एजेंसी, बगदाद। Iraq PM Al Zaidi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इराक के नए प्रधानमंत्री अली फलीह काजिम अल-जैदी को पदभार संभालने पर शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इराक के बीच लंबे समय से मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं तथा भारत आने वाले समय में इन रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में दोनों देशों की साझा प्रगति, विकास और सहयोग को नई दिशा देने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि भारत इराक के साथ हर क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा।
Heartiest congratulations to Ali Falih Kadhim al-Zaidi on assuming office as Prime Minister of Iraq.
India highly values its longstanding and friendly ties with Iraq and remains firmly committed to further strengthening our bilateral ties in all areas.
I extend my best wishes…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 16, 2026
पीएम मोदी ने साझा किया शुभकामना संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक मंच “एक्स” पर पोस्ट साझा करते हुए इराक के नए प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत इराक के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को बेहद महत्व देता है और दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वह दोनों देशों की साझा समृद्धि और विकास के लिए अल-जैदी के साथ मिलकर काम करने को लेकर आशान्वित हैं।
लंबे समय से मजबूत रहे हैं भारत-इराक संबंध
भारत और इराक के बीच दशकों पुराने राजनयिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। ऊर्जा, व्यापार, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच लगातार साझेदारी बढ़ी है। इराक भारत के लिए तेल आपूर्ति करने वाले महत्वपूर्ण देशों में शामिल रहा है। वहीं बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी इराक में अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य कर चुके हैं। ऐसे में दोनों देशों के संबंध केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत माने जाते हैं।
कई दौर की चर्चा के बाद चुने गए अल-जैदी
रिपोर्टों के अनुसार इराक में नई सरकार के गठन को लेकर कई हफ्तों तक राजनीतिक दलों के बीच चर्चा चली। समन्वय ढांचे से जुड़े विभिन्न दलों के बीच सहमति बनाने के प्रयास किए गए, जिसके बाद व्यवसायी अली फलीह काजिम अल-जैदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में सामने आए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इराक इस समय आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में नई सरकार के सामने स्थिरता बनाए रखने और विकास को गति देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
पश्चिम एशिया में भारत की बढ़ती सक्रियता
विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत लगातार अपने संबंध मजबूत कर रहा है। ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को लेकर भारत की भूमिका इस क्षेत्र में लगातार बढ़ती जा रही है। इराक के नए प्रधानमंत्री को पीएम मोदी की ओर से भेजा गया संदेश भी इसी कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत और इराक के बीच व्यापार, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ सकता है।
साझा विकास पर रहेगा दोनों देशों का फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि भारत दोनों देशों की साझा तरक्की और समृद्धि के लिए मिलकर काम करना चाहता है। ऐसे में आने वाले समय में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बैठकों और सहयोग समझौतों की संभावना भी जताई जा रही है। भारत और इराक के रिश्तों को ऐतिहासिक मित्रता और भरोसे की साझेदारी के रूप में देखा जाता है, जिसे नई सरकार के गठन के बाद और मजबूत करने की कोशिशें तेज हो सकती हैं।
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