जयपुर| राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। इस बीच राजस्थान से बड़ी खबर सामने आई है। राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे सिंधिया को बड़ा झटका दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर ‘प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति’ और ‘प्रदेश संकल्प पत्र समिति’ की घोषणा की गई है। इन दोनों ही समितियों में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का नाम नहीं है। ऐसे में अब राजे समर्थकों को स्क्रीनिंग कमेटी से ही उम्मीद है।
प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति में 21 लोग शामिल है, जबकि ‘प्रदेश संकल्प पत्र समिति’ में भाजपा के 25 नेता शामिल है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को संकल्प पत्र समिति तो प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद नारायण पंचारिया को चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक बनाया गया है। इसके साथ ही ओंकार सिंह लखावत, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, भजनलाल शर्मा, दामोदर अग्रवाल, सीएम मीणा, कन्हैयालाल बैरवाल को सह संयोजक बनाया है। राजेंद्र सिंह शेखावत, प्रमोद वशिष्ठ, शंकर अग्रवाल, आनंद शर्मा, पंकज गुप्ता, निर्मल शर्मा, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, सुनील कोठारी, हीरेंद्र कौशिक, धनराज सोलंकी, निर्मल नाहटा, अभिषेक रावत, अपूर्वा सिंह और स्नेहा कम्बोज को कमेटी में सदस्य बनाया गया है।
केंद्रीय मंत्री मेघवाल को संकल्प पत्र समिति का जिम्मा
भाजपा ने प्रदेश संकल्प पत्र समिति का संयोजक केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को बनाया है। वहीं, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, किरोड़ीलाल मीणा, राष्ट्रीय मंत्री अल्का सिंह गुर्जर, राव राजेंद्र सिंह, सुभाष महरिया, प्रभुलाल सैनी और राखी राठौड़ सह संयोजक बनाया गया है। इस समिति में सुशील कटारा, हिमांशु शर्मा, अशोक रामदास अग्रवाल, रतनलाल गाडरी, रामगोपाल सुथार, प्रभु धोबी, मोहन नाई, जसवंत विश्नोई, खेमराज देसाई, अशोक वर्मा, सीएम मीणा, ममता शर्मा, प्रकाश माली, श्याम सिंह चौहान, मनन चतुर्वेदी, सरदार जसबीर सिंह, डॉ. एसएस अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है।


