एजेंसी, अहमदाबाद। Gujarat ATS Jaish e Mohammad 8 Arrested : गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने वाले 8 संदिग्धों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इन लोगों को गुजरात के विभिन्न जिलों और मध्य प्रदेश में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि संदिग्ध गुजरात में आतंकी नेटवर्क तैयार करने की साजिश में जुटे थे। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इनके संपर्कों तथा गतिविधियों के दायरे का पता लगाने में जुटी हैं।
#WATCH | Ahmedabad: Gujarat ATS DIG, Sunil Joshi, says, “Recently, DySP Harsh Upadhyay of the Gujarat ATS received information that individuals from the Banaskantha-Patan region were linked to the Pakistan-based organisation Jaish-e-Mohammed; they were propagating its ideology… https://t.co/4szqhnNRrP pic.twitter.com/u4GKwDRPaD
— ANI (@ANI) July 3, 2026
गुजरात और मध्य प्रदेश में एक साथ चला अभियान
आतंकवाद निरोधक दस्ता के अधिकारियों के अनुसार संदिग्धों की गतिविधियों पर कुछ समय से नजर रखी जा रही थी। पर्याप्त सूचनाएं मिलने के बाद गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर समन्वित अभियान चलाया गया, जिसके दौरान 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि अभियान को पूरी गोपनीयता के साथ अंजाम दिया गया, ताकि किसी भी संदिग्ध को भागने या सबूत नष्ट करने का अवसर न मिल सके। गिरफ्तारी के बाद सभी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और उनके डिजिटल उपकरणों सहित अन्य साक्ष्यों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
प्रतिबंधित आतंकी संगठन से संबंध होने का आरोप
प्रारंभिक जांच के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि गिरफ्तार किए गए संदिग्ध प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए कथित रूप से सक्रिय थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वे गुजरात में संगठन का नेटवर्क खड़ा करने और नए लोगों को जोड़ने की दिशा में काम कर रहे थे। हालांकि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और एजेंसियां सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
यूएपीए और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि संदिग्धों की गतिविधियां केवल गुजरात तक सीमित थीं या उनका संपर्क अन्य राज्यों में सक्रिय लोगों से भी था। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच में जुटीं एजेंसियां
आतंकवाद निरोधक दस्ता के अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से बरामद डिजिटल उपकरणों, संचार माध्यमों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि वे किन लोगों के संपर्क में थे, किस प्रकार संवाद करते थे और उनकी गतिविधियों का दायरा कितना व्यापक था। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या संदिग्धों को किसी विदेशी आतंकी नेटवर्क या अन्य सहयोगी समूहों से किसी प्रकार की सहायता या निर्देश प्राप्त हो रहे थे। फिलहाल इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की गई है।
अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी हो रही पड़ताल
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जांच केवल गिरफ्तार किए गए 8 लोगों तक सीमित नहीं रहेगी। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस कथित मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोग भी सक्रिय हैं। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे और कार्रवाई की जा सकती है। एजेंसियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रत्येक पहलू की गहराई से जांच की जाती है और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय करना प्राथमिकता होती है।
फिलहाल जांच जारी, आधिकारिक जानकारी का इंतजार
गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता ने फिलहाल किसी अतिरिक्त गिरफ्तारी, बरामदगी या अन्य कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और तथ्य सामने आने पर आवश्यक जानकारी साझा की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस मामले की जांच का उद्देश्य केवल आरोपों की पुष्टि करना ही नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि यदि किसी बड़े नेटवर्क की संभावना हो तो उसे समय रहते पूरी तरह निष्क्रिय किया जा सके। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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