगर चेन्नई में शनिवार शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रविवार को भी बिना रुके जारी रही। बीते 12 से 15 घंटों की लगातार बारिश के कारण चेन्नई के निचले आवासीय इलाकों, प्रमुख चौराहों और सबवे में घुटनों तक पानी भर गया है। कई मुख्य मार्गों पर जलभराव के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और गाड़ियां रेंगती नजर आईं। स्थानीय नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें पंपिंग मशीनों के जरिए पानी निकालने की मशक्कत कर रही हैं। मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसमी सिस्टम के चलते चेन्नई और आसपास के तटीय जिलों में अगले 24 घंटों तक बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
हरियाणा और बिहार में मौसम का मिजाज, सुबह-शाम ठंड और दिन में हल्की धूप
उत्तर और पूर्वी भारत के अन्य मैदानी राज्यों में मौसम का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। हरियाणा में बादलों की आवाजाही के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन के समय हल्की धूप और उमस के बाद सुबह व देर रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों में ठंड का असर और गहराएगा। दूसरी तरफ बिहार में मानसून की विदाई के बाद मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज से 21 अक्टूबर तक राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकांश जिलों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और अगले 5 दिनों तक किसी बड़े मौसमी उलटफेर की संभावना नहीं है। धूप खिलने से अधिकतम तापमान सामान्य बना रहेगा, हालांकि रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: केदारनाथ और चारधाम यात्रा (Kedarnath snowfall weather) पर बर्फबारी का क्या असर पड़ा है?
उत्तर 1: भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ का तापमान (Kedarnath Temperature) माइनस 6 डिग्री तक गिर गया है। बद्रीनाथ और गंगोत्री में भी पारा माइनस 5 डिग्री है, जिससे भीषण शीतलहर चल रही है और तीर्थयात्रियों को भारी ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
प्रश्न 2: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) के कारण किन राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर 2: पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और गोवा समेत 8 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
प्रश्न 3: चेन्नई में भारी बारिश और जलभराव (Chennai rains and waterlogging) के क्या हालात हैं?
उत्तर 3: चेन्नई में बंगाल की खाड़ी के मौसमी सिस्टम के चलते लगातार 15 घंटे से मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे कई आवासीय इलाकों और सबवे में घुटनों तक पानी भर गया है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
प्रश्न 4: उत्तर प्रदेश में आई बेमौसम बाढ़ (UP floods crop damage) से किसानों को क्या नुकसान हो रहा है?
उत्तर 4: यूपी के सीतापुर और लखनऊ जैसे इलाकों में बाढ़ के पानी से धान की पकी हुई फसलें जलमग्न हो गई हैं। मथुरा अनाज मंडी में भी पानी भरने से सैकड़ों बोरियां भीगकर बर्बाद हो गई हैं।
प्रश्न 5: बिहार और हरियाणा के मौसम (Bihar Haryana Weather forecast) को लेकर मौसम विभाग का क्या पूर्वानुमान है?
उत्तर 5: बिहार में अगले 5 दिनों तक मौसम शुष्क और आसमान साफ रहने की संभावना है। वहीं, हरियाणा में बादलों की आवाजाही के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे सुबह और शाम की ठंड बढ़ने लगी है।
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