एजेंसी, नई दिल्ली। Kailash Mansarovar Yatra Guidelines 2026 : भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने पवित्र कैलाश मानसरोवर की धार्मिक यात्रा पर जाने वाले देश के तमाम नागरिकों के लिए 1 बेहद आवश्यक और गंभीर चेतावनी जारी की है। केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट किया गया है कि बहुत से भारतीय नागरिक उचित और जरूरी कानूनी दस्तावेजों के बिना ही इस दुर्गम यात्रा पर निकल रहे हैं, जिसकी वजह से वे पड़ोसी देश नेपाल की सीमाओं के भीतर फंस गए हैं। ऐसे अनेक यात्रियों की तरफ से लगातार मिल रही दिक्कतों और आपातकालीन कॉल्स के बाद विदेश मंत्रालय को तुरंत सक्रिय होना पड़ा है और इसी सिलसिले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह नई और विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है।
STORY | MEA issues advisory for citizens undertaking Mansarovar Yatra through private tour operators
The Ministry of External Affairs has cautioned Indian citizens undertaking Kailash Mansarovar Yatra through trips organised by private tour operators, and also asked the pilgrims… pic.twitter.com/0XSn1YTyBL
— Press Trust of India (@PTI_News) June 28, 2026
बिना वीजा और परमिट के यात्रा शुरू करने पर सख्त पाबंदी
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताजा आधिकारिक बयान में यह साफ तौर पर रेखांकित किया गया है कि कुछ श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था के उत्साह में आकर चीन में प्रवेश करने के लिए आवश्यक कागजातों की प्रतीक्षा नहीं की। वे इस गलतफहमी में भारत से रवाना हो गए कि उनके वीजा और अन्य आवश्यक परमिट रास्ते में ही उपलब्ध करा दिए जाएंगे। चीन के नियंत्रण वाले क्षेत्र में जाने के लिए इन अनिवार्य अनुमति पत्रों और वीजा के न होने के कारण वर्तमान में बहुत से यात्रियों को नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों में रुकने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इस गंभीर संकट को देखते हुए सरकार ने साफ शब्दों में निर्देश दिया है कि जब तक यात्रा से संबंधित सभी प्रकार के कानूनी दस्तावेज आपके हाथ में न आ जाएं, तब तक देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा को बिल्कुल पार न करें। सिर्फ किसी के आश्वासन या भविष्य में कागज मिल जाने के भरोसे पर घर से बाहर कदम रखना श्रद्धालुओं को गहरे संकट और मानसिक परेशानी में डाल सकता है।
टूर ऑपरेटरों की विश्वसनीयता और पंजीकरण की जांच है अनिवार्य
इस नई एडवाइजरी में सरकार ने 1 और अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू की तरफ आम जनता का ध्यान आकर्षित किया है। श्रद्धालुओं से बहुत ही पुरजोर शब्दों में यह अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा की बुकिंग कराने से पहले संबंधित निजी टूर ऑपरेटर की हर स्तर पर पूरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें। यात्रा का कार्यक्रम तय करने से पूर्व यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि जो भी एजेंसी या टूर ऑपरेटर आपकी यात्रा का प्रबंधन देख रहा है, वह सरकार के संबंधित विभागों के पास पूरी तरह से पंजीकृत और अधिकृत होना चाहिए। गैर-अधिकृत, अनधिकृत या फर्जी ट्रेवल एजेंटों के झूठे दावों और झांसे में आने की वजह से ही अक्सर सीधे-साधे यात्रियों को विदेशों में जाकर बड़ी कानूनी अड़चनों, आर्थिक नुकसान और गंभीर मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना मुख्य लक्ष्य
विदेश मंत्रालय की इस त्वरित कार्रवाई और कड़े दिशा-निर्देशों का एकमात्र प्राथमिक उद्देश्य यह है कि भारत का कोई भी नागरिक अपनी इस परम पावन और पवित्र धार्मिक यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, ठगी या अनचाही विपत्ति का शिकार न बने। कैलाश मानसरोवर की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा के उपाय पहले से ही मजबूत रखना बेहद जरूरी है। सरकार चाहती है कि हर 1 श्रद्धालु की यह यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित, सुचारू और बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके, ताकि वे अपने धार्मिक अनुष्ठान को शांतिपूर्वक पूरा कर सकें। नागरिकों से अनुरोध है कि वे किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचें और नियमों का पूरी तरह से पालन करें।
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