एजेंसी, जम्मू। JeM Commander Killed in Doda : केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों का आक्रामक अभियान लगातार नई सफलताएं हासिल कर रहा है। इसी क्रम में डोडा जिले के भद्रवाह सेक्टर स्थित घने जंगलों और ऊंचाई वाले सेओज धार इलाके में सुरक्षाबलों की संयुक्त टुकड़ी ने मुठभेड़ में मारे गए पाकिस्तानी आतंकवादी कमांडर का शव बरामद किया है। मारा गया दुर्दांत आतंकवादी कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का शीर्ष कमांडर बताया जा रहा है, जिसे पूर्व में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए एक भीषण मुठभेड़ अभियान में मार गिराया गया था। इस सफल तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को आतंकी ठिकाने से अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली अत्याधुनिक एम4 कार्बाइन राइफल सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद भी हाथ लगा है।
#WATCH | Doda, Jammu and Kashmir: Visuals from Bhaderwah. Jammu and Kashmir Police, in a post on X, said that SOG Doda, Rashtriya Rifles (RR) and CRPF retrieved the remains of a Pakistani Jaish-e-Mohammed terrorist who was neutralised earlier during a joint operation. A… pic.twitter.com/L4dmq2NxY6
— ANI (@ANI) September 12, 2026
सेओज धार के जंगलों में संयुक्त तलाशी अभियान
जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह डोडा, सेना की राष्ट्रीय राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त टुकड़ियों ने सेओज धार के दुर्गम पर्वतीय इलाके में एक व्यापक और सघन कांबिंग ऑपरेशन शुरू किया था। खुफिया तंत्र से मिली सटीक सूचनाओं के आधार पर चलाए गए इस तलाशी अभियान के दौरान जवानों ने पत्थरों और प्राकृतिक गुफाओं के बीच छिपे आतंकी के शव को औपचारिक रूप से बरामद किया। मौके से बरामद की गई अत्याधुनिक अमेरिकी एम4 असाल्ट राइफल और कारतूसों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि घाटी में सक्रिय विदेशी आतंकियों को आधुनिक विदेशी हथियारों की आपूर्ति की जा रही है। सुरक्षाबलों ने बरामद शव और घातक हथियारों को अपने कब्जे में लेकर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की और आसपास के पूरे इलाके में घेराबंदी कर अतिरिक्त तलाशी अभियान छेड़ दिया है।
ऑपरेशन अशदर में मार गिराया गया था आतंकी यासिर
जांच एजेंसियों के अनुसार मारे गए पाकिस्तानी कमांडर की पहचान यासिर के रूप में की गई है, जो घाटी में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी नेटवर्क को फिर से संगठित करने की नापाक कोशिशों में जुटा हुआ था। सुरक्षाबलों ने यासिर को 5 सितंबर को ही मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के अंतर्गत आने वाले अशदर गली के ऊंचाई वाले जंगलों में ‘ऑपरेशन अशदर’ के दौरान मार गिराया था। भारतीय सेना की प्रतिष्ठित चिनार कॉर्प्स, राज्य पुलिस और अर्धसैनिक बलों के सटीक समन्वय से अंजाम दिए गए उस सुनियोजित ऑपरेशन के बाद आतंकी का शव दुर्गम भूगोल और घने कोहरे के चलते जंगल के गहरे हिस्से में जा गिरा था, जिसे अब डोडा से सटी सीमावर्ती धार से बरामद करने में सफलता मिली है।
एके राइफल और विदेशी हथियारों की बरामदगी से खुला राज
ऑपरेशन अशदर के प्राथमिक चरण के दौरान ही सतर्क जवानों ने मुठभेड़ स्थल से एके सीरीज की एक असाल्ट राइफल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध स्तर का अन्य साजो-सामान जब्त किया था। अब उसी ठिकाने से अत्याधुनिक एम4 राइफल की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। सैन्य विशेषज्ञ और पुलिस अधिकारी अब इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि इस पाकिस्तानी आतंकी को अमेरिकी हथियार किस रास्ते से मुहैया कराए गए थे। इसके साथ ही राष्ट्रीय जांच एजेंसियां यासिर के स्थानीय ओवरग्राउंड वर्करों, पनाहगाहों और वित्तपोषण के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं, ताकि घाटी के भीतर उसे सहायता देने वाले तमाम गुप्त ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
आतंकी बुनियादी ढांचे के खिलाफ निर्णायक घेराबंदी
वरिष्ठ पुलिस और सैन्य अधिकारियों का कहना है कि पीर पंजाल के दोनों ओर सक्रिय आतंकी नेटवर्क्स को नेस्तनाबूद करने के लिए तकनीकी निगरानी और मानवीय खुफिया तंत्र के आधार पर चौबीसों घंटे अभियान चलाए जा रहे हैं। जैश-ए-मोहम्मद के इस शीर्ष पाकिस्तानी कमांडर का मारा जाना और उसके घातक हथियारों का पकड़ा जाना केंद्र शासित प्रदेश में सक्रिय आतंकवाद के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीमा पार से घुसपैठ करने वाले अंतिम विदेशी आतंकी का सफाया नहीं हो जाता, तब तक पर्वतीय दर्रों और घने जंगलों में संयुक्त बलों का तलाशी अभियान इसी आक्रामकता के साथ जारी रहेगा।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: डोडा के सेओज धार में मारे गए आतंकवादी की पहचान किस रूप में हुई है?
उत्तर 1: मारे गए आतंकी की पहचान यासिर के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान से संचालित होने वाले प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का शीर्ष और सक्रिय कमांडर था।
प्रश्न 2: आतंकी यासिर को वास्तव में कब और किस सैन्य अभियान के दौरान ढेर किया गया था?
उत्तर 2: यासिर को 5 सितंबर को बडगाम जिले के अशदर गली क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन अशदर’ के दौरान मार गिराया गया था, जिसका शव अब दुर्गम धार क्षेत्र से बरामद किया गया है।
प्रश्न 3: मुठभेड़ स्थल से बरामद अमेरिकी निर्मित एम4 राइफल का क्या सामरिक महत्व है?
उत्तर 3: एम4 कार्बाइन एक आधुनिक और बेहद घातक असाल्ट राइफल है, जिसका मिलना यह स्पष्ट करता है कि सीमा पार बैठे आतंकी आकाओं द्वारा विदेशी हथियारों की खेप घाटी के भीतर आतंकियों तक पहुंचाई जा रही है।
प्रश्न 4: तलाशी अभियान में किन सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया?
उत्तर 4: इस सफल तलाशी अभियान को जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) डोडा, सेना की राष्ट्रीय राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टुकड़ी ने अंजाम दिया।
प्रश्न 5: सेना और खुफिया एजेंसियां अब इस मामले में किस पहलू की गहन जांच कर रही हैं?
उत्तर 5: सुरक्षा एजेंसियां अब यह पड़ताल कर रही हैं कि यासिर को इलाके में स्थानीय स्तर पर शरण देने वाले ओवरग्राउंड वर्कर कौन थे और उसे अमेरिकी हथियार व गोला-बारूद किस रूट से सप्लाई किए गए थे।
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