एजेंसी, नई दिल्ली। Harmanpreet Kaur : भारतीय महिला क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक बिल्कुल नई पहचान और कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचाने वाली शानदार कप्तान हरमनप्रीत कौर को सोमवार को देश के बेहद प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल ‘पद्मश्री’ से नवाजा गया है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के भव्य दरबार हॉल में आयोजित एक विशेष गरिमामयी समारोह के दौरान उन्हें इस राष्ट्रीय पुरस्कार से व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया। इस ऐतिहासिक पल के दौरान खेल जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों की कई बड़ी हस्तियां वहां मौजूद थीं और हरमनप्रीत कौर के इस सम्मान ने पूरे देश के खेल प्रेमियों का सिर एक बार फिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
#WATCH | Delhi | President Droupadi Murmu confers Padma Shri on India women’s cricket captain Harmanpreet Kaur for her contributions in the field of Sports (Cricket)
(Video source: President of India/Social Media) pic.twitter.com/Rua8xCLznp
— ANI (@ANI) May 25, 2026
खेल जगत की नौ बड़ी हस्तियों को मिला सम्मान
गौरतलब है कि साल 2026 के जनवरी महीने में केंद्र सरकार की तरफ से देश के सर्वोच्च नागरिक पद्म पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा की गई थी। इस साल की प्रतिष्ठित सूची में खेल जगत से जुड़ी कुल नौ बड़ी और दिग्गज हस्तियों को उनके बेहतरीन प्रदर्शन और खेल में दिए गए अमूल्य योगदान के लिए चुना गया था। इन चुनिंदा नामों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर का नाम मुख्य रूप से शामिल था। सरकार ने उनके शानदार और आक्रामक नेतृत्व, मैदान पर उनके दमदार खेल प्रदर्शन और भारतीय महिला क्रिकेट को एक नई पहचान दिलाने के उनके निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए उनके नाम पर मुहर लगाई थी।
हरमनप्रीत की ऐतिहासिक कप्तानी में भारत बना विश्व विजेता
अगर हरमनप्रीत कौर के क्रिकेट सफर की बात की जाए तो बीता साल 2025 उनके पूरे खेल करियर का सबसे स्वर्णिम और कभी न भूलने वाला यादगार साल साबित हुआ है। उन्हीं की बेमिसाल कप्तानी के नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपनी ही घरेलू सरजमीं पर आयोजित हुए आईसीसी महिला विश्व कप के बेहद रोमांचक खिताबी मुकाबले को जीतकर इतिहास रचा था। भारत की इस पहली और ऐतिहासिक विश्व कप जीत ने न केवल देश के भीतर महिला क्रिकेट के प्रति पूरे विमर्श को बदल कर रख दिया, बल्कि देश के कोने-कोने में रहने वाली करोड़ों युवा महिला खिलाड़ियों को भी भविष्य में देश के लिए खेलने और आगे बढ़ने की एक नई प्रेरणा दी।
साल 2009 से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सफर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मजबूत स्तंभ के रूप में पहचानी जाने वाली हरमनप्रीत कौर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में अपना पहला कदम साल 2009 में रखा था। उन्होंने मार्च 2009 में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अपने एकदिवसीय (वनडे) करियर की शुरुआत की थी, जबकि उसी साल जून 2009 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। इसके बाद टेस्ट क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट में उनका पदार्पण अगस्त 2014 में इंग्लैंड की टीम के खिलाफ हुआ था। अगर उनके अब तक के कुल मैचों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो वे देश के लिए 7 टेस्ट मैच, 164 एकदिवसीय मैच और कुल 195 अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबले खेल चुकी हैं।
कप्तानी के रिकॉर्ड में दर्ज की नई कामयाबी
साल 2016 में भारतीय महिला टीम की नियमित कप्तान के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद से हरमनप्रीत ने नेतृत्व के मामले में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वे अब तक कुल 4 टेस्ट मैचों, 48 एकदिवसीय मैचों और एक रिकॉर्ड कायम करते हुए 135 से भी अधिक अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी का जिम्मा बखूबी संभाल चुकी हैं। उनके इसी कुशल और आक्रामक कप्तानी के दौर में भारत ने साल 2025 में पहली बार आईसीसी महिला विश्व कप के चमचमाती ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया था। सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के कई अन्य खिलाड़ियों जैसे विजय अमृतराज (पद्म भूषण), रोहित शर्मा, सविता पुनिया और प्रवीण कुमार को भी पद्म पुरस्कारों से नवाजा गया।
मार्शल आर्ट विशेषज्ञ ने पीएम मोदी को किया साष्टांग प्रणाम
राष्ट्रपति भवन में चल रहे इस भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान एक बेहद भावुक और अनोखा नजारा भी देखने को मिला। पुडुचेरी के रहने वाले पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘सिलंबम’ के विख्यात विशेषज्ञ के. पाजनिवेल जब मंच पर अपना पद्मश्री पुरस्कार ग्रहण करने के लिए आगे बढ़े, तो उन्होंने देश के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने साष्टांग दंडवत प्रणाम किया। इस दृश्य को देखते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तुरंत अपनी कुर्सी से खड़े हुए और उन्होंने आगे बढ़कर बेहद आदर के साथ बुजुर्ग मार्शल आर्ट विशेषज्ञ के. पाजनिवेल को अपने हाथों से ऊपर उठाया और उनकी इस कला व सरलता का सम्मान किया।
विज्ञापन जगत के दिवंगत पीयूष पांडे को पद्म भूषण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के विज्ञापन और कला जगत में अपने रचनात्मक विचारों से एक नया इतिहास रचने वाले दिग्गज दिवंगत पीयूष पांडे को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित ‘पद्म भूषण’ सम्मान से सम्मानित किया। उनके इस राष्ट्रीय पुरस्कार को ग्रहण करने के लिए उनकी पत्नी नीता जोशी विशेष रूप से राष्ट्रपति भवन पहुंचीं और भावुक मन से इस मेडल को स्वीकार किया। इसके साथ ही भारतीय सिनेमा के दिग्गज और सुप्रसिद्ध अभिनेता स्वर्गीय धर्मेंद्र को भी कला क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए ‘पद्म विभूषण’ से मरणोपरांत सम्मानित किया गया, जिसे उनकी पत्नी और भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने नम आंखों से ग्रहण किया।
वरिष्ठ पत्रकार और रक्षा क्षेत्र के दिग्गजों को भी मिला सम्मान
देश के इस गौरवशाली समारोह में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और उसे पूरे भारत में एक मजबूत पहचान दिलाने के लिए जीवन भर काम करने वाले देश के वरिष्ठ पत्रकार कैलाश चंद्र पंत को भी राष्ट्रपति द्वारा ‘पद्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनके अलावा भारत के रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सोलर ग्रुप के चेयरमैन सत्यनारायण नुवाल को भी देश की रक्षा तैयारियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पद्मश्री पुरस्कार दिया गया। साथ ही देश के लिए पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पैरा हाई जंपर प्रवीण कुमार और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष मामिडाला जगदीश कुमार को भी शिक्षा व साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


