यूक्रेन के राजदूत

ब्लैक सी में भारतीय पोत पर हमले को लेकर यूक्रेन के राजदूत तलब, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

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एजेंसी, नई दिल्ली। Indian Ship Black Sea Attack : काला सागर यानी ब्लैक सी में भारतीय नागरिक की जान जाने की घटना को लेकर भारत ने यूक्रेन के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने भारत में यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब कर वाणिज्यिक पोत एमवी ओमोर्फी पर हुए हमले को लेकर भारत की गंभीर चिंता से अवगत कराया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने वाली ऐसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं।

विदेश मंत्रालय ने यूक्रेनी राजदूत के सामने दर्ज कराया विरोध

विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन के राजदूत के समक्ष भारतीय वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल जहाजों पर मौजूद चालक दल के सदस्यों की जान को खतरा पैदा होता है, बल्कि समुद्री नौवहन की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। भारत ने यूक्रेनी पक्ष से कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और उनमें मौजूद निर्दोष नागरिक नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। विदेश मंत्रालय ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

एमवी ओमोर्फी पर हमले में भारतीय नाविक की मौत

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 18 जुलाई को काला सागर से गुजर रहे वाणिज्यिक पोत एमवी ओमोर्फी पर हमला हुआ था। इस घटना में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। पोत पर कुल 10 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें 3 भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले के बाद पोत पर सवार अन्य 2 भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए गए हैं। भारतीय पक्ष ने घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित लोगों की सुरक्षा और सहायता को प्राथमिकता दी है।

निर्दोष नाविकों की जान खतरे में डालना अस्वीकार्य

विदेश मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकते। भारत ने इस तरह की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिक नाविकों की जान को खतरे में डालना गंभीर विषय है। मंत्रालय ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता पर पड़ने वाले प्रभाव को भी रेखांकित किया। भारत के अनुसार, समुद्री परिवहन अंतरराष्ट्रीय व्यापार की महत्वपूर्ण कड़ी है और इसमें किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक व्यापार व्यवस्था के लिए चिंता पैदा कर सकता है।

एमवी गोल्डन लियो पर हमले का भी किया गया उल्लेख

विदेश मंत्रालय ने एक अन्य वाणिज्यिक पोत एमवी गोल्डन लियो पर हुए हमले का भी उल्लेख किया। यह गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाला मालवाहक जहाज है। जानकारी के मुताबिक, 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होने के तुरंत बाद इस पोत को भी निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई थी। एमवी ओमोर्फी पर हुई घटना के कुछ ही समय पहले सामने आए इस मामले ने काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। भारत ने ऐसे हमलों के व्यापक प्रभाव को देखते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

भारतीय दूतावास ने रूस से किया संपर्क

एमवी ओमोर्फी पर हमले की जानकारी मिलते ही रूस में स्थित भारतीय दूतावास ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया था। दूतावास की ओर से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए हर संभव सहयोग का आग्रह किया गया। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में भारतीय नागरिकों और भारतीय हितों से जुड़े मामलों में संबंधित मिशन लगातार स्थिति पर नजर रखते हैं। इस घटना में भी भारतीय दूतावास ने तत्काल संबंधित पक्षों के साथ संपर्क स्थापित किया।

समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भारत की चिंता

भारत ने कहा कि वाणिज्यिक पोतों पर हमले केवल किसी एक जहाज या चालक दल तक सीमित समस्या नहीं हैं। ऐसे घटनाक्रम से समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ सकता है। यूक्रेनी राजदूत को तलब किए जाने के दौरान भारत ने इसी व्यापक चिंता को सामने रखा। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए, खासकर ऐसी घटनाएं जिनमें निर्दोष नागरिक नाविकों की जान जोखिम में पड़ती हो।

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