CWG 2026

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : भारतीय बॉक्सर्स प्रीति और जैस्मिन का धमाकेदार प्रदर्शन, भारत की झोली में आया 8वां गोल्ड मेडल

क्रिकेट खेल

एजेंसी, गिलासगो। CWG 2026 Preeti Jasmin : अंतर्राष्ट्रीय खेल मंच पर भारत के एथलीट लगातार देश का नाम रोशन कर रहे हैं। चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर 8वां गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। रिंग से लेकर मैदान तक भारतीय तिरंगा शान से फहरा रहा है। महिला मुक्केबाजी में भारत की स्टार मुक्केबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए दो स्वर्ण पदक जीते, वहीं पैरा शॉटपुट प्रतिस्पर्धा में भी भारत के खाते में एक और चमचमाता गोल्ड आया। इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही भारत के कुल मेडल की संख्या अब 30 तक पहुंच गई है। पदक तालिका में भारत अब मजबूत स्थिति दर्ज कराते हुए 6ठे स्थान पर काबिज हो चुका है। खेल प्रेमियों के लिए यह बेहद गौरव का क्षण है और आने वाले मुकाबलों से भी कई और पदकों की उम्मीदें बनी हुई हैं।

मुक्केबाजी के रिंग में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन

महिला बॉक्सिंग प्रतिस्पर्धा के फाइनल मुकाबलों में भारतीय मुक्केबाजों ने शुरुआत से ही अपनी प्रतिद्वंद्वियों पर दबाव बनाए रखा। 57 किलोग्राम भार वर्ग में जैस्मिन लांबोरिया ने रिंग के भीतर अपनी आक्रामक तकनीक और सटीक पंचों के बल पर नॉर्दर्न आयरलैंड की खिलाड़ी मिकाएला वॉल्स को बुरी तरह शिकस्त दी और स्वर्ण पदक जीता। वहीं दूसरी ओर 54 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की प्रीति पवार ने अपनी विरोधी कनाडा की मुक्केबाज सवाना डोलमागो के खिलाफ जबरदस्त नियंत्रण और रणनीति दिखाई। प्रीति ने मुकाबला पूरी तरह से अपने पक्ष में करते हुए भारत की झोली में एक और गोल्ड डाला। हालांकि पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत के जादुमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ मुक्केबाज जाई डिकस्न से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। मुक्केबाजी में भारत का यह अभियान यहीं खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि 7 और मुक्केबाज देर रात अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में स्वर्ण पदक के लिए उतरने वाले हैं।

सोमन राणा और शुभम जुयाल ने पैरा शॉटपुट में मचाया धमाल

मैदानी स्पर्धाओं में पैरा एथलीटों ने भी भारत को निराश नहीं किया और पदकों की बौछार जारी रखी। पैरा शॉटपुट की F57 कैटेगरी में सोमन राणा ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर का थ्रो फेंका और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसी स्पर्धा में भारत का दबदबा पूरी तरह कायम रहा क्योंकि भारत के ही एक अन्य एथलीट शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर का शानदार थ्रो करके सिल्वर मेडल हासिल किया। इस कैटेगरी में ऐसे एथलीट हिस्सा लेते हैं जिनके कमर के नीचे के हिस्से में शारीरिक सीमाएं होती हैं, लेकिन उनके धड़ और हाथों की ताकत सामान्य होती है। सोमन और शुभम ने अपने बेमिसाल जज्बे और समर्पण से यह साबित कर दिया कि कोई भी बाधा उनके लक्ष्य के आड़े नहीं आ सकती।

ट्रिपल जंप में प्रवीण और सेल्वा का बेहतरीन खेल प्रदर्शन

एथलेटिक्स के पुरुष ट्रिपल जंप इवेंट में भी भारत के खिलाड़ियों ने अपना जलवा बिखेरा और दो अहम मेडल देश के नाम किए। भारत के प्रवीण चित्रावेल ने अपने बेहतरीन प्रयास में 16.58 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता। वहीं दूसरी तरफ भारत के ही सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया। इस इवेंट का गोल्ड मेडल जाम्बिया के एथलीट जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की दूरी तय करके हासिल किया। भारत के दो एथलीटों का एक साथ पोडियम पर खड़ा होना देश के लिए अत्यंत गर्व की बात रही।

स्टार मुक्केबाज प्रीति पंवार और जैस्मिन लांबोरिया का सफर

गोल्ड जीतने वाली हरियाणा की दोनों मुक्केबाजों का पिछला रिकॉर्ड भी बेहद शानदार रहा है। प्रीति पंवार ने इससे पहले 2022 एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज और 2023 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था। वे 2024 पेरिस ओलिंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके अलावा प्रीति ने 2026 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड और 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में भी गोल्ड मेडल जीता था। वहीं दूसरी तरफ 57 किलोग्राम वर्ग में दुनिया की नंबर 1 मुक्केबाज जैस्मिन लांबोरिया 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप की चैंपियन रह चुकी हैं। उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था और 2024 ओलिंपिक में भी हिस्सा लिया था। जब ये खिलाड़ी गिलासगो में पदक जीत रही थीं, तब हरियाणा के भिवानी जिले में स्थित उनके घरों में उत्सव जैसा माहौल था और उनके माता-पिता मोबाइल पर अपनी बेटियों के फाइनल मुकाबले लाइव देख रहे थे।

जूडो और अन्य प्रतिस्पर्धाओं में भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन

खेल के इस बड़े मंच पर अन्य स्पर्धाओं से भी मिश्रित परिणाम सामने आए हैं। जूडो की महिला 63 किलोग्राम वर्ग में भारत की उन्नति शर्मा ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए लामुलेला मागागुला को मात दी और क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। हालांकि कुछ निराशाजनक खबरें भी सामने आईं, जहां पुरुष 1500 मीटर T54 पैरा एथलेटिक्स फाइनल में रमेश शनमुगम 3:23:59 मिनट के समय के साथ 7वें स्थान पर रहे। महिलाओं की 10000 मीटर रेस वॉक में भारत की रवीना गायकवाड़ को रेस वॉकिंग के नियमों का उल्लंघन करने के कारण 3 रेड कार्ड मिले, जिसके चलते उन्हें प्रतियोगिता से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। भारत के खिलाड़ी आज बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स जैसी कई अन्य स्पर्धाओं में 44 गोल्ड मेडल इवेंट्स में अपनी चुनौती पेश करेंगे।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अब तक कुल कितने स्वर्ण पदक जीते हैं?

उत्तर: भारत ने अब तक 8 स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं।

प्रश्न 2: मुक्केबाजी के फाइनल में किन दो भारतीय महिला खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक हासिल किए?

उत्तर: महिला मुक्केबाजी में प्रीति पवार और जैस्मिन लांबोरिया ने स्वर्ण पदक हासिल किए।

प्रश्न 3: मुक्केबाजी के अतिरिक्त किस प्रतिस्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक मिला?

उत्तर: पैरा शॉटपुट की प्रतिस्पर्धा में भारत के सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीता।

प्रश्न 4: इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत पदक तालिका में किस स्थान पर पहुंच गया है?

उत्तर: इन पदकों के साथ भारत पदक तालिका में 6ठे स्थान पर पहुंच गया है।

प्रश्न 5: जैस्मिन लांबोरिया ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में किस देश की मुक्केबाज को हराया?

उत्तर: जैस्मिन लांबोरिया ने फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की खिलाड़ी को हराया।

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