General VN Sharma

पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीएन शर्मा का 96 वर्ष की उम्र में निधन : 1987 के भारत-चीन गतिरोध में निभाई थी मुख्य भूमिका

नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। General VN Sharma Death : भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल विश्वनाथ शर्मा (वीएन शर्मा) का शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निधन हो गया। वे 96 वर्ष के थे। सेना द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार जनरल शर्मा ने सुबह लगभग 4 बजे अपने निवास पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार शनिवार सुबह 10:30 बजे दिल्ली छावनी स्थित बरार स्क्वायर में सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। देश की सेवा में लंबा और उल्लेखनीय योगदान देने वाले जनरल शर्मा भारतीय सेना के इतिहास में एक अत्यंत प्रभावशाली और कड़ा नेतृत्व देने वाले सैन्य अधिकारी के रूप में याद किए जाएंगे।

1987 में एलएसी पर चीन के साथ सैन्य तनाव में संभाली थी कमान

जनरल वीएन शर्मा ने जून 1987 से मई 1988 के बीच पूर्वी कमान के सेना कमांडर के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। यह वही समय था जब अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच सैन्य तनातनी अपने चरम पर पहुंच गई थी। सुमदोरोंग चू इलाके में हुए इस गतिरोध को ‘वांगडुंग घटना’ के नाम से जाना जाता है। 1986 में चीन द्वारा एलएसी की स्थिति बदलने की कोशिशों के जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन चेकरबोर्ड’ शुरू किया था, जिसमें पूर्वोत्तर हिमालयी सीमा पर लगभग 10 सैन्य डिवीजनों और वायुसेना के बेड़ों की त्वरित तैनाती कर चीन के मंसूबों को नाकाम कर दिया गया था।

स्वतंत्र भारत में कमीशन प्राप्त पहले अधिकारी जो बने सेना प्रमुख

जनरल शर्मा ने 1 मई 1988 से 30 जून 1990 तक भारतीय सेना के 14वें प्रमुख के रूप में देश का नेतृत्व किया। वे स्वतंत्र भारत में सैन्य सेवा में कमीशन प्राप्त करने वाले पहले ऐसे अधिकारी थे जिन्होंने सेना प्रमुख का सर्वोच्च पद संभाला। उनका कार्यकाल भारतीय सैन्य बलों के आधुनिकीकरण और रणनीतिक मजबूती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। 1962 के युद्ध और 1967 के नाथू ला संघर्ष के बाद 1987 के भारत-चीन गतिरोध को नियंत्रित करने में उनकी भूमिका अत्यंत निर्णायक रही थी।

परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई थे जनरल शर्मा

जनरल वीएन शर्मा का संबंध एक अत्यंत प्रतिष्ठित और गौरवशाली सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई थे, जिन्होंने 1947 के भारत-पाक युद्ध के दौरान श्रीनगर हवाई अड्डे की रक्षा करते हुए बडगाम के मैदान में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका परिवार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा क्षेत्र से संबंध रखता है।

रक्षा मंत्री और वर्तमान सेना प्रमुख ने व्यक्त की गहरी संवेदना

पूर्व सेना प्रमुख के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वर्तमान सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ समेत भारतीय सेना के सभी रैंकों ने गहरा शोक प्रकट किया है। सेना द्वारा जारी आधिकारिक संदेश में कहा गया कि जनरल विश्वनाथ शर्मा एक दूरदर्शी सैन्य नेता और उत्कृष्ट सैनिक थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन निस्वार्थ राष्ट्र सेवा में समर्पित कर दिया। उनकी कर्तव्यनिष्ठा, असाधारण नेतृत्व क्षमता और सैन्य उत्कृष्टता की समृद्ध विरासत आने वाले समय में भी भारतीय सशस्त्र बलों की भावी पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीएन शर्मा का निधन कब और कहाँ हुआ?

उत्तर: उनका निधन शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे दिल्ली में 96 वर्ष की आयु में हुआ।

प्रश्न 2: जनरल शर्मा ने भारतीय सेना प्रमुख का पद कब से कब तक संभाला?

उत्तर: उन्होंने 1 मई 1988 से 30 जून 1990 तक भारतीय सेना के 14वें प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दीं।

प्रश्न 3: स्वतंत्र भारत के सैन्य इतिहास में जनरल शर्मा के नाम क्या अनूठा रिकॉर्ड दर्ज है?

उत्तर: वे आजाद भारत में सैन्य सेवा में कमीशन प्राप्त करने वाले पहले अधिकारी थे जो आगे चलकर सेना प्रमुख बने।

प्रश्न 4: 1987 के भारत-चीन सैन्य तनाव के दौरान उनकी क्या भूमिका थी?

उत्तर: तवांग के सुमदोरोंग चू में चीन के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन चेकरबोर्ड’ के समय वे पूर्वी कमान के प्रमुख थे और उन्होंने कड़ा रुख अपनाया था।

प्रश्न 5: जनरल वीएन शर्मा का अपने परिवार के सैन्य इतिहास से क्या संबंध था?

उत्तर: वे स्वतंत्र भारत के प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई थे।

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